मास्टरमाइंड News-26 का सफेदपोश एमडी अशोक उर्फ राघव, यूपी के दो शूटर समेत 6 गिरफ्तार
दो पिस्टल, 7 जिंदा कारतूस, 6 मोबाइल और वारदात में प्रयुक्त लाल Hyundai – i10 बरामद
चांडिल की जमीन को लेकर की गई हत्या, गैंगवार के कारणों का जारी है अनुसंधान : एसएसपी
चांडिल के 10th Mile होटल में दिनदहाड़े हुई थी होटल कारोबारी की जघन्य हत्या। जमशेदपुर के एसएसपी डॉ. एहतेशाम वकारिब और सरायकेला-खरसावां एसपी मनोज स्वर्गीयारी के नेतृत्व और वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में जमशेदपुर व सरायकेला पुलिस की संयुक्त SIT ने इस हाई-प्रोफाइल हत्याकांड का उद्भेदन किया है। टीम में दोनों जिलों के पुलिस अधिकारियों, थाना प्रभारियों और तकनीकी शाखा के विशेषज्ञों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
फतेह लाइव, रिपोर्टर।
जमशेदपुर के युवा होटल कारोबारी निखार सबलोक की चर्चित हत्या की गुत्थी पुलिस ने सुलझाने का दावा किया है। चांडिल थाना क्षेत्र के आसनबनी स्थित 10th Mile होटल में दिनदहाड़े गोली मारकर की गई हत्या के मामले में विशेष अनुसंधान टीम (SIT) ने मास्टरमाइंड बताए जा रहे अशोक कुमार सिंह उर्फ राघव समेत छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

गिरफ्तार आरोपियों में जमशेदपुर के साथ-साथ उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर के दो आरोपी भी शामिल हैं। पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त दो देशी पिस्टल, सात जिंदा कारतूस, छह मोबाइल फोन और अपराधियों के फरार होने में इस्तेमाल लाल रंग की Hyundai i10 कार बरामद की है।

इस संबंध में बुधवार को जमशेदपुर के वरीय पुलिस अधीक्षक डॉ. एहतेशाम वकारिब और सरायकेला-खरसावां के पुलिस अधीक्षक मनोज स्वर्गीयारी ने संयुक्त प्रेस वार्ता कर पूरे मामले की जानकारी दी।

एसएसपी डॉ वकारिब ने बताया कि इस घटिया अपराध को लेकर टीम ने छह लोगों को गिरफ्तार किया। सभी अपराधियों का अपराधिक इतिहास रहा है। उन्होंने कहा कि फैमिली रेस्टोरेंट में जिस तरह जघन्य अपराध किया गया था। उसमें लगातार सात दिन से पुलिस मेहनत कर रही थी। उन्होंने बताया कि हत्या के कारणों की वजह जमीन विवाद रही। निखार भी जमीन का कारोबार करता था। उसे लेकर दो ग्रुप में लड़ाई चल रही थी। गैंगवार के सवाल पर एसएसपी ने कहा कि इसकी जांच की जा रही है। वैसे, गणेश सिंह और अखिलेश सिंह इस मामले से जुड़े हैं।

अखिलेश सिंह मसले पर जांच जारी : SSP
अखिलेश सिंह का नाम शामिल होने के सवाल पर एसएसपी ने झारखंड के कुख्यात गैंगस्टर का नाम नहीं लिया और जांच जारी होने की बात दोहराई। हालांकि उन्होंने यह संकेत दिए कि चाहे वह जो भी सफेदपोश हो, उनकी चल अचल संपत्ति की जांच की जाएगी और सख्त कार्रवाई की जाएगी। हत्या को लेकर 15 लाख में सुपारी दी थी, लेकिन पैसे का लेनदेन नहीं हुआ। सुपारी किसने दी थी, इसकी जांच की जा रही है। बहुत दिन से हत्या की तैयारी चल रही थी।
