बूथ सशक्तिकरण, संगठनात्मक मजबूती, विचारधारा, कार्य विस्तार एवं एआई के इस्तेमाल पर कार्यकर्ताओं को मिला मार्गदर्शन
फतेह लाइव, रिपोर्टर.
भारतीय जनता पार्टी द्वारा चलाए जा रहे पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाअभियान के तहत जमशेदपुर महानगर के छह मंडलों में दो दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का रविवार को समापन हो गया। सोनारी, मानगो, उलीडीह, सीतारामडेरा, बर्मामाइंस एवं घाघीडीह मंडल में संगठन को मजबूत करने और कार्यकर्ताओं को वैचारिक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से आयोजित दो दिवसीय प्रशिक्षण वर्ग में कुल 7 सत्र संपन्न हुए।

उद्घाटन सत्र की शुरुआत पार्टी के पितृपुरुष पंडित दीनदयाल उपाध्याय एवं डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के चित्रों पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन के साथ हुई। प्रशिक्षण वर्ग में प्रदेश उपाध्यक्ष आभा महतो, सांसद विद्युत वरण महतो, विधायक पूर्णिमा साहू, प्रदेश प्रवक्ता अमरप्रीत सिंह काले, जमशेदपुर महानगर अध्यक्ष संजीव सिन्हा समेत कई वरिष्ठ नेताओं ने भाग लिया। दो दिवसीय प्रशिक्षण वर्ग में भाजपा का इतिहास, बूथ प्रबंधन एवं ‘मन की बात’, वैचारिक अधिष्ठापन, अंत्योदय से संतृप्ति, कार्य पद्धति, कार्य विस्तार, सोशल मीडिया, एआई, नमो ऐप एवं सरल ऐप के उपयोग जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर कार्यकर्ताओ को विस्तारपूर्वक प्रशिक्षण दिया गया।

विभिन्न मंडल अध्यक्षों के नेतृत्व में आयोजित प्रशिक्षण वर्ग के दौरान संगठन की नीतियों, विचारों और कार्यशैली को जमीनी स्तर तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने पर विशेष जोर दिया गया। साथ ही, कार्यकर्ताओं को बूथ स्तर पर संगठन को मजबूत करने और जनसंपर्क बढ़ाने के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम स्थल पर भाजपा के इतिहास एवं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार की प्रमुख उपलब्धियों और जनकल्याणकारी योजनाओं पर आधारित चित्र- प्रदर्शनी भी लगाई गई।
भाजपा का विस्तार कार्यकर्ताओं की मेहनत और विचारधारा की ताकत : पूर्णिमा साहू
प्रशिक्षण वर्ग को संबोधित करते हुए जमशेदपुर पूर्वी की विधायक पूर्णिमा साहू ने ‘भाजपा का इतिहास’ विषय पर संबोधित करते हुए कहा कि भाजपा का इतिहास त्याग, राष्ट्रवाद और समर्पण की यात्रा है, जिसकी शुरुआत भारतीय जनसंघ से डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी द्वारा हुई। 1977 में विभिन्न दलों के साथ मिलकर जनता पार्टी का गठन हुआ, लेकिन वैचारिक मतभेदों के कारण 1980 में भारतीय जनता पार्टी का गठन किया गया। हमारी पार्टी की विचारधारा पं. दीनदयाल उपाध्याय के एकात्म मानववाद पर आधारित है। उन्होंने कहा कि सीमित दायरे से शुरू होकर कार्यकर्ताओं की मेहनत और मजबूत संगठन के बल पर पार्टी ने देशभर में विस्तार किया। 1990 के दशक में जनसमर्थन बढ़ा और श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में केन्द्र में सरकार बनी। जिन्होंने सुशासन का उदाहरण प्रस्तुत किया। वर्ष 2014 के बाद भाजपा का विस्तार तेज हुआ और आज यह दुनिया की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी बन चुकी है। उन्होंने इसका श्रेय बूथ स्तर तक मजबूत संगठन, समर्पित कार्यकर्ता, निरंतर प्रशिक्षण, जनसंपर्क और तकनीक के प्रभावी उपयोग को दिया।
बूथ प्रबंधन ही जीत की कुंजी: अमरप्रीत सिंह काले
प्रदेश प्रवक्ता अमरप्रीत सिंह काले ने ‘बूथ प्रबंधन एवं मन की बात’ कार्यक्रम पर संबोधित करते हुए कहा कि पार्टी की सफलता का सबसे मजबूत आधार बूथ स्तर का संगठन है। उन्होंने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि मजबूत बूथ ही बड़ी जीत की गारंटी है। बूथ स्तर पर मतदाताओं से निरंतर संपर्क, समस्याओं के समाधान और सरकार की योजनाओं के प्रति जागरूकता आवश्यक है। इसके साथ ही, मतदाता सूची का सत्यापन, नए मतदाताओं को जोड़ना और अधिकतम मतदान बूथ प्रबंधन के प्रमुख कार्य हैं। उन्होंने कहा कि बूथ प्रबंधन सिर्फ चुनाव तक सीमित नहीं होना चाहिए। यह एक सतत प्रक्रिया है, जिसमें कार्यकर्ता हमेशा जनता के बीच सक्रिय रहें। वहीं, उन्होंने प्रत्येक बूथ पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मन की बात कार्यक्रम को सामूहिक रूप से श्रवण करने की अपील की।

