झारखंड सरकार की डीआईजी श्वेता और ईसीएल डायरेक्टर टेक्निकल चित्रंजन कुमार ने साझा किए अनुभव, करियर और व्यक्तित्व विकास पर दिया मार्गदर्शन
फतेह लाइव, रिपोर्टर।
फतेह लाइव, धनबाद। बिरसा प्रौद्योगिकी संस्थान (बीआईटी), सिंदरी में सत्र 2026-30 के नवप्रवेशित बी.टेक विद्यार्थियों के लिए आयोजित स्टूडेंट इंडक्शन कम ओरिएंटेशन प्रोग्राम के पांचवें दिन प्रेरक संवाद, पूर्व छात्रों के अनुभव और करियर विकास से जुड़े महत्वपूर्ण सत्र आयोजित किए गए। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को सफलता के लिए अनुशासन, सकारात्मक सोच, निरंतर मेहनत और व्यक्तित्व विकास का मंत्र दिया गया।

कार्यक्रम के प्रथम सत्र में झारखंड सरकार की डीआईजी, रजिस्ट्रेशन सुश्री श्वेता ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए अपने कॉलेज जीवन और पेशेवर यात्रा के अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को असफलताओं से घबराने के बजाय उनसे सीख लेकर आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने सकारात्मक सोच विकसित करने, अपनी प्रतिभा को निखारने तथा कॉलेज के क्लबों और सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी करने के लिए प्रेरित किया।

द्वितीय सत्र में ईसीएल के डायरेक्टर टेक्निकल श्री चित्रंजन कुमार ने विद्यार्थियों को लक्ष्य के प्रति निरंतर मेहनत, अनुशासन और सोच-समझकर निर्णय लेने का महत्व बताया। उन्होंने कहा कि अकादमिक उपलब्धियों के साथ-साथ विद्यार्थियों को सॉफ्ट स्किल्स, आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता का भी विकास करना चाहिए।

दोनों सत्रों के दौरान विद्यार्थियों ने वक्ताओं के साथ संवाद करते हुए अपनी जिज्ञासाएं रखीं। कार्यक्रम में शामिल दोनों पूर्व छात्रों को बीआईटी सिंदरी के निदेशक प्रो. (डॉ.) पंकज राय ने पुष्पगुच्छ एवं शॉल भेंट कर सम्मानित किया।
इसके बाद दोपहर में करियर डेवलपमेंट सेंटर (सीडीसी) द्वारा विशेष सत्र का आयोजन किया गया। सीडीसी के चेयरमैन प्रो. (डॉ.) घनश्याम ने विद्यार्थियों को करियर डेवलपमेंट सेंटर की भूमिका, उपलब्ध अवसरों तथा प्रशिक्षण और प्लेसमेंट से संबंधित विभिन्न गतिविधियों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने नवप्रवेशित विद्यार्थियों से शुरुआत से ही अपने करियर को लेकर जागरूक और योजनाबद्ध रहने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में प्रो. (डॉ.) आर.के. वर्मा, चेयरमैन इंडक्शन प्रोग्राम, प्रो. (डॉ.) राहुल कुमार, कन्वेनर इंडक्शन प्रोग्राम तथा प्रो. संजय पाल ने समन्वय और व्यवस्थाओं में सक्रिय योगदान दिया।
वहीं प्रो. विजय कुमार बेसरा, डॉ. सोमनाथ साहा, प्रो. जितेंद्र कुमार, डॉ. उस्निस बनर्जी, डॉ. प्रियंका कुमारी, डॉ. कोमल कुमारी, डॉ. शबनम स्वाती मिंज, प्रो. प्रशांत रंजन मालवीय, डॉ. निरुपमा सहित छात्र समन्वयकों का कार्यक्रम के आयोजन में विशेष सहयोग रहा।



































