फतेह लाइव, रिपोर्टर.
जमशेदपुर में टेल्को थाना क्षेत्र स्थित लेबर ब्यूरो गोलचक्कर के पास जिंदा गोलियों के साथ पकड़े गए एक किशोर को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। आरोप है कि पुलिस ने पहले उसे नाबालिग बताया, लेकिन महज 24 घंटे के भीतर उसकी उम्र 19 वर्ष दर्शाकर उसे घाघीडीह सेंट्रल जेल भेज दिया।
गिरफ्तारी के समय पुलिस ने आरोपी को नाबालिग बताया था, लेकिन अगले ही दिन उसकी उम्र 19 वर्ष दिखा दी गई। इस कार्रवाई को लेकर परिजनों ने पुलिस पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि अगर आरोपी नाबालिग था तो उसे रिमांड होम भेजा जाना चाहिए था, न कि जेल।
मामले में बताया जा रहा है कि मंगलवार को आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेजते समय उसकी उम्र 19 वर्ष दर्ज की गई। इससे पहले उसकी उम्र कम बताई जा रही थी। इस तरह 24 घंटे में उम्र में करीब साढ़े तीन साल की बढ़ोतरी दिखने से मामला संदिग्ध हो गया है।
परिजनों के अनुसार, आरोपी की जन्मतिथि 3 नवंबर 2010 है, जिसके आधार पर उसकी उम्र करीब 15 वर्ष 5 माह होती है। उन्होंने दावा किया कि उसकी वास्तविक उम्र 16 वर्ष के आसपास है। इस पूरे मामले ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
नियमों के मुताबिक, नाबालिग और बालिग की स्थिति स्पष्ट करने के लिए दस्तावेजों की जांच और मेडिकल परीक्षण आवश्यक होता है, लेकिन इस मामले में जल्दबाजी में निर्णय लेने के आरोप लग रहे हैं।



