Black Trade Of Scrap In Kolhan : क्या मामले दबाने के लिए भी होती है जांच और छापेमारी?

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टाटा स्टील, अभिजीत और केबुल कंपनी के स्क्रैप चोरी ज़ारी

चरणजीत सिंह.

कोल्हान में लगातार स्क्रैप के काले कारोबार पर फतेह लाइव खबरें प्रकाशित कर रहा है. पिछले अंक में हमने बताया था कि कैसे बिहार के दरभंगा से आकर एक ठेले पर स्क्रैप ढोने वाले की कहानी बताएंगे.आज अंक उसी पर आधारित है, जो यह बताने के लिए काफी है कि लौहनगरी में स्क्रैप माफियाओं की प्रशासनिक अधिकारियों से इतनी जबरदस्त सेटिंग है कि हत्या हो जाए, गोली चल जाए, अपहरण हो जाए या मार-काट हो जाए धंधा थमता है, लेकिन बंद नहीं होता.

कारण मंथली से ही ट्रांसफर-पोस्टिंग में उस काले धन का इस्तेमाल होता है. अभिजीत कंपनी का लातेहार और सरायकेला-खरसावां प्लांट कैसे खाली होता गया? कैसे उस प्लांट के आस-पास के इलाकों में चोर बस गए. ये सीआईडी जांच का विषय है? क्योंकि जिला पुलिस तो मूकदर्शक बनी रहेगी.

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यही हाल बीते दिनों केबल कंपनी का हुआ. जहां चोरी का माल टपकाने के लिए आग लगाई गई, ताकि माल गल कर असली मैटेरियल निकल जाए. ऐसी कंपनियों के आस-पास ही चोरों के सुनियोजित स्क्रैप टाल और गोदाम होते हैं. जहां से देर रात चोरियां होती रहती हैं और माल छोटी-छोटी गाडियां से रातों-रात गायब होकर सुबह-सुबह तक गलाकर फ्रेश मैटेरियल निकल जाता है.

यह धंधा आज से नहीं बल्कि दशकों से चल रहा है और लौहनगरी इससे कभी अछूता नहीं रहा. मामले दर्ज किए जाते हैं लेकिन बहुत मीडिया बाजी के बाद ही जब नौबत थानेदार की इज्जत पर आए और प्रेशर ऊपर से बने तब.

बीते दिनों सरायकेला खरसावां की एक कंपनी में प्रशिक्षु आईएएस साहब टीम लेकर छापेमारी करने घुस गए और खबरें वायरल हुईं, कि 800 टन माल का कागज दिखाया जाएगा. अब यह 800 टन माल के लिए जहां इतना समय दिया गया. वहीं उसी जिले में मात्र एक-दो टन माल को कभी टाटा एस तो कभी 407 के ड्राईवर-खलासी व मजदूर के साथ पकड़ा और बगैर देर किए जेल भेजा गया. ये हम नहीं जिले के थानों के दर्ज रिकॉर्ड बता रहे हैं.

सेटिंग होनी चाहिए फिर आप दरभंगा से हों या सीवान से करोड़पति बनने में देर नहीं लगेगी. कौन सा माल कब कहां से कैसे क्यों कितने मंथली पर‌ कौन सी गाड़ी संख्या लेकर जा रही है. इसका भी खुलासा करेंगे. समय का इंतजार और साक्ष्य मिलते ही.

बहरहाल, जमशेदपुर के कंपनी कमांड थाना क्षेत्रों में छिटपुट चोरी करते रात के वक्त नाबालिग चोरों को देखा जा सकता है, जिसपर कोई लगाम नहीं है. ऐसी ही घटनाओं को लेकर हत्यायें तक हो चुकी हैं.

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