सहयोगियों एवं संगत की भावना के मद्देनजर फैसला लिया : शेरों


Jamshedpur.
टिनप्लेट गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान पद के उम्मीदवार सरदार बलवंत सिंह शेरों ने उम्मीदवार सरदार सुरजीत सिंह खुशीपुर के समर्थन में अपना नाम वापस ले लिया है. पिछले कई दिनों से उम्मीदवारों के बीच आम सहमति बनाने की कोशिश कर रहे दिग्गज सिख नेताओं को गुरुवार को सफलता हाथ लगी. जब सरदार बलवंत सिंह शेरों ने चुनाव मैदान से हट जाने की घोषणा कर दी. वे अपने रणनीतिकार कश्मीर सिंह शीरा, मनजीत सिंह संधू एवं जसमेर सिंह के साथ चुनाव पदाधिकारी परविंदर सिंह सोहेल से मिले और उन्हें लिखित रूप में समर्थन देने के बाबत अवगत कराया. इसके उपरान्त सभी सेंट्रल गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी कार्यालय साकची पहुंचे. वहां सुरजीत सिंह खुशीपुर अपने विश्वसनीय सहयोगी गुरचरण सिंह बिल्ला, सुरेंद्र सिंह शिंदे, परविंदर सिंह के साथ आ गए.
यहां पहले से सेंट्रल गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान सरदार भगवान सिंह, चेयरमैन सरदार शैलेंद्र सिंह, टेल्को गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान एवं चेयरमैन सरदार गुरमीत सिंह तोते, कोषाध्यक्ष गुरनाम सिंह, भाजपा नेता एवं झारखंड अल्पसंख्यक आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष गुरदेव सिंह राजा अपने समर्थकों के साथ उपस्थित थे.
यहां सरदार भगवान सिंह शेरों ने अपने फैसले की जानकारी दी. यहां सभी ने हाथ मिलाया, गले मिले और मिठाई खिलाई गई. आनन-फानन में गुरचरण सिंह बिल्ला ने माला मंगाए और एक दूसरे को पहना कर एकता का परिचय दिया.
गुरु घर की मर्यादा एवं संगत की भावना का पूरा सम्मान होगा: खुशीपुर
समर्थन देने के लिए सरदार सुरजीत सिंह खुशीपुर ने सरदार बलवंत सिंह एवं टीम के प्रति आभार प्रकट किया और उन्होंने विश्वास दिलाया कि गुरु घर की मर्यादा उन्नति एवं इलाके की संगत इच्छा अनुसार धार्मिक कार्यक्रम किए जाएंगे. विद्यालय के स्तर को ऊंचाइयों पर ले जाने का काम होगा. वहीं बिल्ला के अनुसार बलवंत सिंह शेरों का समर्थन इलाके की संगत की एकता की नींव है. इसके बाद सभी एक साथ टीनप्लेट गुरद्वारा गए. वहां माथा टेका और अपने फैसले से कार्यकारी प्रधान सरदार तरसेम सिंह सेम्मे को भी अवगत कराया. बलवंत सिंह के अनुसार उन्होंने बिना किसी दबाव में तथा सहयोगियों से विचार-विमर्श करके एवं संगत की इच्छा का सम्मान करते हुए यह फैसला लिया है. उन्होंने चुनाव पदाधिकारी से अपील की है कि मतपत्र से उनके चुनाव निशान को हटा दिया जाए. इस फैसले की जानकारी शुक्रवार को एसडीओ को भी दे दी जाएगी. वैसे, बलवंत और सुरजीत के एक होने के कयास शुरू से ही इलाके की संगत में थे. अब जब ख़ुशीपुर को समर्थन मिल गया है तो अन्य उम्मीदवार तरसेम सिंह सेमे खेमे के गुरदयाल सिंह मानावाल के समीकरण हिल गए हैं. इसके साथ ही उनके समर्थक भी सतर्क हो गए हैं और अपना समीकरण मजबूत करने में जुट गये हैं.