फतेह लाइव, रिपोर्टर.
भारतीय रेलवे यात्रियों को सुविधा देने के लिए लाख दावे कर रहा है. नए नियम लागू हो रहे हैं, लेकिन टाटानगर स्टेशन में लगता है यात्रियों को दुख दुविधा दिलाने के लिए रेल मंत्रालय ने अधिकारियों को बैठा कर रखा है. इस स्टेशन में आमजन ट्रेनों की लेट लतीफी से परेशान तो हैं ही, लेकिन टिकट कन्फर्म लेने के लिए भी परेशानी से जूझ रहे हैं, इसका खुलासा जानिए.

इसकी लगातार शिकायतें उच्च स्तर पर हो रही हैं. विधयाक भी इस मुद्दे को कुछ सोच समझ कर उठा चुके हैं, लेकिन स्थानीय रेल प्रशासन क्या कर रहा है, इसका उदाहरण देखिये. जांच पड़ताल में हमारी टीम ने कुछ तस्वीरें ली. गुरुवार रात साढ़े नौ बजे, 10 बजे सेकेंड एंट्री गेट में लाखों करोड़ों खर्च कर बनाया गया यात्रियों को सुविधा देने वाले रिजर्वेशन काउंटर में सैकड़ों फॉर्म ईंट आदि पेपर वेट से दबे दिखें, लेकिन एक भी उपभोक्ता यहां नहीं दिखा. रेल सुरक्षा व्यवस्था भी यहां नदारद दिखी. ना कोई टीटीई मेन गेट पर था और काउंटर में कोई सुपरवाइजर. यह व्यवस्था पुराने रिजर्वेशन काउंटर से बनी हुई है, नए सीसीआई से भी यह उम्मीदें देखने वाली होंगी. टिकट दलाल यहां सुबह से रात तक हावी हैं. कैसे संचालित होता है यह गोरखधंधा? नए चेहरे सुरक्षा व्यवस्था की नाक के नीचे बदले जाते हैं और सुरक्षा अधिकारी बस सेटिंग गेटिंग में व्यस्त है.
टिकट दलाली के संदर्भ में यात्रियों को होने वाली परेशानी की खबर अगले अंक पर. (रिजेर्वेशन कर्मियों से सांठ-गांठ और अन्य कहानी )



