SOUTH EASTERN RAILWAY : अनिल कुमार जैन संभालेंगे दक्षिण पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक की कमान, 1990 बैच के हैं IRSEE अधिकारी

SHARE:

फतेह लाइव, रिपोर्टर. 

भारतीय रेलवे के प्रमुख जोनों में शामिल South Eastern Railway (दक्षिण पूर्व रेलवे) को नया महाप्रबंधक (General Manager) मिल गया है। रेलवे बोर्ड द्वारा 8 अप्रैल 2026 को जारी आदेश के अनुसार अनिल कुमार जैन (IRSEE, 1990 बैच) को इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी के लिए नियुक्त किया गया है।

यह नियुक्ति केंद्र सरकार की Appointments Committee of the Cabinet (एसीसी) की मंजूरी के बाद की गई है। जारी सूची में देशभर के विभिन्न रेलवे जोनों में खाली पड़े शीर्ष पदों को भरने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों के नाम शामिल किए गए हैं।

Gambhir Car Associate Motion Ads Motion Ads

अनिल कुमार जैन भारतीय रेलवे इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग सेवा (IRSEE) के 1990 बैच के अनुभवी अधिकारी हैं। अपने करियर के दौरान उन्होंने कई अहम जिम्मेदारियां निभाई हैं। वर्ष 2021 में उन्हें Rajkot का मंडल रेल प्रबंधक (DRM) बनाया गया था, जहां उन्होंने संचालन और प्रशासनिक स्तर पर कई महत्वपूर्ण सुधार किए।

इसके बाद वे Ahmedabad मेट्रो रेल प्रोजेक्ट से जुड़े और परियोजना के विभिन्न कार्यों की निगरानी की, जिससे उन्हें शहरी परिवहन और आधुनिक रेल परियोजनाओं का भी व्यापक अनुभव मिला।

दक्षिण पूर्व रेलवे में यह नियुक्ति ऐसे समय पर हुई है जब हाल ही में पूर्व महाप्रबंधक अनिल कुमार मिश्रा 31 मार्च 2026 को सेवानिवृत्त हो गए। उनके रिटायरमेंट के बाद अस्थायी रूप से यह जिम्मेदारी अतिरिक्त महाप्रबंधक सौमित्रो मजूमदार को सौंपी गई थी। अब स्थायी नियुक्ति के रूप में अनिल कुमार जैन को यह पद दिया गया है।

दक्षिण पूर्व रेलवे, जिसका मुख्यालय कोलकाता (गार्डनरीच) में स्थित है, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के बड़े हिस्से को कवर करता है। यह जोन खासतौर पर खनिज, कोयला और स्टील परिवहन के लिए देश के सबसे अहम रेलवे नेटवर्क में गिना जाता है। ऐसे में यहां महाप्रबंधक का पद काफी रणनीतिक महत्व रखता है।

नए जीएम के रूप में अनिल कुमार जैन के सामने कई महत्वपूर्ण चुनौतियां होंगी। इनमें ट्रेनों की समयबद्धता में सुधार, यात्री सुविधाओं का विस्तार, माल ढुलाई को और अधिक कुशल बनाना तथा रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर के आधुनिकीकरण को गति देना शामिल है। इसके साथ ही सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करना और लंबित परियोजनाओं को समय पर पूरा करना भी उनकी प्राथमिकता रहेगी।

रेलवे बोर्ड द्वारा जारी आदेश के अनुसार, उनकी नियुक्ति पदभार ग्रहण करने की तिथि से प्रभावी होगी और अगले आदेश तक लागू रहेगी। उनके नेतृत्व में दक्षिण पूर्व रेलवे के बेहतर प्रदर्शन और विकास की उम्मीद जताई जा रही है।

[ays_poll id=1]
सबसे ज्यादा पढ़ी गई

Horoscope

Weather

और पढ़ें