सरायकेला एसपी मनोज स्वर्गीयारी ने बताया कि सुनील चालक की भूमिका में था। पीछे दो शूटर बैठे थे। आगे की सीट में रितेश था। रितेश रेकी कर रहा था। रितेश ने आकर सबलोक यानी (विकटिम) की जानकारी दी। ड्राइवर ने सब व्यवस्था की थी। शर्ट का कलर भी बताया। सोनारी में रूम भी दिलवाया था। भागे और रांची में गाड़ी छोड़ी और पीछा करते हुए उन्हें धर दबोचा।
एमपी और बनारस में टीम मौजूद
सरायकेला एसपी ने बताया कि बनारस और एमपी में हमारी टीम मुस्तैद है। जल्द ही फरार लोगों को भी पकड़ लिया जायेगा।
क्या है सफेदपोश अपराध (White-Collar Crime) समाज के प्रतिष्ठित, उच्च सामाजिक स्थिति वाले या पेशेवर लोगों द्वारा अपने व्यवसाय या पेशे के दौरान वित्तीय लाभ कमाने के लिए किया जाने वाला अहिंसक अपराध है।
जमीन के कारोबार से जुड़ी बैठक के दौरान हुई थी हत्या
स्थानीय जांच और घटना के शुरुआती तथ्यों से यह बात सामने आई थी कि निखार सबलोक आसनबनी क्षेत्र में जमीन से जुड़े एक मामले को लेकर 10th Mile होटल पहुंचे थे। वहां जमीन संबंधी बातचीत और बैठक के बाद बाहर निकलने के दौरान पहले से घात लगाए अपराधियों ने उन पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दी थीं। निखार को गंभीर हालत में इलाज के लिए टीएमएच ले जाया गया था, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
हत्या के पीछे जमीन विवाद, आपसी रंजिश और आपराधिक गिरोहों के कनेक्शन समेत विभिन्न बिंदुओं पर पुलिस ने जांच की। पूर्व में स्थानीय स्तर पर यह भी चर्चा रही कि जमीन के कारोबार और पुराने विवादों की पृष्ठभूमि में निखार को निशाना बनाया गया। हालांकि पुलिस की जांच अभी अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी और पूरे षड्यंत्र के सभी पहलुओं तक जारी है।
24 अगस्त को हुई थी सनसनीखेज वारदात
पुलिस के अनुसार, 24 अगस्त 2026 को चांडिल थाना क्षेत्र के आसनबनी स्थित 10th Mile होटल में 33 वर्षीय निखार सबलोक को अज्ञात अपराधियों ने गोली मारकर गंभीर रूप से घायल कर दिया था। निखार सबलोक बिष्टुपुर सीएच एरिया के मूल निवासी थे और वर्तमान में कदमा थाना क्षेत्र के विजया हेरिटेज में रहते थे। घटना के बाद उन्हें तत्काल टीएमएच, जमशेदपुर पहुंचाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
पिता ने दर्ज कराया था मामला
मृतक के पिता संजीव सबलोक के लिखित आवेदन पर चांडिल थाना कांड संख्या 115/2026, दिनांक 25 अगस्त 2026 के तहत धारा 103(1)/61(2) बीएनएस एवं 27 आर्म्स एक्ट में अज्ञात अपराधियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया।
डीआईजी के निर्देश पर बनी संयुक्त SIT
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस उप-महानिरीक्षक, सिंहभूम (कोल्हान) क्षेत्र, चाईबासा के निर्देश पर जमशेदपुर और सरायकेला-खरसावां पुलिस की संयुक्त विशेष अनुसंधान टीम (SIT) गठित की गई।
