WhatsApp Image 2026-08-13 at 5.45.20 PM
WhatsApp Image 2026-08-14 at 12.53.32
WhatsApp Image 2026-08-14 at 12.53.33 PM
WhatsApp Image 2026-08-13 at 5.45.21
WhatsApp Image 2026-08-14 at 12.53.32 PM
WhatsApp Image 2026-08-13 at 5.45.21 PM
WhatsApp Image 2026-08-13 at 5.45.21 P
WhatsApp Image 2026-08-13 at 5.56.39
WhatsApp Image 2026-08-14 at 12.53.50 PM
WhatsApp Image 2026-08-13 at 5.56.40 PM
WhatsApp Image 2026-08-13 at 5.57.06 PM
WhatsApp Image 2026-08-13 at 6.01.52 PM
WhatsApp Image 2026-08-13 at 6.01.53 PM
WhatsApp Image 2026-08-13 at 6.01.53
WhatsApp Image 2026-08-13 at 6.03.06 PM
WhatsApp Image 2026-08-13 at 6.03.20 PM
WhatsApp Image 2026-08-13 at 6.03.45 PM
WhatsApp Image 2026-08-13 at 6.03.46 PM
WhatsApp Image 2026-08-13 at 6.03.46

Giridih : मैथिली विकास मंच ने हर्षोल्लास के साथ मनाया 45वां विद्यापति पर्व समारोह

SHARE:

  • संस्कृति और परंपरा के संगम का प्रतीक बना श्रम कल्याण परिसर, मिथिलांचल के कलाकारों ने मोहा मन

फतेह लाइव, रिपोर्टर

गिरिडीह के श्रम कल्याण परिसर में मैथिली विकास मंच द्वारा आयोजित 45वां विद्यापति पर्व समारोह परंपरागत गरिमा और हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ. कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन और महाकवि विद्यापति की तस्वीर पर माल्यार्पण व पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया. इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व नगर परिषद अध्यक्ष एवं कोडरमा लोकसभा सांसद प्रतिनिधि दिनेश प्रसाद यादव, मुंबई से पधारे अभिनेता और स्क्रिप्ट राइटर जीशान कादरी, डॉ. पीएन झा समेत कई सम्मानित अतिथि उपस्थित रहे. सभी अतिथियों का स्वागत मिथिला की परंपरा के अनुसार पाग पहनाकर और पुष्पगुच्छ भेंट कर किया गया. अतिथियों ने अपने संबोधन में विद्यापति जी के साहित्यिक योगदान पर प्रकाश डालते हुए मंच के कार्यों की सराहना की.

इसे भी पढ़ें : Jamshedpur : साकची हनुमान मंदिर में धूमधाम से मना प्राकट्य उत्सव, महाआरती व आतिशबाजी से गूंजा वातावरण

Gambhir Car Associate Motion Ads

विद्यापति की विरासत को संजोने में जुटा मंच, अतिथियों ने साझा किए अनुभव

हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी मिथिलांचल के कलाकारों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया. भावपूर्ण गायन और पारंपरिक प्रस्तुतियों ने गिरिडीह में मिथिला की सांस्कृतिक छवि को जीवंत कर दिया. यह पर्व समारोह 45 वर्षों से लगातार आयोजित किया जा रहा है, जो इस मंच की सामाजिक प्रतिबद्धता और समुदाय के समर्पण का प्रतीक है. गिरिडीह से दूर रहते हुए भी मिथिला की संस्कृति को जीवंत बनाए रखना अपने आप में प्रशंसनीय कार्य है. इस आयोजन को सफल बनाने में डॉ. पितांबर झा, रुद्रकांत लाल दास, अजय कुमार चौधरी, भैरवकांत झा, अमरेश कुमार, शशि पाठक, मदन झा, डॉ. संजीव, बबलू राय, अजय झा, नीलम झा समेत कई गणमान्य व्यक्तियों का सराहनीय योगदान रहा.

अभी-अभी

ਪੰਜਾਬੀ ਖ਼ਬਰਾਂ

Horoscope

Weather

और पढ़ें

हिंदी खबर