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Giridih : माले की 15 सदस्यीय टीम ने असंगठित मजदूर मोर्चा के साथ मिलकर लिया जल, जंगल, और जमीन को बचाने का संकल्प

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फतेह लाइव, रिपोर्टर

मधुबन हटिया मैदान के पास माले और असंगठित मजदूर मोर्चा की संयुक्त बैठक आयोजित की गई, जिसमें माले के जिला सचिव जनार्दन प्रसाद, अखिल भारतीय किसान महासभा के राज्यस्तरीय नेता पूरण महतो, और गिरिडीह विधानसभा के माले नेता राजेश सिन्हा ने भाग लिया. इस बैठक में असंगठित मजदूर मोर्चा के दर्जनों सदस्य भी उपस्थित थे, जिन्होंने माले में शामिल होकर शपथ ली. बैठक में माले के जिला सचिव जनार्दन प्रसाद ने मोदी सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि भारत की संपत्तियां अब पूंजीपतियों के हाथ में जा रही हैं, और ये बड़े बदलाव जल, जंगल और जमीन को छीनने के मकसद से किए जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि लाल झंडे के अलावा कोई पार्टी गरीबों, किसानों और मजदूरों की लड़ाई नहीं लड़ रही है, इसलिए सभी को एकजुट होकर माले के आंदोलन का हिस्सा बनना होगा.

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माले और असंगठित मजदूर मोर्चा के बीच सहयोग से समाज में आएगा बड़ा बदलाव

माले नेता राजेश सिन्हा ने अपने संबोधन में किसानों, मजदूरों, महिलाओं और छात्रों की बढ़ती समस्याओं को उठाया और कहा कि पूंजीपतियों द्वारा गरीबों को दबाने का काम किया जा रहा है. उन्होंने यह भी बताया कि असंगठित मजदूर मोर्चा का विलय माले में सितंबर 2024 में हुआ, और अब मोर्चा को माले की ओर से जोरशोर से कार्य करना है. उन्होंने उदाहरण के तौर पर पीरटांड़ की स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि जब प्रशासन और नेता ही गरीबों का समर्थन नहीं करते, तो माले इस सोच को आंदोलन के जरिए दबाएगा. अखिल भारतीय किसान महासभा के नेता पूरण महतो ने भी इस बात पर जोर दिया कि किसानों, मजदूरों और गरीबों की संख्या 80% है, लेकिन फिर भी वही पूंजीपति सत्ता में आते हैं और गरीबों का शोषण करते हैं.

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गिरिडीह में मजदूरों के हक के लिए प्रदर्शन का ऐलान

बैठक में असंगठित मजदूर मोर्चा के कन्हाई पांडेय ने कहा कि माले और असंगठित मजदूर मोर्चा का मिलन गिरिडीह के गरीबों और मजदूरों के लिए एक सकारात्मक बदलाव लेकर आएगा. उन्होंने यह भी जानकारी दी कि गिरिडीह के फैक्ट्री क्षेत्र, मधुबन और पीरटांड़ इलाके में मजदूरों की स्थिति काफी गंभीर है, और अब इसको लेकर गिरिडीह उपायुक्त कार्यालय और श्रम कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन किया जाएगा. इस अवसर पर किशोर राय, बसंत कर्मकार, भानु महतो, मनोज महतो सहित अन्य प्रमुख सदस्य मौजूद थे.

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