एसएसपी डॉ. एहतेशाम वकारिब और एसपी मनोज स्वर्गीयारी के नेतृत्व में गठित टीम ने तकनीकी साक्ष्य, मोबाइल लोकेशन, सीसीटीवी फुटेज, मानवीय सूचना और अन्य वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर लगातार छापेमारी अभियान चलाया।
जांच के दौरान अपराधियों द्वारा घटना के बाद फरार होने में इस्तेमाल लाल रंग की Hyundai i10 कार, रजिस्ट्रेशन नंबर JH-05-AN-5503, को रांची से बरामद कर जब्त किया गया।
मास्टरमाइंड समेत ये 6 आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने निखार सबलोक हत्याकांड में निम्नलिखित छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है…
1. अशोक कुमार सिंह उर्फ राघव
पिता- स्वर्गीय राम नरेश सिंह
निवासी- खुंटाडीह, सोनारी, पूर्वी सिंहभूम
2. सुनील रजक
पिता- सुरेश रजक
निवासी- संजय पथ, लक्ष्मण नगर, डिमना रोड, मानगो
3. रितेश सिंह
पिता- राकेश सिंह
निवासी- संजय पथ, लक्ष्मण नगर, डिमना रोड, मानगो
4. सुशील केराई
उम्र- 30 वर्ष
पिता- दुबराई केराई
निवासी- सिद्धू-कान्हू बस्ती, सोनारी, जमशेदपुर
5. राज कुमार सिंह उर्फ प्रिंस
पिता- स्वर्गीय सिकंदर सिंह
निवासी- मांगपुर, थाना लंभुआ, जिला सुल्तानपुर, उत्तर प्रदेश
6. अंकित सिंह
पिता- राम कुमार सिंह
निवासी- गोलबरा, सरायां अंचल, कोतवाली देहात, जिला सुल्तानपुर, उत्तर प्रदेश
दो पिस्टल और सात जिंदा कारतूस बरामद
SIT की कार्रवाई में पुलिस को हत्या से जुड़े अहम सबूत मिले हैं।
ये है बरामद सामान
– वारदात में प्रयुक्त लाल रंग की Hyundai i10 कार, नंबर JH-05-AN-5503
– एक देशी पिस्टल और मैगजीन में चार जिंदा कारतूस
– एक देशी पिस्टल और मैगजीन में तीन जिंदा कारतूस
– कुल छह मोबाइल फोन
आगे क्या
पुलिस अब बरामद हथियारों की फॉरेंसिक और बैलिस्टिक जांच के जरिए घटना से इनके सीधे संबंध की वैज्ञानिक पुष्टि कराने की प्रक्रिया में जुटी है।
कई आरोपियों का रहा है लंबा आपराधिक इतिहास
पुलिस द्वारा जारी जानकारी के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों में कई का पूर्व से आपराधिक इतिहास रहा है।
अशोक कुमार सिंह उर्फ राघव
अशोक कुमार सिंह उर्फ राघव के खिलाफ बिष्टुपुर थाना कांड संख्या 102/2026 सहित गंभीर धाराओं में मामला दर्ज होने की जानकारी पुलिस ने दी है। ये साजिशकर्ता है। न्यूज 26 का एमडी और एक अंग्रेजी अख़बार का CEO भी। सफेदपोश
सुनील रजक पर हत्या के प्रयास से लेकर आर्म्स एक्ट तक के मामले
सुनील रजक के खिलाफ पूर्वी सिंहभूम के विभिन्न थानों में कई मामले दर्ज रहे हैं।
इनमें प्रमुख रूप से—
– बागबेड़ा थाना कांड संख्या 35/2024
– ओलिडीह ओपी कांड संख्या 94/2024
– ओलिडीह ओपी कांड संख्या 176/2021
शामिल हैं। इन मामलों में हत्या का प्रयास, आपराधिक साजिश और आर्म्स एक्ट जैसी गंभीर धाराएं दर्ज हैं।
रितेश सिंह पर भी कई आपराधिक मामले
रितेश सिंह के खिलाफ ओलिडीह ओपी में वर्ष 2025 और 2026 के आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार उसके खिलाफ आर्म्स एक्ट और मारपीट समेत अन्य गंभीर धाराओं में मामले दर्ज रहे हैं।
