बाहर ताला मारकर मां-बेटी को उनके ही घर में किया कैद, पीड़ित के साथ हुई खड़ी सीजीपीसी
थाना पहुंचा मामला, जांच हुई तो खुलेंगे कई राज, खुद को बताता था प्रेस वाला, निकला बढ़का फ्रॉड
फतेह लाइव, रिपोर्टर.
जमशेदपुर के सिदगोड़ा शिवसिंह बगान में बड़ी जालसाजी होने का मामला प्रकाश में आया है. जहां एक विधवा सिख महिला का करोड़ों का घर धोखे से उसके किरायेदार प्रमोद कुमार सिंह उर्फ राहुल ने अपने नाम करवा लिया. जब महिला को उसका घर छोड़ने का दबाव बनाया जाने लगा तो मामला सुर्खियों में आया. पीड़िता के अनुसार वह खुद को प्रेस का बताता था, लेकिन शहर में मीडिया से जुड़े लोगों ने उसे पहचानने से इनकार किया है.
इसे लेकर पीड़ित महिला रंजीत कौर की मदद को उसके रिश्तेदार और साथ में सेंट्रल गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (सीजीपीसी) खड़ी हो गई है. गुरुवार रात से शुक्रवार तक हुए इस घटनाक्रम में अंततः मामला एसडीएम के पास पहुंचा, जहां यह आदेश हुआ कि फिलहाल यथास्थिति बनी रहेगी. थाना प्रभारी मो. फैज अहमद ने बताया कि एसडीएम कोर्ट से अगर मामला सुलझ जाता है तो ठीक, अन्यथा सिविल कोर्ट में मामला जायेगा.
फिलहाल दोनों पक्ष पहले की तरह घर में रहेंगे. इस पूरे मामले को लेकर प्रमोद कुमार सिंह ने प्रेस को बदनाम करने का काम किया है, जहां एक बढ़े चैनल का नाम लेकर अकेली महिला पर दबाव बनाया गया. घटनाक्रम में दो अन्य पत्रकारों की मिलीभगत होने की बात भी उछल रही है, जिसमें एक महिला भी शामिल है, जो जांच का विषय है.
सीजीपीसी प्रधान भगवान सिंह ने बताया कि रंजीत कौर के साथ बिलकुल गलत हुआ है. उसे घर से निकालने के लिए पुलिस भी पहुंच गई. महिला का पक्ष भी सुनना बनता था. रात भर रंजीत कौर और उसकी बेटी को घर में कैद कर दिया गया. यह अपराधिक मामला बनता है. प्रमोद कुमार पर कड़ी कार्रवाई बनती है. फिलहाल सही समय में सीजीपीसी और रिश्तेदारों के सामने आने पर उसकी मंशा पर पानी फिर गया है. महिला ने दावा किया है कि उसके पास सारे लेनदेन के दस्तावेज हैं. वाहेगुरु न्यायलय से उन्हें इंसाफ दिलाने में मदद करेंगे.
वैसे पीड़िता ने यह शिकायत एसएसपी, डीएसपी तक को भी की थी, लेकिन उसमें संज्ञान लिया जाता तो महिला को अपनी बेटी के साथ इतनी कठिनाई नहीं होती. स्थानीय लोगों का आरोप है कि प्रमोद सोनारी में तीन चार घर होने की बात करता है तो फिर सिदगोड़ा में क्यों रहता है. जालसाजी से जो उसने प्लानिंग के साथ जो दस्तावेज तैयार किये हैं वह और क्या कुछ नहीं कर चुका होगा?
बड़ा सूदखोर भी इतना नहीं काटता, नौ महीने में जोड़ दिया अनोखा ब्याज
कोई बड़े से बड़ा सूदखोर भी इतना लालची नहीं होता. वह भी इतना वसूल नहीं करता. पीड़िता ने नम आंखों से बताया कि करीब नौ महीने पहले ही वह प्रमोद से मिली. इस अवधि में उसने करीब 27 लाख का ब्याज मेरे पर एक करोड़ पार कर दिया. ऐसे झांसे में डाला की कुछ समझ नहीं आया. घर में छठ पूजा जैसे आयोजन करते गया. बच्चे का जन्मदिन मनाया. मना करने पर भी रंगरोगन करा दिया. फिर 10 दिन पहले उसने मकान छोड़ने को कहा तो उन्हें झटका लग गया. आसपास के लोगों को जानकारी दी तो वे भी दंग रह गए. दो दिन पूर्व वे बाहर थे. वापस आये तो ताला लगा दिया. तब उनके लोगों ने ताला तोड़कर गुरुवार को अंदर कराया. रात में वह बाहर से ताला लगाकर चला गया और मुझे बेटी के साथ कैद कर दिया. भूखे प्यासे मरने के लिए छोड़ दिया.
ऐसे प्रमोद ने महिला को फंसाया, पीड़िता की जुबानी पढ़ें उसका आरोप
प्रमोद कुमार सिंह, उर्फ राहुल के द्वारा मुझे धोखे में रखकर मेरा कई चेक एवं कई सादे पेपर में लोन दिलाने के नाम पर हस्ताक्षर कराकर ठगी कर ली एवं घर हड़पने का प्रयास किया. मैं रंजीत कौर, उम्र लगभग-52 वर्ष, पति-स्व० पुष्पेन्द्र सिंह, वर्तमान पता सहारा सिटी, मानगो, थाना-मानगो, शहर-जमशेदपुर, पूर्वी सिंहभूम, झारखण्ड की रहने वाली हूँ. हमारा ऑटो पार्ट्स का व्यवसाय है, जिसे मेरे पति अपने जीवनकाल से ही सिदगोड़ा, शिव सिंह बागान स्थित मेरे मकान नंबर-SSB/46/2 थाना-सिदगोड़ा, जमशेदपुर से चलाते आ रहे थे. मेरा उक्त सिदगोड़ा स्थित घरके नीचे तल्ले से मेरा ऑटो पार्ट्स का व्यवसाय चलता है तथा उपर दो फ्लॉर बना है एवं सबसे उपरी तल्ले पर एक रूम बना हुआ है.
