नवप्रवेशित विद्यार्थियों ने नृत्य, गायन, कविता और भाषण से दिखाई प्रतिभा, शिक्षकों ने दिया व्यक्तित्व विकास का मंत्र
फतेह लाइव, रिपोर्टर।
धनबाद के बिरसा प्रौद्योगिकी संस्थान (बीआईटी), सिंदरी में सत्र 2026–27 के नवप्रवेशित विद्यार्थियों के लिए आयोजित इंडक्शन कम ओरिएंटेशन कार्यक्रम के छठे दिन शनिवार को शिक्षक दिवस के अवसर पर विविध शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए।

कार्यक्रम में शिक्षकों की भूमिका, शिक्षा के महत्व और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर विस्तार से चर्चा की गई। इस अवसर पर प्रो. (डॉ.) आर.के. वर्मा ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षक केवल अकादमिक ज्ञान देने तक सीमित नहीं होते, बल्कि विद्यार्थियों के आत्मविश्वास, व्यक्तित्व और उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
उन्होंने भावनात्मक बुद्धिमत्ता, बेहतर आपसी संबंध और लोगों से जुड़ने की क्षमता को व्यक्तित्व विकास के लिए आवश्यक बताया। विद्यार्थियों को समय प्रबंधन, समूह चर्चा, नेतृत्व क्षमता और सार्वजनिक वक्तृत्व कौशल विकसित करने के साथ ही अपने चार वर्षीय अध्ययन का स्पष्ट रोडमैप तैयार करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने स्वयं अध्ययन, योग और स्वस्थ जीवनशैली को अपनाने पर भी विशेष जोर दिया।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां
कार्यक्रम का सांस्कृतिक सत्र विद्यार्थियों की रचनात्मकता और प्रतिभा का जीवंत प्रदर्शन रहा। प्रथम एवं द्वितीय वर्ष के विद्यार्थियों ने नृत्य, गायन, कविता, श्लोक पाठ और भाषण के माध्यम से अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
‘घर मोरे परदेसिया’ गीत पर विद्यार्थियों की मनमोहक नृत्य प्रस्तुति ने दर्शकों की खूब तालियां बटोरीं। विभिन्न गायन प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में मधुरता घोली, जबकि बाँसुरी वादन ने पूरे वातावरण को संगीतमय बना दिया। कविता और श्लोक पाठ ने कार्यक्रम में साहित्यिक एवं सांस्कृतिक रंग भर दिए।
विद्यार्थियों की शानदार प्रस्तुतियों ने शिक्षक दिवस समारोह को यादगार बनाने के साथ ही उनमें आत्मविश्वास, सहभागिता और रचनात्मक अभिव्यक्ति की भावना को भी प्रोत्साहित किया।
इन शिक्षकों का रहा महत्वपूर्ण योगदान
कार्यक्रम के सफल आयोजन में प्रो. (डॉ.) आर.के. वर्मा, चेयरमैन इंडक्शन प्रोग्राम, प्रो. (डॉ.) राहुल कुमार, कन्वेनर इंडक्शन प्रोग्राम, प्रो. संजय पाल तथा प्रो. (डॉ.) अमर प्रकाश सिन्हा, विभागाध्यक्ष, ईसीई का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
छात्रावास एवं विद्यार्थियों से संबंधित व्यवस्थाओं में जनरल वार्डन प्रो. (डॉ.) मनोज कुमार की सक्रिय भूमिका रही। वहीं प्रो. विजय कुमार बेसरा, डॉ. सोमनाथ साहा, प्रो. जितेंद्र कुमार, डॉ. उस्निस बनर्जी, डॉ. प्रियंका कुमारी, डॉ. कोमल कुमारी, डॉ. शबनम स्वाती मिज, प्रो. प्रशांत रंजन मालवीय एवं डॉ. निरुपमा सहित अन्य फैकल्टी सदस्यों और छात्र समन्वयकों ने आयोजन को सफल बनाने में विशेष सहयोग दिया।



