सुशील केराई का आपराधिक रिकॉर्ड सबसे लंबा
गिरफ्तार आरोपी सुशील केराई का आपराधिक इतिहास काफी लंबा बताया गया है। उसके खिलाफ सोनारी थाना में वर्ष 2014 से लेकर 2025 तक कई मामले दर्ज हैं।
प्रमुख मामले—
– सोनारी थाना कांड संख्या 99/2014
– सोनारी थाना कांड संख्या 226/2015
– सोनारी थाना कांड संख्या 03/2019
– सोनारी थाना कांड संख्या 78/2022
– सोनारी थाना कांड संख्या 149/2024
– सोनारी थाना कांड संख्या 77/2025
– सोनारी थाना कांड संख्या 108/2025
इन मामलों में हत्या के प्रयास, आर्म्स एक्ट, एनडीपीएस एक्ट, मारपीट, आपराधिक षड्यंत्र और अन्य गंभीर धाराएं शामिल हैं।
यूपी के आरोपी अंकित सिंह पर भी हत्या समेत गंभीर मामले
उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर निवासी अंकित सिंह का भी आपराधिक इतिहास सामने आया है।
उसके खिलाफ कोतवाली देहात थाना और कमरुल इंडस्ट्रीज एरिया थाना में कई मामले दर्ज हैं।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार उसके खिलाफ हत्या, हत्या की साजिश, आर्म्स एक्ट, मारपीट और अन्य गंभीर अपराधों के मामले दर्ज हैं।
जमशेदपुर और सरायकेला पुलिस की संयुक्त कार्रवाई
इस सनसनीखेज हत्याकांड की जांच के लिए दोनों जिलों की पुलिस ने संयुक्त रूप से व्यापक अभियान चलाया। छापेमारी दल में जमशेदपुर नगर पुलिस अधीक्षक ललित मीणा, सहायक पुलिस अधीक्षक ऋषभ त्रिवेदी, घाटशिला एसडीपीओ विकास आनंद लागुरी, चांडिल एसडीपीओ शिवप्रकाश कुमार समेत दोनों जिलों के कई थाना प्रभारी, पुलिस निरीक्षक और तकनीकी शाखा के अधिकारी शामिल थे। टीम में आदित्यपुर, सरायकेला, एमजीएम, मानगो, बिष्टुपुर, चांडिल, कपाली, चौका, नीमडीह, ईचागढ़, राजनगर, ओलिडीह, गम्हरिया और अन्य थानों के पुलिस पदाधिकारियों ने संयुक्त रूप से काम किया।
तकनीकी साक्ष्य और CCTV बने पुलिस के सबसे बड़े हथियार
निखार सबलोक हत्याकांड की जांच में पुलिस ने शुरुआत से ही तकनीकी साक्ष्यों पर विशेष जोर दिया। घटनास्थल और आसपास के सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल फोन के तकनीकी विश्लेषण, अपराधियों की गतिविधियों, मानवीय सूचना और वाहनों की ट्रैकिंग के आधार पर SIT आरोपियों तक पहुंची।
घटना के बाद से ही पुलिस की कई टीमें झारखंड के बाहर भी संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही थीं। लाल Hyundai i10 कार की बरामदगी को भी जांच में एक महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा था।
अन्य आरोपियों की तलाश में छापेमारी जारी
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि निखार सबलोक की हत्या में शामिल अन्य अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। SIT अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर हत्या की पूरी साजिश, अपराध में शामिल अन्य लोगों की भूमिका, आर्थिक लेन-देन और फरारी में मदद करने वाले नेटवर्क की भी जांच कर रही है।
