मानिक बोले—छवि खराब करने की कोशिश, पूर्व पार्षद राणा डे पर भी लगाए आरोप
प्रमथनगर में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान हुए विवाद की उच्चस्तरीय जांच की मांग; दोनों पक्षों की शिकायतों के बाद पुलिस कर रही मामले की पड़ताल
फतेह लाइव, रिपोर्टर।
जमशेदपुर में परसुडीह थाना क्षेत्र के प्रमथनगर में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान हुई मारपीट का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। इस मामले में झामुमो जिला महासचिव मानिक मल्लिक ने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को गलत बताते हुए घटना की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। उनका आरोप है कि विवाद को राजनीतिक रंग देकर उनकी छवि खराब करने की कोशिश की जा रही है। वहीं दूसरी ओर महिला दुकानदार लिसा और गौरव घोष ने पूर्व पार्षद राणा डे पर मारपीट करने, अश्लील टिप्पणी करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। कुल मिलाकर मामला राजनीति तूल पकड़ चुका है। अब नए थाना प्रभारी मामले को कैसे रफा दफा करते हैं फतेह लाइव और स्थानीय लोगों की इस पर पैनी नजर बनी हुई है।
मानिक मल्लिक के अनुसार, विवाद की शुरुआत एक दुकान पर पैसे मांगने को लेकर हुई थी। उन्होंने दावा किया कि दुकान पर कुछ लोगों द्वारा गाली-गलौज और अभद्र व्यवहार किए जाने की जानकारी मिलने के बाद उन्हें मौके पर बुलाया गया। वह वहां पहुंचे और इसका विरोध किया। उनके मुताबिक, इसके बाद दूसरे पक्ष के लोग बड़ी संख्या में पहुंचे और मारपीट शुरू हो गई। उन्होंने भी अपने पक्ष के लोगों के साथ मारपीट होने का आरोप लगाया।
मानिक मल्लिक ने क्या लगाया आरोप?
मानिक मल्लिक ने अपने लिखित आवेदन में आरोप लगाया है कि 21 अक्टूबर को वह परसुडीह स्थित प्रमथनगर दुर्गा पूजा विसर्जन स्थल पर थे। इसी दौरान उन्हें फोन पर दुकान में आग लगाए जाने की सूचना मिली। सूचना मिलने के बाद वह मौके पर पहुंचे और घटना की जानकारी लेने लगे। उनका आरोप है कि इसी दौरान नरेन नंदी, गौरव घोष और उनके साथ आए लोगों ने लाठी-डंडे से हमला कर दिया। उन्होंने अपनी जेब से 2,400 रुपये छीनने और जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप लगाया है।
शिकायत के मुताबिक, मौके से निकलने के बाद जब वह करनडीह स्थित आशीष होटल के पास पहुंचे, तब वहां भी कुछ लोगों ने उन पर हमला किया। मानिक मल्लिक ने पुलिस से पूरे मामले की जांच कर संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।
लिसा दे की शिकायत में भी मारपीट और धमकी के आरोप
इसी विवाद में शीतला चौक के पास दुकान चलाने वाली लिसा दे ने भी परसुडीह थाना में लिखित शिकायत दी है। उन्होंने कुछ लोगों पर दुकान पर आकर गाली-गलौज करने, सामान लेने के बाद पैसे नहीं देने, विरोध करने पर धमकी देने और अभद्र व्यवहार करने का आरोप लगाया है। लिसा दे का कहना है कि मामले को आपसी बातचीत से सुलझाने की कोशिश की गई थी, लेकिन विवाद बढ़ गया।
लिसा दे ने अपनी शिकायत में अपनी मां, गौरव घोष और मानिक मल्लिक के साथ मारपीट किए जाने का आरोप भी लगाया है। उन्होंने पुलिस से आवश्यक कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
दोनों पक्षों की शिकायतों के बाद जांच
घटना को लेकर 22 अक्टूबर को प्रकाशित मीडिया रिपोर्टों में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान दो पक्षों के बीच मारपीट, लोगों के घायल होने और विरोध में परसुडीह थाना के सामने प्रतिमा रखकर सड़क जाम किए जाने की जानकारी सामने आई है। रिपोर्टों के अनुसार, पुलिस को दोनों पक्षों की ओर से शिकायतें मिली हैं और मामले की जांच की जा रही है।
फिलहाल, दोनों पक्षों की ओर से लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है। घटना की वास्तविक स्थिति और संबंधित लोगों की भूमिका जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

































