हर कोई हत्या की वजह और हत्यारे का नाम जानने के लिए इच्छुक, जमशेदपुर के अपराधी का उछल रहा नाम ? 

फतेह लाइव, रिपोर्टर. 

उत्तराखंड के देहरादून में अंडरग्राउंड तरीके से रह रहे बाहुबली विक्रम शर्मा की शुक्रवार को हत्या किये जाने की खबर के सामने आते ही जमशेदपुर के आपराधिक जगत में हलचल मच गई है. विक्रम शर्मा को जेल में बंद गैंगस्टर अखिलेश सिंह का गुरु माना जाता था. बताया जाता है कि मार्शल आर्ट की ट्रेनिंग उसी ने अखिलेश सिंह को दी थी. 

जानकारों का दावा है कि अखिलेश सिंह द्वारा अंजाम दी गई कई आपराधिक घटनाओं के पीछे विक्रम शर्मा का इशारा रहता था. एक समय जमशेदपुर के अंडरवर्ल्ड में विक्रम शर्मा और अखिलेश सिंह का नाम सुनते ही लोग खौफ में आ जाते थे. बहरहाल, विक्रम शर्मा की हत्या की चर्चा शहर में जोरों से चल रही है. हर कोई यह जानने का इच्छुक है कि आखिर इसके तार कहां से जुड़े हैं.

अपराध जगत के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार विक्रम शर्मा की हत्या करने वाले हमलावरों ने Jh (झारखंड) रजिस्ट्रेशन नंबर वाहन का उपयोग हुआ है. सीसीटीवी से देहरादून पुलिस को ऐसे सुराग मिलने की भी बात सामने आ रही है. वहीं जमशेदपुर के अपराधी द्वारा घटना का कनेक्शन जोड़ा जा रहा है? खैर, पुलिस के खुलासा करने के बाद ही इससे पर्दा उठेगा. 

50 अपराधिक मामले, इनमें 30 हत्या के

विक्रम शर्मा पर करीब 50 आपराधिक मामले दर्ज थे, जिनमें लगभग 30 हत्या के मामले शामिल बताए जाते हैं. हालांकि बाद के वर्षों में वह देहरादून में नाम बदलकर रह रहा था और खुद को समाजसेवी के रूप में पेश कर रहा था. जमशेदपुर में श्रीलेदर्स के मालिक आशीष डे की हत्या के मामले में भी विक्रम शर्मा का नाम सामने आया था.

पुलिस ने उसे देहरादून से किराए के मकान से गिरफ्तार कर जेल भेजा था. करीब दस वर्ष पहले उसने जमशेदपुर छोड़ दिया था, लेकिन उस पर नजर बनी हुई थी. साल 2007 और 2008 के दौरान जमशेदपुर में हुई कई फायरिंग और हत्याकांडों में उसका नाम उछला. इनमें टाटा स्टील के सुरक्षा अधिकारी जयराम सिंह की हत्या और ट्रांसपोर्टर अशोक शर्मा की हत्या जैसे मामले शामिल रहे. ट्रांसपोर्टर अशोक शर्मा की हत्या साकची गुरुद्वारा के सामने हुई थी. यह उसका पहला अपराध था.

हालांकि इन मामलों में अंतिम न्यायिक निष्कर्ष संबंधित अदालतों के अभिलेखों में दर्ज हैं. बताया जाता है कि विक्रम शर्मा मार्शल आर्ट में ब्लैक बेल्ट था और बच्चों को प्रशिक्षण देता था. इसी दौरान उसकी मुलाकात अखिलेश सिंह से हुई और दोनों के बीच नजदीकी बढ़ी. बाद में यही संबंध आपराधिक दुनिया में गुरु-शिष्य के रिश्ते के रूप में चर्चा में आया. देहरादून में उसकी हत्या किन परिस्थितियों में हुई, इसे लेकर स्थानीय पुलिस जांच में जुटी है. वहीं, जमशेदपुर कनेक्शन को भी खंगाला जा रहा है.

इधर, विक्रम शर्मा 2021 में जेल से बाहर आया था. जमशेदपुर में वह समाजसेवी के रूप में उभर रहा था. सोशल मीडिया में वह सक्रिय रहता था. उसने एक न्यूज पोर्टल भी खोल लिया था, जिससे वह खुद को सफेदपोश बनने के लिए कोशिश कर रहा था.

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