BCCL अधिकारी देव कुमार वर्मा ने साझा किए संघर्ष और सफलता के अनुभव, क्लब गतिविधियों से भी रूबरू हुए नवप्रवेशित छात्र
फतेह लाइव, रिपोर्टर।
बिरसा प्रौद्योगिकी संस्थान (बीआईटी), सिंदरी में सत्र 2026-30 के नवप्रवेशित विद्यार्थियों के लिए आयोजित स्टूडेंट इंडक्शन कम ओरिएंटेशन प्रोग्राम के चौथे दिन विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ-साथ उद्योग जगत, व्यावसायिक परिवेश और संस्थान की विभिन्न सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों की व्यावहारिक जानकारी दी गई। कार्यक्रम का आयोजन 3 सितंबर को किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत बीसीसीएल मुख्यालय, सीआईएल, धनबाद के सेल्स, रियलाइजेशन मार्केटिंग एंड सेल्स विभाग के हेड देव कुमार वर्मा के संबोधन से हुई। उन्होंने अपने जीवन में आई विभिन्न चुनौतियों और कोयला क्षेत्रों की कठिन कार्य-परिस्थितियों के अनुभव विद्यार्थियों के साथ साझा किए।
देव कुमार वर्मा ने बताया कि धैर्य, दृढ़ संकल्प और निरंतर प्रयास के माध्यम से कठिन से कठिन परिस्थितियों पर विजय प्राप्त की जा सकती है। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने शुरुआती शैक्षणिक वर्षों का बेहतर उपयोग करने तथा तकनीकी ज्ञान के साथ व्यावहारिक समझ और आवश्यक प्रोफेशनल स्किल विकसित करने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने वर्ष 2015 में स्थापित ‘पाठशाला’ के माध्यम से वंचित और जरूरतमंद बच्चों के लिए किए जा रहे शैक्षणिक प्रयासों की भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि व्यक्तिगत सफलता के साथ समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाना भी प्रत्येक व्यक्ति का कर्तव्य है। उनका संबोधन विद्यार्थियों के लिए उद्योग जगत की कार्यप्रणाली को समझने के साथ संघर्ष, दृढ़ता और सामाजिक उत्तरदायित्व की महत्वपूर्ण सीख देने वाला रहा।
HNC Club ने बताईं सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों की संभावनाएं
इसके बाद एचएनसीसी क्लब की ओर से नवप्रवेशित विद्यार्थियों के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान छात्रों को संस्थान में संचालित विभिन्न क्लब गतिविधियों और उनमें भागीदारी के अवसरों से अवगत कराया गया।
विद्यार्थियों को अपनी रुचि और प्रतिभा के अनुसार विभिन्न सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रोत्साहित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में रचनात्मकता, टीम भावना, सहभागिता और संस्थान के प्रति जुड़ाव की भावना विकसित करना रहा।
इन शिक्षकों और सदस्यों का रहा विशेष योगदान
कार्यक्रम के सफल आयोजन में प्रो. डॉ. आर.के. वर्मा (चेयरमैन, इंडक्शन प्रोग्राम), प्रो. डॉ. राहुल कुमार (कन्वेनर, इंडक्शन प्रोग्राम) और संजय पाल ने समन्वय एवं व्यवस्थाओं में सक्रिय योगदान दिया।
वहीं प्रो. विजय कुमार बेसरा, डॉ. सोमनाथ साहा, प्रो. जितेंद्र कुमार, डॉ. उस्निस बनर्जी, डॉ. प्रियंका कुमारी, डॉ. कोमल कुमारी, डॉ. शबनम स्वाती मिज, प्रो. प्रशांत रंजन मालवीय एवं डॉ. निरुपमा का विशेष सहयोग रहा।



































