मनोहरटांड़, डोमगढ़ और SL-2 को उजाड़ने के विरोध में हजारों लोग सड़क पर उतरे, कफन पहनकर और सिर मुंडवाकर जताया आक्रोश
फतेह लाइव, रिपोर्टर।
सिंदरी में एफसीआईएल (FCIL) की आवास नीति और मनोहरटांड़, डोमगढ़ एवं एसएल-2 क्षेत्र को खाली कराने तथा क्वार्टर तोड़ने की प्रक्रिया के खिलाफ लोगों का आक्रोश बुधवार की शाम सड़कों पर फूट पड़ा। सिंदरी बचाओ सामूहिक मोर्चा के संयोजक रविंद्र प्रसाद सिंह के नेतृत्व में हजारों महिला-पुरुषों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए FCIL प्रबंधन के खिलाफ शव यात्रा निकाली और रोडाबांध स्थित अंबेडकर चौक पर पुतला दहन किया।
03 सितंबर की शाम करीब 6 बजे आयोजित विरोध कार्यक्रम में आक्रोशित सिंदरीवासियों ने मनोहरटांड़ से FCIL प्रबंधन का प्रतीकात्मक शव यात्रा निकाला। प्रदर्शनकारी पैदल मार्च करते हुए अंबेडकर चौक पहुंचे, जहां मंत्रोच्चार के बीच प्रबंधन के पुतले का दहन किया गया।
कफन पहनकर और सिर मुंडवाकर किया अनोखा विरोध
विरोध प्रदर्शन का सबसे खास दृश्य प्रतीकात्मक शव यात्रा रही। अर्थी पर FCIL प्रबंधन का पुतला रखकर प्रदर्शन किया गया। इस दौरान कुछ प्रदर्शनकारी कफन पहनकर, सिर मुंडवाकर और हाथों में दाह-अग्नि लेकर शव यात्रा में शामिल हुए। इस अनोखे विरोध के जरिए लोगों ने FCIL प्रबंधन के फैसले के प्रति अपना तीखा आक्रोश जताया।
प्रदर्शनकारियों ने जोरदार नारेबाजी करते हुए कहा—
“प्रबंधन होश में आओ”
“मनोहरटांड़, डोमगढ़ और SL-2 नहीं टूटेगा”
“भ्रष्ट रिटायर अफसर की मनमानी नहीं चलेगी”
“प्रबंधन के दलाल ठेकेदार होश में आओ”
जीवन के अंतिम क्षण तक संघर्ष का ऐलान
पुतला दहन से पूर्व आयोजित सभा में वक्ताओं ने FCIL प्रबंधन के आदेश को गलत बताते हुए कहा कि सिंदरीवासियों का संघर्ष अंतिम समय तक जारी रहेगा। आंदोलनकारियों ने स्पष्ट कहा कि वे किसी का घर टूटने नहीं देंगे और सिंदरी को उजाड़ने के किसी भी प्रयास का पुरजोर विरोध करेंगे।
सिंदरी बचाओ सामूहिक मोर्चा के संयोजक रविंद्र प्रसाद सिंह ने कहा कि FCIL प्रबंधन का कथित तुगलकी फरमान और क्वार्टर तोड़ने की प्रक्रिया स्वीकार नहीं की जाएगी। जरूरत पड़ी तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
ये लोग रहे प्रमुख रूप से मौजूद
विरोध प्रदर्शन एवं पुतला दहन कार्यक्रम में धर्मजीत सिंह, पवन शर्मा, शशि सिंह, प्रकाश श्रीवास्तव, अरविंद खत्री, सुमन चौधरी, पार्षद धीरज सिंह, सोनू शैलेश पांडे, अनामिका तिवारी, रंजना शर्मा, नीतीश सिंह, डीएन सिंह, अरुण सिंह और मनोज मिश्रा समेत बड़ी संख्या में सिंदरीवासी शामिल हुए।



































