Jamshedpur : अमेरिकी विमान की लैंडिंग के लिए दिल्ली की बजाय अमृतसर एयरपोर्ट को क्यों प्राथमिकता दी गई : सतनाम सिंह गंभीर

SHARE:

फेडरेशन ने भारतीयों को बेड़ियों में जकड़कर वापस भेजने पर अमेरिका की आलोचना की, इसे राष्ट्रीय अपमान बताया

फतेह लाइव, रिपोर्टर.

ऑल इंडिया सिख स्टूडेंट्स फेडरेशन के पूर्वी भारत अध्यक्ष सतनाम सिंह गंभीर ने हाल ही में अमेरिका से निकाले गए भारतीयों के प्रति अपनी गहरी चिंता और सहानुभूति व्यक्त की है. यहां जारी एक प्रेस बयान में सतनाम सिंह गंभीर ने अमेरिका द्वारा भारतीयों के साथ किए जा रहे व्यवहार पर गहरी निराशा व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें हथकड़ी और बेड़ियां पहनाकर वापस भेजना न केवल राष्ट्रीय अपमान है, बल्कि भारतीयों की प्रतिष्ठा को धूमिल करने का एक लक्षित कदम भी है.

Gambhir Car Associate Motion Ads Motion Ads

अमृतसर के श्री गुरु रामदास अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर अमेरिकी सैन्य विमान सी-17 के उतरने पर सवाल उठाते हुए उन्होंने जोर देकर कहा कि हालांकि वापस भेजे गए लोगों में बड़ी संख्या गुजरात और हरियाणा से थी, लेकिन ध्यान मुख्य रूप से पंजाबियों पर था, जो पंजाबियों को बदनाम करने की एक जानबूझकर की गई साजिश का संकेत है.

निर्वासन प्रक्रिया के लिए अमृतसर हवाई अड्डे के चयन पर चिंता व्यक्त करते हुए सतनाम ने कहा कि उत्तर प्रदेश में जेवर अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे या राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली जैसे विकल्पों को अहमियत देकर चुना जा सकता था. अमृतसर हवाई अड्डे का उपयोग बड़े व्यापारिक सौदों के बजाय शर्मनाक मामलों के लिए किए जाने की आलोचना करते हुए उन्होंने इस स्थिति को पंजाबियों को बदनाम करने की एक सोची-समझी चाल करार दिया.

सतनाम सिंह गंभीर ने मांग करते हुए कहा कि भारत सरकार उन बेईमान ट्रैवल एजेंटों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करे जो निर्वासित भारतीय नागरिकों के साथ धोखाधड़ी और शोषण के लिए जिम्मेदार हैं. ऐसे ट्रैवल एजेंटों के खिलाफ की गई कार्रवाई को देखते हुए, प्रभावित व्यक्तियों द्वारा किए गए भुगतान की पूरी प्रतिपूर्ति की जानी चाहिए. उन्होंने इस तरह के भेदभाव के लिए न्याय सुनिश्चित करने के लिए जवाबदेही की आवश्यकता पर बल दिया.

[ays_poll id=1]
सबसे ज्यादा पढ़ी गई

Horoscope

Weather

और पढ़ें