फतेह लाइव, रिपोर्टर.
आम जनता से बेहतर व्यवहार करने का बार बार सबक सिखाने के बावजूद एसएसपी या फिर उनसे ऊपर के अधिकारियों के निर्देश की बागबेड़ा पुलिस को कोई परवाह नहीं है. बागबेड़ा पुलिस की पिछले दिनों उजागर हुई कार्रवाई की निंदा इलाके में जोर शोर से हो रही है. जानकारी के अनुसार गत् शनिवार को टाटानगर रेलवे स्टेशन पार्किंग में ऑटो चालकों और पार्किंग कर्मचारियों की मिलीभगत से खुलेआम सड़क पर तोड़फोड़ और आतंक मचाने वालों के खिलाफ मंगलवार को डीएसपी ऑफिस में बागबेड़ा थानेदार के खिलाफ भी शिकायत की गई है. बताते चलें कि गत् शनिवार की सुबह 7.00-8.00 बजे के लगभग धतकीडीह निवासी तौहिद अहमद के ड्राइवर अहमद रजा से विवाद के बाद पार्किंग कर्मचारियों और ऑटो चालकों ने बीच सड़क पर जमकर उत्पात मचाया था.
यह भी पढ़े : Jamshedpur : डीबीएमएस कॉलेज ऑफ एजुकेशन के विद्यार्थियों को मानव अधिकारों के प्रति किया गया जागरूक
इस क्रम में अहमद रजा की तलाश में मिलते जुलते रंग की सफेद रंग की डिजायर गाड़ी संख्या-JHO5CQ 8312 को ऑटो संख्या-JHO 5 CM 0404 पर सवार 7-8 युवकों ने हॉकी-डंडे व ईंट-पत्थर से मारकर क्षतिग्रस्त कर दिया था. मोहित होटल के पास कार पर सवार ड्राइवर और अन्य कई लोगों को निशाना बनाया गया था. इस हमले में परसुडीह से CSIR NET की परीक्षा देने निकली युवती को सिर पर पत्थर लगने से गंभीर रूप से घायल हो गई थी. इतना ही नहीं एक अन्य गाड़ी के ड्राईवर अहमद रजा को भी तलाश करते आतंक मचाने वाले युवकों ने परसुडीह थाना से करनडीह चौक के बीच जान बचाकर भाग रहे अहमद को कार सहित बंधक बनाकर पीटा गया और पुलिस को सौंप दिया.
इस पूरे प्रकरण में अहमद रजा को हाजत में 15 घंटे बंद रखकर यातनाएं दी गईं और चर्चित दलाल कल्लू चाय वाले द्वारा बागबेड़ा थाने में मामला मैनेज करने को लेकर खुलेआम पैसों की मांग की भी गई. ट्विटर पर 40 हजार रुपए घूस मांगने का मामला मुख्यमंत्री व डीआईजी के संज्ञान में भी लाया गया. इस मामले की जानकारी डीजीपी, आईजी, डीआईजी, सिटी एसपी और डीएसपी सहित अन्य पुलिस पदाधिकारियों को भी व्हाट्सएप पर समाजसेवी पत्रकार प्रीतम भाटिया ने दी. तब जाकर देर रात अहमद रजा को और दूसरे दिन रात में तौहीद अहमद की कार को पार्किंग से छोड़ दिया गया.
आज इसी मामले पर घायल युवती की दादी हांसी बनर्जी ने डीएसपी लॉ एंड ऑर्डर को बागबेड़ा थानेदार के खिलाफ लिखित शिकायत की है. अपने परिजनों और स्थानीय लोगों के साथ जुगसलाई डीएसपी ऑफिस पहुंची हांसी ने शिकायत पत्र में कहा कि घटना के दिन अपनी पोती को भाड़े की कार से परीक्षा दिलाने मानगो की ओर जाने के क्रम में हमला कर दिया गया. शिकायत पत्र के अनुसार इस मामले में सोनू साहू नामक युवक को पकड़ा गया, लेकिन थाना ले जाकर छोड़ दिया गया.
पूछताछ में थाना में पता चला कि इस मामले में विशाल, प्रकाश, रंजन सहित अन्य लोग भी शामिल हैं. हांसी ने कहा कि थाना में 27 जुलाई 2024 को लिखित शिकायत के बाद 29 जुलाई 2024 की रात 9.00 बजे कुछ आरोपी मेरे घर तक आए और कहा कि आप लोग थाना से शिकायत वापस लें. हांसी बनर्जी ने कहा कि इस बात की जानकारी देने और आरोपियों पर कार्रवाई नहीं होने का कारण पूछने जब बागबेड़ा थाना पहुंचे तो हमसे दुर्व्यवहार किया गया. इस मामले से आहत होकर बनर्जी परिवार डीएसपी के ऑफिस पहुंचे और थानेदार के खिलाफ लिखित शिकायत की.
307 न लगाकर पीआर बॉड पर क्यों छोड़ा-चंचल चक्रवर्ती
घायल के साथ डीएसपी ऑफिस पहुंचें भाजपा सुंदरनगर मंडल अध्यक्ष चंचल चक्रवर्ती ने कहा कि इस मामले में पुलिस की भूमिका असंतोषजनक है और गंभीर चोटें लगने की शिकायत के बावजूद धारा 307 नहीं लगाकर पीआर बॉड पर आरोपियों को छोड़ दिया गया. कोई भी किसी को राह चलते मार दे इतना छूट कैसे दिया गया है. हालांकि इस मामले में डीएसपी लॉ एंड ऑर्डर ने संज्ञान लेते हुए बागबेड़ा थाना प्रभारी की कार्यशैली से असंतुष्ट होकर कहा है कि गलत हुआ है. उन्होंने मामले की जांच का आश्वासन पीड़ित और परिजनों को दिया है. शिकायत करने वालों में चंचल चक्रवर्ती सुंदर नगर भाजपा मंडल अध्यक्ष, ललन यादव ओबीसी मोर्चा जिला उपाध्यक्ष, वरुण सिंह महामंत्री, भाजपा सुंदरनगर समाजसेवी जितेंद्र यादव, तारक घोष, रितेश कर्मकार आदि शामिल थे.









































