अरविंद पांडेय के कमजोर होने से टीडब्ल्यूयू में घट गए ब्राह्मण कमेटी मेंबर
अमोद दुबे में सशक्त नेतृत्व की झलक दिखी तो फिर तेजी से शुरू हुई गोलबंदी
वैसे मजबूत चेहरे दोबारा सक्रिय जो किसी न किसी कारण से हुए अप्रासंगिक
चरणजीत सिंह.
टाटा स्टील की मान्यता प्राप्त टाटा वर्कर्स यूनियन की सियासत में ब्राह्मण बिरादरी जोरदार वापसी को आतुर है. साल भर बाद टाटा वर्कर्स यूनियन का चुनाव होना है, इसलिए अभी से ही ब्राह्मण बिरादरी के वो मजबूत चेहरे सक्रिय हो गए हैं, जो किसी न किसी कारण से टाटा वर्कर्स यूनियन की राजनीति में बाहर हो गए हैं या अप्रासंगिक हो गए हैं.
यूनियन में लंबे समय तक दखल रखने वाले कई चेहरे कमेटी मेंबर का चुनाव तक हार गए. कई ऐसे लोग हैं, जिनके निर्वाचन क्षेत्र में इस तरह बदलाव किया गया कि वे लड़ाई ही लड़ सकें. एलडी टू से निर्विरोध कमेटी मेंबर चुने गए टाटा वर्कर्स यूनियन के कोषाध्यक्ष अमोद दुबे में सशक्त नेतृत्व की झलक मिलने के बाद ब्राह्मण बिरादरी के लीडरों की बैठकी तेज हो गई है. लगातार एक दूसरे से संपर्क किया जा रहा है, जिसे भी सहयोग की जरूरत हो रही है, उसे मजबूती देने की रणनीति बना कर काम भी शुरू हो गया है. निकट भविष्य में ब्राह्मण बिरादरी मौका विशेष पर अपना दमखम दिखाती नजर आ सकती है.
वीजी गोपाल, एस के बेंजामिन, आरबीबी सिंह, रघुनाथ पांडेय, पीएन सिंह और आर रवि प्रसाद के अध्यक्ष रहते टाटा वर्कर्स यूनियन में ब्राह्मणों का प्रभुत्व रहा है. रघुनाथ पांडेय को छोड़ दूसरी बिरादरी के यूनियन अध्यक्ष रहे हैं तो भी ब्राह्मणों का दखल अच्छा खासा रहा है. ऑफिस बेयरर की संख्या कम या अधिक रही हो, कमेटी मेंबरों की संख्या हमेशा इतनी जरूर रही है कि हाउस में आवाज बुलंद रहे. संजीव कुमार चौधरी उर्फ टुन्नू चौधरी के यूनियन अध्यक्ष बनने के बाद ब्राह्मण बिरादरी के कमेटी मेंबरों की संख्या तुलनात्मक तौर पर कम हो चुकी है.
यूनियन के हाउस (कमेटी मीटिंग) में भी उनकी आवाज दब सी गई है. उस आवाज को फिर बुलंद करने की दिशा में परदे के पीछे बहुत कुछ चल रहा है. जल्द दिखेगा भी.
अरविंद पांडेय की हार के बाद हो गया था नेतृत्व का संकट
टाटा वर्कर्स यूनियन में रघुनाथ पांडेय के जमाने से अरविंद पांडेय ब्राह्मण सियासत के जाने पहचाने चेहरा बनते गए थे. लगातार ऑफिस बेयरर भी बनते गए. 2018 में आर रवि प्रसाद दूसरी बार अध्यक्ष चुने गए थे तो अरविंद पांडेय ने डिप्टी प्रेसिडेंट के पद पर टुन्नू चौधरी को हराया था. 2021 में आर रवि प्रसाद की विदाई के बाद यूनियन अध्यक्ष के पद के लिए अरविंद पांडेय और टुन्नू चौधरी दोबारा आमने सामने हुए. अबकी बार टुन्नू चौधरी ने अरविंद पांडेय को बुरी तरह हराया. अरविंद पांडेय की पराजय के साथ ही टाटा वर्कर्स यूनियन में ब्राह्मण सियासत भी खो गई.
