कमल व रवि पासवान और उनके ट्रिपल मर्डर केस वाले आदित्यपुर के पार्टनर का अवैध धंधा खोल रहा पुलिस मंथली की पोल, अपराधियों तक को मिल रहा धड़ल्ले से संरक्षण
कई बार अवैध कारोबार का हुआ वीडियो वायरल, लेकिन पुलिस ने नहीं ली दिलचस्पी, चेले चम्मचे लेके घूम रहे हथियार
फतेह लाइव, रिपोर्टर.
जमशेदपुर में चल रहा मटका लॉटरी का अघोषित व्यापार पुलिस-प्रशासन पर दाग लगा रहा है. साकची थाना इलाके के मुर्गा लाइन में डेढ़ साल से यह धंधा इतना फल फूल गया है कि पुलिस और सफेदपोशों तक पहुंचने वाली मंथली की चर्चा से पुलिस की व्यवस्था तार तार होने लगी है. ऐसा नहीं कि इससे व्यवस्था अनभिज्ञ है, लेकिन अवैध कमाई का लालच इतना बढ़ गया है कि खाकी पर दाग लगने की भी कोई परवाह इन जिम्मेदार पुलिस अधिकारियों को नहीं है.
जी हां, हम बात कर रहे हैं ऐसे अड्डे के संचालक कमल पासवान और रवि पासवान की. लगातार शिकायतों की पड़ताल में यह बात सामने आई है कि इनका एक और पार्टनर आदित्यपुर का छोटू राम भी है. वह अपने इलाके का बड़ा अपराधी और ट्रिपल मर्डर केस का अभियुक्त है. सूत्र बताते हैं कि उसके कई चेले साकची मुर्गा लाइन में मटका अड्डे पर मुस्तैद रहते हैं.500 से 1000 तक की कमाई के लिए वह कोई अनहोनी होने पर किसी को भी टपकाने तक के लिए तैयार रहते हैं.
और हो भी क्यों ना इतनी जबरदस्त सेटिंग जो बना रखी है.सूत्रों के अनुसार प्रतिदिन इस मटका अड्डे से चार से साढ़े चार लाख तक का कारोबार होता है.जहां गरीब-गुरबों को एक झटके में अमीर बनने के सपने रोजाना दिखाए जा रहे हैं और उनकी गाड़ी कमाई लूटी जा रही है. रोज मर्रा की कमाई उड़ाने वालों में कमजोर वर्ग, दलित और आदिवासी वर्ग के युवा भी इसका खामियाजा भुगत रहे है.
सूत्र यह भी बताते हैं कि प्रतिदिन लाख से डेढ़ लाख तक के मुनाफे वाले इस गोरखधंधे का तीन लाख से ज्यादा हिस्सा पुलिस को पहुंच रहा है. इसलिए तो खुलेआम साकची थाना क्षेत्र के मुख्य बाजार में यह धंधा संचालित हो रहा है.धंधे के मुनाफे की मंथली में डीएसपी से लेकर उच्च अधिकारी तक संलिप्त हैं.यह चर्चा अधिकारियों की कार्यशैली की पोल खोल रही है लेकिन खाकी को शर्मसार बनाकर रक्षक आंख बंद किए हुए हैं.

यही नहीं इस अवैध कारोबार का हिस्सा कुख्यात अपराधियों पर भी खर्च किया जा रहा है.अपराधियों की बेल कराने से लेकर कई संदिग्ध गतिविधियों में मटका माफिया कमल पासवान के मार्फत कार्य संपन्न कराये जा रहे हैं.

सूत्रों के अनुसार कमल एक बड़े राजनीतिक दल का झंडा भी ढो रहा है ताकि उसे राजनीतिक संरक्षण भी मिलता रहे.राजनेताओं पर भी खर्च कर पैरवी के बल पर वह पुलिस प्रशासन को कठपुतली बना चुका है.अगर पुलिस कभी इस धंधे पर निष्पक्ष कार्रवाई करती तो उस पार्टी की क्षवि धूमिल होने से कोई नहीं रोक सकता है.

बहरहाल इससे पूर्व भी फतेह लाइव ने कमल पासवान के अड्डे की एक वायरल वीडियो पर खबर प्रकाशित की थी, जिसके बाद कुछ दिनों तक हड़कंप मचा रहा, लेकिन पुनः सब कुछ जस का तस बना हुआ है. नेता लोग भी सेटिंग गेटिंग करने के लिए दौड़ने लगे थे. अब फिर एक बार कमल के अड्डे वीडियो और तस्वीरें वायरल हो रही है, जिसकी पुष्टि फतेह लाइव नहीं करता.बाजार के दुकानदार और आम लोग हों या वहां आने जाने वाले शहरवासी सभी इस अड्डे में संचालित गतिविधियों को लेकर सहमे हुए हैं.
जेल में बंद और बाहर घूम रहे अपराधियों के इशारे पर कभी भी यह अवैध कारोबार पुलिस प्रशासन के लिए चुनौती बन सकता है. बहरहाल, यहां कई बार टकराव हो चुका है.पुराने कई ऐसे अपराधिक मामले हैं, जिसका पहले भी खुलासा हो चुका है.अब आम लोगों का कहना है कि एसएसपी,सिटी एसपी,डीएसपी,थानेदार इस धंधे को संरक्षण नहीं कर रहे हैं तो कार्रवाई क्यों नहीं करते? सबसे हैरानी की बात है कि स्थानीय सांसद, विधायक, पार्टियों के जिला अध्यक्ष और बुद्धिजीवी वर्ग भी इस भ्रष्ट सिस्टम पर कभी बोलना ही नहीं चाहते. कुल मिलाकर खुलेआम लूट के इस धंधे का मैनेजिंग सिस्टम ऐसा बन गया है कि जैसे इस धंधे को मानो अघोषित लाईसेंस ही दे दिया गया है.(जारी….)



