Jamshedpur : अखिल भारतीय तेली साहू महासभा की हंगामेदार रही आमसभा, द्वारिका प्रसाद सर्वसम्मति से अध्यक्ष निर्वाचित, राकेश साहू की सदस्यता समाप्त, देखें – Video

SHARE:

फतेह लाइव, रिपोर्टर. 

जमशेदपुर के एग्रिको क्लब हाउस में अखिल भारतीय तेली साहू महासभा, पूर्वी सिंहभूम की आवश्यक आम सभा संपन्न हुई। इसमें सर्वप्रथम पूर्व में गठित चुनाव संचालन समिति सह पर्यवेक्षक समिति के निर्णय की समीक्षा की गई  उसके बाद नए अध्यक्ष की घोषणा सर्वसम्मति से की गई। विनोद गुप्ता द्वारा प्रस्ताव दिया गया एवं राजेश प्रसाद गुप्ता द्वारा समर्थन किया गया।

सर्वसम्मति से द्वारिका प्रसाद को अध्यक्ष चुना गया। आमसभा में कुल 171 सदस्य उपस्थित थे, जिसमें 31 सदस्य चुनाव कराने पर सहमत थे और 140 सदस्य सर्वसम्मति से अध्यक्ष घोषित करने के पक्ष में थे. पर्यवेक्षक कमेटी को पूर्व कमेटी के कार्यवाहक अध्यक्ष राकेश साहू द्वारा वर्ष 2020 से 2026 तक के कार्यकाल का आय-व्यय का हिसाब प्रस्तुत किया गया, जो अधूरा एवं अपूर्ण पाया गया। आवाज उठी कि राकेश साहू समाज के नाम पर अपने व्यक्तिगत बैंक खाते में लिए गए चंदे की राशि का हिसाब देने में सक्षम नहीं रहे।

Gambhir Car Associate Motion Ads Motion Ads

पर्यवेक्षक समिति द्वारा प्राकृतिक न्याय के सिद्धांत के तहत राकेश साहू को बार-बार समय एवं अवसर दिया गया कि वे अपने द्वारा किए गए खर्च को दस्तावेजों के माध्यम से प्रमाणित करें तथा सिद्ध करें कि उनके द्वारा किसी प्रकार की वित्तीय अनियमितता नहीं की गई है। परंतु वे न तो पर्यवेक्षक समिति और न ही जांच समिति के समक्ष उपस्थित हुए।

राकेश साहू के उपरोक्त कृत्यों एवं वित्तीय अनियमितताओं को देखते हुए समिति ने लिए ये कड़े फैसले

सदस्यता त्रुटि : राकेश साहू, जिनका आजीवन सदस्य क्रमांक 85 दर्शाया गया है, की सदस्यता प्रविष्टि त्रुटिपूर्ण एवं गलत तरीके से दर्ज पाई गई है। आजीवन सदस्य क्रमांक 85 वास्तव में संतोष गुप्ता का है, जो प्रमाणित है। अतः इस आधार पर श्री राकेश साहू की आजीवन सदस्यता निरस्त की जाती है।

वित्तीय अनियमितता : राकेश साहू द्वारा समाज का चंदा अपने व्यक्तिगत खाते में प्राप्त कर उसका उचित लेखा-जोखा प्रस्तुत नहीं किया गया है। *फिक्स्ड डिपॉजिट बिना कारण तोड़कर, 3 साल बाद पुनः केवल मूलधन जमा किया गया और ब्याज की राशि को निजी कार्यों में लगाया गया। समाज का कोई बड़ा काम नहीं हुआ। FD क्यों तोड़ी गई और ब्याज के पैसे का गबन क्यों किया गया, इसका कोई उत्तर नहीं दिया गया।* इससे वित्तीय अनियमितता के स्पष्ट प्रमाण प्राप्त होते हैं। उक्त कारणों से उन्हें भविष्य में साहू समाज के किसी भी पद हेतु नामित अथवा चयनित नहीं किया जा सकता।