पुलिस के लिए चुनौतीपूर्ण था हाई-प्रोफाइल हत्याकांड
दिनदहाड़े होटल परिसर में युवा कारोबारी की गोली मारकर हत्या ने जमशेदपुर और सरायकेला-खरसावां पुलिस के सामने बड़ी चुनौती खड़ी कर दी थी। घटना के बाद जमीन विवाद से लेकर गैंग कनेक्शन और पुरानी रंजिश तक कई एंगल पर चर्चा हुई। अब छह आरोपियों की गिरफ्तारी और हथियारों की बरामदगी के साथ पुलिस ने मामले में बड़ी सफलता हासिल करने का दावा किया है। हालांकि हत्याकांड की पूरी साजिश और इसमें शामिल सभी लोगों की भूमिका को लेकर पुलिस की जांच अभी जारी है।
निखार सबलोक की हत्या से राज उठवाने में पूरी टीम का नाम एक नजर में जाने…
इन अधिकारियों की संयुक्त टीम ने किया हत्याकांड का खुलासा निखार सबलोक हत्याकांड के उद्भेदन के लिए गठित विशेष अनुसंधान टीम (SIT) और छापामारी दल में जमशेदपुर तथा सरायकेला-खरसावां जिला पुलिस के निम्नलिखित अधिकारी और पुलिसकर्मी शामिल थे।
ललित मीणा, भा.पु.से. – पुलिस अधीक्षक, नगर, जमशेदपुर।
ऋषभ त्रिवेदी, भा.पु.से. – सहायक पुलिस अधीक्षक, मुख्यालय प्रथम, जमशेदपुर।
विकास आनंद लागुरी – अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, घाटशिला।
शिवप्रकाश कुमार – अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, चांडिल।
राजेश कुमार सिंह – प्रभारी, नक्सल शाखा, सरायकेला।
अंजनी कुमार – पुलिस निरीक्षक सह थाना प्रभारी, आदित्यपुर।
राजू – पुलिस निरीक्षक सह यातायात प्रभारी, सरायकेला।
राजेश टुडू – अंचल निरीक्षक, सरायकेला।
सचिन कुमार दास – पुलिस निरीक्षक सह थाना प्रभारी, एमजीएम।
नित्यानंद प्रसाद – पुलिस निरीक्षक सह थाना प्रभारी, मानगो।
निरंजन कुमार – पुलिस निरीक्षक सह थाना प्रभारी, बिष्टुपुर।
पु.अ.नि. संतन कुमार तिवारी – थाना प्रभारी, चांडिल।
पु.अ.नि. अविनाश कुमार – ओपी प्रभारी, कपाली।
पु.अ.नि. गौरव कुमार – थाना प्रभारी, चौका।
पु.अ.नि. डील्शन बिरुआ – थाना प्रभारी, नीमडीह।
पु.अ.नि. बरुण यादव – थाना प्रभारी, ईचागढ़।
पु.अ.नि. विपुल ओझा – थाना प्रभारी, राजनगर।
पु.अ.नि. शारिक अली – ओपी प्रभारी, ओलिडीह।
पु.अ.नि. अमित कुमार – चांडिल थाना।
पु.अ.नि. सोनू कुमार – गम्हरिया थाना।
पु.अ.नि. आलम चंद महतो – चांडिल थाना।
पु.अ.नि. कमल यादव – चांडिल थाना।
पु.अ.नि. रामरेखा पासवान – आमदा ओपी प्रभारी।
पु.अ.नि. विनोद टुडू – सरायकेला थाना।
पु.अ.नि. अभय कृष्ण गिरि – चांडिल थाना।
पु.अ.नि. प्रकाश कुमार – चौका थाना।
पु.अ.नि. रविंद्र कुमार पांडेय – ओलिडीह ओपी।
तकनीकी शाखा, जमशेदपुर एवं सरायकेला-खरसावां की टीम।
फतेह लाइव के जरुरी सवाल….
बागबेड़ा के किस युवक की हत्या की थी योजना?
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सीरियल क्राइम में किन किन लोगों की हत्या होने वाली थी उनका खुलासा करे दोनों जिला की पुलिस?
धनबाद हत्याकांड का शूटर है तो खुलासा करे?



































