भारत माता की जय- चंद्रशेखर आज़ाद अमर रहे के जयघोष से गूंज उठा कालिमाटी रोड़
फतेह लाइव, रिपोर्टर.
जमशेदपुर में स्वतंत्रता संग्राम के अमर वीर सपूत शहीद चंद्रशेखर आजाद के शहादत दिवस पर नमन परिवार द्वारा वार्षिक श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया. इस अवसर पर महिलाओं, युवाओं और समाज के विभिन्न गणमान्य व्यक्तियों ने उनकी पुण्य स्मृति में श्रद्धा सुमन अर्पित किए और उनके अदम्य साहस व राष्ट्रसेवा के प्रति सम्मान प्रकट किया.
शहीद चंद्रशेखर आजाद जैसे वीर हमारे दिलों की धड़कन : काले
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए नमन के संस्थापक अमरप्रीत सिंह काले ने कहा, “चंद्रशेखर आजाद का जीवन हमें मातृभूमि की सेवा के लिए हर संघर्ष को स्वीकार करने की प्रेरणा देता है. उनका बलिदान हमें आत्मनिर्भरता और दृढ़ संकल्प के मार्ग पर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करता है.” उन्होंने आगे कहा कि नमन परिवार प्रत्येक वर्ष इस आयोजन के माध्यम से शहीदों की शौर्यगाथा को सम्मानित करता है, ताकि युवा पीढ़ी उनके बलिदान को स्मरण कर देशसेवा के प्रति समर्पित रहे.
आजाद का जीवन संघर्ष, साहस और राष्ट्रप्रेम का प्रतीक : बृजभूषण सिंह
वरिष्ठ पत्रकार बृजभूषण सिंह ने आजाद जी के जीवन को संघर्ष, साहस और राष्ट्रप्रेम का प्रतीक बताते हुए कहा कि, “देश की स्वतंत्रता ही नहीं, बल्कि उसे बनाए रखने के लिए भी निरंतर संघर्ष आवश्यक है. हमें आजाद जी की निःस्वार्थ देशभक्ति से प्रेरणा लेकर हर चुनौती का सामना करने के लिए तैयार रहना चाहिए.”
इस अवसर पर नमन के संयोजक राजीव कुमार, साहित्यकार बलविंदर सिंह, उत्तर प्रदेश संघ के रामकेवल मिश्रा, भाजपा महिला मोर्चा की पूर्व जिलाध्यक्ष नीरू सिंह, सी.जी.पी.सी. के कुलविंदर सिंह पन्नू सहित अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने भी अपने विचार रखे.
कार्यक्रम में उपस्थित प्रमुख व्यक्तियों में महेंद्रपाल सिंह, गुरदयाल सिंह, राघवेन्द्र शर्मा, ए. विश्वनाथ, जसवंत सिंह भोमा, परमजीत सिंह काले, नरेंद्र सैनी, बिट्टू तिवारी, संदीप कुमार सिंह, सुखराज सिंह, सरजू राम, हरदेव सिंह, पंकज कुमार वर्मा, मनोज कुमार मिश्रा, गोपीकांत, स्वाती मित्रा, लख्खी कौर, डी मनी, सिम्मी कश्यप, रिंकू दुबे, ममता पुष्टि, ममता साहा, सावित्री करुआ, प्रेमशीला देवी, शुक्ला हलदर, स्वीटी हलदर सहित कई अन्य सामाजिक कार्यकर्ता और नागरिक शामिल रहे.
कार्यक्रम का धन्यवाद ज्ञापन राजू मारवाह ने किया. पूरे आयोजन के दौरान “भारत माता की जय” और “चंद्रशेखर आज़ाद अमर रहें” के गगनभेदी जयघोष से कालिमाटी रोड गूंज उठा.