मेरे पति की मृत्यु हार्ट अटैक से वर्ष 2024 की 27 अक्टूबर को हो गयी थी. उसके पश्चात् मेरा व्यवसाय बन्द होने के कगार पर आ गया. तभी जहाँ से मेरे दुकान में पार्टस आते थे, लोगों के लगातार तगादा होने के कारण मैं स्वयं दुकान चलाने एवं धीरे-धीरे पैसे लोगों को लौटाने की सोची. तभी लेनदारों का दबाव बढ़ने के कारण बैंक से लोन लेने के लिए कमाल जग्गी नामक व्यक्ति से बात की, तो कमल जग्जी ने मुझे प्रमोद कुमार सिंह उर्फ राहुल का नंबर दिया एवं बोला की यह व्यक्ति आप को पैसा कहीं से दिलवा देगा. जब मैं सारी बातों को प्रमोद कुमार सिंह उर्फ राहुल को बतलायी तो प्रमोद ने मुझे बोला की मैं एक कम्पनी से पैसा दिलवा दूँगा, पर उसे चेक देना होगा. उसने मुझसे कम्पनी से लोन दिलवाने एवं कम्पनी को सूद देने के लिए पी०एन०बी० बैंक, साकची ब्रांच, 4 चेक केनरा बैंक सेविंग एवं करंट अकाउंट टेल्को ब्रांच, 4 चेक कटक बैंक बिष्टुपुर, 3 चेक एवं कुछ अन्य सादे कागज पर मुझसे हस्ताक्षर करवाया.
प्रमोद कुमार सिंह चेक एवं कागज पर हस्ताक्षर करवाते समय मेरे घर पर एक व्यक्ति को लेकर भी आया था एवं बोला की यह व्यक्ति जो कम्पनी आप को पैसा देगी. उस कम्पनी का कर्मचारी है तथा आपके घर का एवं व्यवसाय का सर्वे करने के लिए आया है. सर्वे कम्पलीट करने के बाद मुझसे एवं मेरी बेटी से कुछ कोर्ट के पेपर पर भी हमलोग से हस्ताक्षर करवाये. मैं जब पेपर पढ़ना चाही तो प्रमाद कुमार सिंह ने मुझे पेपर नहीं पढ़ने दिये तथा पेपर का बाद में फोटो कॉपी देने की बात बोलकर पेपर लेकर अपने साथ चले गया. ये सारी प्रक्रिया करने के बाद प्रमोद कुमार सिंह ने मेरे बैंक में धीरे-धीरे नवम्बर 2025 को लगभग 29,29,000/- (उनतीस लाख उनतीस हजार) रू० दिये तथा बोले की मैं भाड़ा में इधर-उधर घुम रहा हूँ और आपका घर उपर में खाली पड़ा है. मैं सिदगोड़ा वाले घर में नहीं रहती थी, तो प्रमोद सिंह को घर भाड़े में देने के लिए राजी हो गयी. कुछ दिन वह घर में अपने हिसाब से आना-जाना करता रहा.
मैं उनसे जब पूछी की आप मुझे 50,00,000/- (पचास लाख) रू० लोन दिलाने के लिए बोले थे तथा मुझसे लगभग 14 चेक एवं कई पेपर पर साईन तथा एक Security Cheque 70,00,000/- (सत्तर लाख) रू० भी लिये है. अभी तक आपका कम्पनी मुझे पैसा नहीं दी है तो वे बोले की एकाउंट बड़ा होने एवं सर्वे रिपोर्ट उपर भेजने तथा पैसा Sanction होने में समय लगने के कारण थोड़ा लेट हो रहा है. पैसा आपका आ जायगा.
उसी बीच मेरे परिवार के एक रिस्तेदार की मृत्यु फरवरी 2026 में पंजाब में होने के कारण मैं एवं मेरी बेटी पंजाब चले गये. वहां से लौटने के क्रम में रोहित सिंह से मिली तो रोहित सिंह ने मुझे ही मेरा घर खाली करने की बात करने लगा. मैं परेशान हो गयी तथा उनसे ऐसा करने का कारण पूछी तो वे बोले की आपके उपर कम्पनी का एक करोड़ 5 लाख रू० सूद हो गया है. उस पैसा को मैं कम्पनी जहाँ से लोन आपको दिया है उसको दे दिया हूँ तथा उसके बदले कम्पनी से आपका घर हम ले लिये हैं. मेरे कम्पनी का सूद का पैसा का हर महीना डबल हो जाता है. यदि आप घर को खाली नहीं करेंगे तो आपका सहारा सिटी का घर भी कम्पनी हड़प लेगी, चूंकी उस घर का भी कागज आप गिरवी रखे है, जबकि मैंने कोई गिरवी का कागज या दस्तावेज पर अपना हस्ताक्षर नहीं बनायी हूँ. न ही कम्पनी को जानती हूँ. यह सब प्रमोद कुमार सिंह उर्फ राहुल का चाल है तथा मुझ दुखीयारी पर गलत तरीके से घर खाली करने जैसा दबाव बना रहे है तथा मेरे घर में भाड़ेदार बोलकर आये एवं गलत नियत से घर हड़पने के लिए तत्पर है.