2024 के चुनाव में एकला चलो रे के अंदाज में अमोद कुमार दुबे का प्रवेश हुआ. अपने दम पर कोषाध्यक्ष चुने गए. वो कर वही रहे हैं जो यूनियन संविधान के मुताबिक सही है. न दिखावा और न शोर शराबा. दबाव किसी का हो, तनिक भी टस से मस नहीं. कार्यशैली ऐसी है कि सब उन्हें मजबूत लीडर के तौर पर देख रहे हैं. वे खुद ब्राह्मण बिरादरी से है. स्वाभाविक तौर पर ब्राह्मणों को उनमें बड़ी उम्मीद दिख रही है.
ऑफिस बेयरर में जगह नहीं, न अहम कमेटियों में मिला स्थान
2024 के टाटा वर्कर्स यूनियन के चुनाव में संजीव कुमार चौधरी अध्यक्ष पद के निर्विरोध चुने गए थे. उनकी अगुवाई में बाकी पद पर टीम बना कर लड़ा गया था. टुन्नू की टीम में सिर्फ एक ब्राह्मण चेहरे संजीव कुमार तिवारी को जगह दी गई थी. वह भी तब हुआ जब एनएस ग्रेड से संजीव पहले से ऑफिस बेयरर थे. वे सहायक सचिव रहते हुए चुनाव लड़े थे. खैर, चुनाव खत्म हुआ तो भी टुन्नू राज में ब्राह्मणों की अनदेखी हुई. सिर्फ टुन्नू के व्यक्तिगत और पुराने दोस्त मनोज कुमार मिश्रा को टाटा पीएफ ट्रस्ट में ट्रस्टी का पद दिया गया. न महत्वपूर्ण कमेटियों में ब्राह्मणों को मौका मिला, न ही प्रमुख क्लब हाउस की कमान ही दी गई. एक्का दुक्का जेडीसी चेयरमैन ब्राह्मण बनाए गए तो कुछ ज्वाइंट कमेटियों ने सदस्य.
जाहिर है कि ब्राह्मण बिरादरी में खदबदाहट तो खूब हुई. ट्यूब डिवीजन का एसएसएस खूब चर्चा में रहा है. वहां के एक ब्राह्मण कमेटी मेंबर को एसएसएस भरना पड़ गया. अब साल भर बाद टाटा वर्कर्स यूनियन का चुनाव होना है तो कान्यकुब्ज, सरयू पारीण, सारस्वत, गौड़, देशस्थ, मैथिल समेत सभी ब्राह्मणों के एकजुटता पर सबका जोर है. यूनियन में मैथिल ब्राह्मणों की संख्या एक दर्जन के आसपास है.
टाटा वर्कर्स यूनियन में ये हैं ब्राह्मण कमेटी मेंबर
कोक प्लांट : अरविंद कुमार पांडेय, रमेश चंद्र झा.
कोक प्लांट (बैटरी 10/11) : सर्वेंद्र झा
कोक प्लांट (आईएमएम) : उदय कुमार झा
कोक प्लांट (10/11 आईएमएम) : बंटी कुमार उपाध्याय
एचबीएफ : रवि शंकर पांडेय
आईबीएफ : संजीव तिवारी
पेलेट प्लांट : संतोष कुमार पांडेय
सिन्टर प्लांट : संतोष कुमार पांडेय
आरएमएम : राकेश पति दुबे
सिक्योरिटी : रूपेश कुमार पांडेय
सीआरएम बारा : रवि शंकर उपाध्याय
सीआरएम : अनिल कुमार मिश्रा एवं सरोज कुमार पांडेय
एचएसएम : अजय कुमार मिश्रा
एलडी टू : अमोद कुमार दुबे, अनिल कुमार झा, राजेश कुमार झा एवं धर्मेंद्र उपाध्याय
एलडी वन : अमरनाथ
एलडी थ्री : मृत्युंजय कुमार मिश्रा
डब्ल्यूआरएम : आरके मिश्र
एकाउंट्स : संजय कुमार पांडेय
साइंटिफिक सर्विसेज : विनोद कुमार पांडेय
आईबीएमडी : मारुति नंदन पांडेय
एसएमडी : मनोज कुमार मिश्रा, सुशांत शेखर एवं प्रदीप कुमार
ट्यूब डिवीजन : ओम प्रकाश मिश्रा, मनोज कुमार मिश्रा एवं शुभम मिश्रा.
