WhatsApp Image 2026-08-13 at 5.45.20 PM
WhatsApp Image 2026-08-14 at 12.53.32
WhatsApp Image 2026-08-14 at 12.53.33 PM
WhatsApp Image 2026-08-13 at 5.45.21
WhatsApp Image 2026-08-14 at 12.53.32 PM
WhatsApp Image 2026-08-13 at 5.45.21 PM
WhatsApp Image 2026-08-13 at 5.45.21 P
WhatsApp Image 2026-08-13 at 5.56.39
WhatsApp Image 2026-08-14 at 12.53.50 PM
WhatsApp Image 2026-08-13 at 5.56.40 PM
WhatsApp Image 2026-08-13 at 5.57.06 PM
WhatsApp Image 2026-08-13 at 6.01.52 PM
WhatsApp Image 2026-08-13 at 6.01.53 PM
WhatsApp Image 2026-08-13 at 6.01.53
WhatsApp Image 2026-08-13 at 6.03.06 PM
WhatsApp Image 2026-08-13 at 6.03.20 PM
WhatsApp Image 2026-08-13 at 6.03.45 PM
WhatsApp Image 2026-08-13 at 6.03.46 PM
WhatsApp Image 2026-08-13 at 6.03.46

Jamshedpur : शहर पहुंची भगवान परशुराम की भव्य प्रतिमा, 19 अप्रैल को स्थापना का कार्यक्रम

SHARE:

 बागबेड़ा स्थित परशुराम भवन में रखा गया, अक्षय तृतीया पर विधिवत पूजन के बाद होगी स्थापना

फतेह लाइव, रिपोर्टर.

राजस्थान की राजधानी जयपुर में निर्मित भगवान् परशुराम की भव्य प्रतिमा गुरुवार को जमशेदपुर पहुँच गई। यह प्रतिमा बागबेड़ा स्थित परशुराम भवन में सुरक्षित रखी गई है, जहां 19 अप्रैल को अक्षय तृतीया के अवसर पर विधिवत पूजन के बाद इसकी स्थापना की जाएगी।

Gambhir Car Associate Motion Ads Motion Ads

बताया जा रहा है कि करीब 1.80 लाख रुपये की लागत से संग-मरमर से तैयार यह प्रतिमा काफी भारी है। इसके वजन को देखते हुए इसे वाहन से उतारने के लिए विशेष उपकरण और वाहन की सहायता लेनी पड़ी। प्रतिमा के शहर पहुँचने के साथ ही श्रद्धालुओं में उत्साह का माहौल है।

ब्राह्मण युवा शक्ति संघ के संस्थापक अप्पू तिवारी ने बताया कि भगवान परशुराम प्राकट्योत्सव के अवसर पर 19 अप्रैल को विधिवत पूजा-अर्चना के बाद प्रतिमा को परशुराम भवन में स्थापित किया जाएगा। इस आयोजन को लेकर तैयारियां जोरों पर हैं। वहीं पूर्व संध्या पर 18 अप्रैल को जुगसलाई से बागबेड़ा तक शोभा यात्रा का आयोजन निश्चित किया गया है।

उन्होंने बताया कि फिलहाल आयोजन स्थल पर प्रतिमा स्थापना को लेकर सौंदर्यीकरण और अन्य आवश्यक कार्य अंतिम चरण में हैं। आयोजन को भव्य और आकर्षक बनाने के लिए विशेष सजावट की जा रही है, ताकि यह स्थल श्रद्धालुओं के लिए आस्था का प्रमुख केंद्र बन सके।

मूर्ति स्थापित में मुख्य रूप से परशुराम भवन में विमलेश उपाध्याय, आनंदी ओझा, रामनाथ दुबे, मुन्ना मिश्रा, महेश मिश्र,अंकित आनंद, पवन ओझा, सोनू झा, रंजीत झा,समेत अन्य मौजूद रहे।

अभी-अभी

ਪੰਜਾਬੀ ਖ਼ਬਰਾਂ

Horoscope

Weather

और पढ़ें

हिंदी खबर