राष्ट्रवाद और एकात्म मानववाद भाजपा के वैचारिक अधिष्ठापन का आधार: संजीव सिन्हा
वहीं, भाजपा जमशेदपुर महानगर अध्यक्ष संजीव सिन्हा ने वैचारिक अधिष्ठापन विषय पर संबोधित करते हुए कहा कि भाजपा का वैचारिक अधिष्ठापन राष्ट्रवाद, सांस्कृतिक मूल्यों और अंत्योदय के सिद्धांत पर आधारित है। हमारी सोच सिर्फ सत्ता प्राप्ति तक सीमित नहीं है। यह राष्ट्र निर्माण और समाज के अंतिम व्यक्ति के उत्थान के लिए हमेशा से समर्पित रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा की मूल विचारधारा पं. दीनदयाल उपाध्याय के एकात्म मानववाद से प्रेरित है। इसी आधार पर पार्टी ‘अंत्योदय’ के संकल्प के साथ अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक विकास की रोशनी पहुंचाने का कार्य कर रही है। कहा कि भाजपा ने अपने सिद्धांतों और मूल्यों के बल पर देशभर में व्यापक स्वीकार्यता हासिल की है। श्री सिन्हा ने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे पार्टी की विचारधारा को व्यवहार में उतारें, इसे जन-जन तक पहुंचाएं और संगठन को वैचारिक रूप से सशक्त बनाने में महती भूमिका निभाएं।
इस दौरान प्रशिक्षक के रूप में पूर्व जिलाध्यक्ष रामबाबू तिवारी, अभय सिंह, सुधांशु ओझा, गुंजन यादव, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य मिथिलेश सिंह यादव, अनिल सिंह, राजन सिंह, कुलवंत सिंह बंटी, जटाशंकर पांडेय, डॉ राजीव, नीरज सिंह, अभय सिंह उज्जैन, रीता मिश्रा, खेमलाल चौधरी, ललन चौहान, जिला पदाधिकारी बबुआ सिंह, राजीव सिंह, अनिल मोदी, संजीव सिंह, जितेंद्र राय, प्रेम झा, ज्ञान प्रकाश, बिनोद कुमार सिंह, राकेश दुबे, पूर्व भाजयुमो जिलाध्यक्ष अमरजीत सिंह राजा, ओबीसी मोर्चा के प्रदेश मंत्री सोनू ठाकुर व अन्य ने विभिन्न सत्रों को संबोधित किया।
टेल्को और सुदनरंगर में दो दिवसीय प्रशिक्षण अभियान का हुआ शुभारंभ
पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाअभियान के तहत रविवार को टेल्को एवं सुंदरनगर मंडल में दो दिवसीय प्रशिक्षण वर्ग का शुभारंभ हुआ। इस दौरान प्रदेश कार्यसमिति सदस्य कल्याणी शरण, जिला मंत्री पप्पू सिंह, टेल्को मंडल अध्यक्ष विकास शर्मा, सुंदरनगर मंडल अध्यक्ष अमित मिश्रा, हेमंत सिंह समेत कई वरिष्ठ नेता व कार्यकर्ता मौजूद रहे।
प्रशिक्षण वर्ग में पूर्व जिलाध्यक्ष चंद्रशेखर मिश्रा, सोनारी मंडल अध्यक्ष प्रशांत पोद्दार, मानगो मंडल अध्यक्ष बिनोद राय, उलीडीह मंडल अध्यक्ष रविन्द्र सिसोदिया, बर्मामाइंस मंडल अध्यक्ष रितेश झा, सीतारामडेरा मंडल अध्यक्ष रंजीत सिंह, घाघीडीह मंडल अध्यक्ष आनंद कुमार समेत ओबीसी मोर्चा अध्यक्ष सागर राय, राजेश कुमार सिंह, राकेश सिंह, सतवीर सिंह सोमू, दीपक झा, सूरज सिंह, नीलु अवस्थी, रघुनंदन शर्मा, बिरेन्द्र कुमार, शंकर सिंह, अशोक मिश्रा, बिनानंद सिरका, ज्ञानेन्द्र सिंह, सुनील सिंह, घनश्याम साव, नंदकिशोर सिंह कल्लू, अशोक मिश्रा, बिकास जसवाल, मनोज तिवारी, शैलेश गुप्ता, धनराज गुप्ता, अमीर कुमार पैरा, राम चंद्र प्रसाद, उमेश साव, अरूण मिश्रा, रमेश नाग, विरेन्द्र कुमार यादव, राजा बाग, मिथिलेश साव, पूरण वर्मा, अजय श्रीवास्तव, अब्बू असरफ, नारायण प्रसाद, सतेंन्द्र सिंह यादव, संजय रजक, अनिमेष सिन्हा, गौतम मुखर्जी, संध्या नंदी, सपन चौधरी, राकेश प्रसाद, मधु तांती, संजना साहू, मीरा शर्मा, अभय कुमार मोहंती, महावीर सिंह, राजु प्रजापी व सैकड़ों अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।



