नई दिल्ली से मनप्रीत सिंह खालसा.

नशे के पूर्ण खात्मे के लिए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान द्वारा शुरू किए गए “युद्ध नशों क विरुद्ध” मुहिम के तहत सख्त कार्रवाई के बाद गलियों और मोहल्लों में होने वाली नशे की आपूर्ति में भारी कमी आई है. इसके बाद अब पंजाब पुलिस ने प्रदेश में नशे के सप्लायरों और सरगनाओं समेत बड़ी मछलियों को निशाना बनाकर नशे के नेटवर्क को खत्म करने पर ध्यान केंद्रित किया है.

यह जानकारी आज यहां पंजाब के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव ने दी. डीजीपी, जिनके साथ पुलिस मुख्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में इंस्पेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (आईजीपी) मुख्यालय डॉ. सुखचैन सिंह गिल भी मौजूद थे, ने कहा कि यह अभियान अब सिर्फ गलियों और मोहल्लों में नशा बेचने वालों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है, बल्कि पंजाब पुलिस की टीमें अब प्रदेश में नशे के कारोबार में लिप्त बड़ी मछलियों की पहचान करने के लिए सभी गिरफ्तार नशा तस्करों और सप्लायरों से कड़ी पूछताछ कर रही हैं.

यह कार्रवाई डीजीपी पंजाब द्वारा सभी पुलिस कमिश्नरों (सीपी) और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों (एसएसपी) को अपने-अपने जिलों में 7 दिनों के भीतर प्रमुख नशा सप्लायरों और तस्करों की पहचान कर उनकी सूची तैयार करने के निर्देश देने के तुरंत बाद सामने आई है. डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि पंजाब सरकार द्वारा एक मार्च, 2025 को नशे के संपूर्ण उन्मूलन के लिए शुरू किए गए “युद्ध नशों विरुद्ध” मुहिम के परिणामस्वरूप राज्यभर में 2384 एफआईआर दर्ज कर 4142 नशा तस्करों को गिरफ्तार किया गया है.

उनके कब्जे से 146.3 किलोग्राम हेरोइन, 85.3 किलोग्राम अफीम, 19.95 क्विंटल भुक्की, 7.69 लाख नशीली गोलियां/कैप्सूल, 1 किलो आईसीई और 5.83 करोड़ रुपये की ड्रग मनी बरामद की गई है. उन्होंने बताया कि इस कार्रवाई से गली स्तर पर नशीले पदार्थों की उपलब्धता में भारी कमी आई है, जिसके चलते अब पुलिस बड़े स्तर पर सप्लाई चेन को तोड़ने के लिए बड़ी मछलियों पर कार्रवाई करेगी. उन्होंने कहा कि सभी सीपी/एसएसपी को बड़ी मछलियों की मैपिंग और सूचीबद्ध करने की प्रक्रिया की व्यक्तिगत रूप से निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि उनके संबंधित क्षेत्रों में नशे की आपूर्ति करने वाले सप्लायर्स का पूरा विवरण तैयार किया जा सके.

उन्होंने आगे बताया कि यह सूची पूछताछ रिपोर्ट, सार्वजनिक सुझावों, खुफिया जानकारी, “सेफ पंजाब” हेल्पलाइन से प्राप्त डेटा और एनडीपीएस अधिनियम के तहत आपराधिक जांच में सामने आए पुराने-नए संबंधों के आधार पर तैयार की जाएगी. डीजीपी ने आगे बताया कि “विलेज डिफेंस कमेटियों (वीडीसी)” की सफलता से प्रेरित होकर, पंजाब पुलिस अब नशों के खिलाफ अपनी लड़ाई को और तेज करने के तहत शहरी क्षेत्रों में मोहल्ला समितियों का गठन करने जा रही है.

उल्लेखनीय है कि वीडीसी, जिनमें सीमावर्ती गांवों के विश्वसनीय और प्रमुख व्यक्ति शामिल हैं, पुलिस टीमों के लिए ‘आंख और कान’ की भूमिका निभा रही हैं और प्रदेश से नशे को खत्म करने के लिए पंजाब पुलिस के प्रयासों में सहायक साबित हो रही है. राज्य से नशे की लत को खत्म करने के लिए नागरिकों की भागीदारी पर जोर देते हुए डीजीपी गौरव यादव ने कहा कि जैसे वीडीसी ने सीमावर्ती क्षेत्रों में ग्रामीण पुलिसिंग को मजबूत किया, वैसे ही मोहल्ला समितियां शहरी समुदायों को नशे की बुराई से सामूहिक रूप से लड़ने के लिए सक्षम बनाएंगी. डीजीपी ने इस अभियान को सफल बनाने में पंजाब पुलिस को मिल रहे समर्थन के लिए प्रदेश के नागरिकों का धन्यवाद किया और उनसे अपील की कि वे नशा तस्करों की गुमनाम रिपोर्टिंग करने के लिए सेफ पंजाब नशा विरोधी हेल्पलाइन ‘9779100200’ पर अधिक से अधिक जानकारी साझा करें.

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