 अनुशासनहीनता : राकेश साहू द्वारा समाज के अनेक सदस्यों के प्रति अपमानजनक एवं अमर्यादित भाषा का प्रयोग किया गया है। वर्तमान पर्यवेक्षक समिति के अध्यक्ष श्री हरिहर प्रसाद के प्रति भी उनके द्वारा अनर्गल एवं अनुचित टिप्पणियाँ की गई हैं, जो पद की गरिमा के अनुरूप नहीं है। साथ ही, समाज के लगभग 25 सदस्यों को गाली-गलौज कर अपमानित किए जाने की शिकायतें प्राप्त हुई हैं।

फर्जी ऑडिट रिपोर्ट : राकेश साहू द्वारा समाज में जमा की गई ऑडिट रिपोर्ट पूरी तरह फर्जी और फैब्रिकेटेड है। इसके 5 पक्के सबूत हैं:

 UDIN नंबर नहीं : ICAI के नियम के अनुसार CA की किसी भी ऑडिट रिपोर्ट पर 18 अंकों का UDIN अनिवार्य है। इस रिपोर्ट में UDIN है ही नहीं। बिना UDIN की रिपोर्ट कानूनन रद्दी कागज है।

बैंक खाता में त्रुटि : ऑडिट रिपोर्ट में बैंक ऑफ इंडिया, हाता ब्रांच के खाते का जिक्र है, यह खाता कब खोला गया है, न बैलेंस बताया है, पर्यवेक्षक कमेटी ने बैंक स्टेटमेंट मांगा वह भी नहीं उपलब्ध करा पाए। समाज का पैसा कहां गया, इसका कोई हिसाब नहीं।

रजिस्टर्ड ऑफिस गलत : समाज का रजिस्टर्ड ऑफिस का पता ही गलत मेंशन किया हुआ है।

एक ही तारीख में 5 साल का ऑडिट : एक ही तारीख में 5 साल की ऑडिट रिपोर्ट पर हस्ताक्षर किया गया जबकि यह प्रत्येक वर्ष होना चाहिए।

मंशा साफ है : जाली कागज बनाकर समाज के पैसे का गबन छुपाना और सदस्यों को गुमराह करना।

कार्यकाल सीमा : समाज का कोई भी सदस्य जो किसी एक पद पर लगातार दो कार्यकाल अथवा कुल 6 वर्षों तक पदस्थ रह चुका है, वह भविष्य में पुनः उसी पद हेतु उम्मीदवार नहीं बन सकेगा।

उपरोक्त सभी आरोपों के संबंध में राकेश साहू को बार-बार बुलाकर अपना पक्ष रखने एवं स्वयं को निर्दोष सिद्ध करने का अवसर दिया गया, परंतु वे ऐसा करने में असफल रहे। अतः सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि श्री राकेश साहू की समाज की आजीवन सदस्यता समाप्त की जाती है। वे भविष्य में समाज के किसी भी नेतृत्वकारी पद पर नहीं रह सकते हैं और न ही चुनाव लड़ सकते हैं। वे केवल साधारण सदस्य के रूप में समाज में रह सकते हैं।

बैठक में मुख्य रूप से ये रहे उपस्थित

पर्यवेक्षक समिति के अध्यक्ष हरिहर प्रसाद, नवनिर्वाचित अध्यक्ष द्वारिका प्रसाद, रंगनाथन साहू, शेखर कुमार, अनिल कुमार साहू, राज किशोर प्रसाद, कुंदन लाल गुप्ता, शशि कांत महाराज, विनोद गुप्ता, डॉ. ऋषिकेश, धर्मेंद्र कुमार, प्रमोद साहू एवं जांच समिति के सदस्य दिलीप कुमार गुप्ता इत्यादि।

[ays_poll id=1]
सबसे ज्यादा पढ़ी गई

Horoscope

Weather

और पढ़ें