दिनभर जंगल में छिपा रहता है हाथी, रात में निकलकर गांवों में सोए हुए लोगों पर कर रहा हमला, अब तक 18 की ले ली जान
फतेह लाइव, रिपोर्टर.
पश्चिम सिंहभूम जिले के नोवामुंडी और आसपास के ईलाके से आ रही है. यहाँ हाथी ने एक ही रात में आठ लोगों को मार डाला है. इस घटना से पुरे ईलाके में खौफ और दहशत समा गया है.
पश्चिमी सिंहभूम जिले में साल 2026 के पहले दिन से ही पगलाए हाथी का खूनी खेल मंगलवार छह जनवरी की रात भी जारी रहा. झुंड से बिछड़े जंगली दंतैल हाथी ने चाईबासा वन प्रमंडल के गांवों में आठ लोगों को मार डाला. कोल्हान और सारंडा इलाके से निकलकर हाथी हाटगमहरिया और नोवामुंडी के गांवों में पहुंच गया.
रास्ते में हिंसक हाथी ने जमकर खूनी खेल खेला। हाथी के पागलपन के कारण पूरे जिले में कोहराम मचा हुआ है. जानकारी के अनुसार हाथी ने नोवामुंडी के बाबरिया मुंडासाई में घर पर सो रहे पांच लोगों को पटक कर मार डाला. मरने वालों में कई छोटे बच्चे भी हैं. वहीं बड़ापासेया में भी हाथी ने एक व्यक्ति की जान ले ली. हाथी ने हाटगमहरिया रेंज के सियालजोड़ा में भी दो लोगों को घर से घसीटकर मार दिया. इधर वन विभाग पूरी रात हाथी को ट्रैक करने में जुटा रहा. बंगाल से आई टीम भी जंगलों में भटक रही है.
हाथी की तलाश में थर्मल सेंसर ड्रोन की भी मदद ली जा रही,लेकिन अब तक सफलता हाथ नहीं लगी है. हाथी गांव में घूम घूम कर लोगों की जान ले रहा. निहत्थे ग्रामीणों के अलावा सिस्टम और सरकार भी बेबस नजर आ रही है. ऐसा लगा रहा है कि प्रशासन ने अपने सारे हथियार डाल दिए हैं और आम गरीब ग्रामीणों को सीरियल किलर बन चुके हाथी के हाथों मरने के लिए छोड़ दिया गया है.
हाथी को ट्रेंकुलाइज करने का प्लान, वनतारा की टीम को भेजा गया रिक्वेस्ट
बेकाबू हो चुके हाथी को अब ट्रेंकुलाइज करने की योजना बनाई गई है. वन विभाग ने दुनिया की सबसे बड़ी पशु पुनर्वास और संरक्षण केंद्र को संदेश भेजकर सीरियल किलर पगलाए हाथी को ट्रेंकुलाइज करने का आग्रह किया है. हाथी को शांत करने के लिए उसे दवाइयां देकर ट्रेंकुलाइज किया जाएगा. विभागीय सूत्रों के अनुसार आज बुधवार से यह प्रक्रिया शुरू की जा सकती है.
दिनभर जंगल में छिपकर रहता है हाथी, रात होते ही हो जाता है खूंखार
सरकार और प्रशासन के लिए सिर दर्द बना हाथी दिनभर जंगल में छिपकर रहता है. अंधेरा होते ही वह गांवों की ओर मूव करता है. इस दौरान रास्ते में दिखने वाले घरों पर अटैक करता है. सोते हुए लोगों को भी हाथी पटक कर और घसीटकर मार रहा है. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हाथी के दो लंबे दांत हैं। यानी वह टस्कर है. बताया जा रहा है कि झुंड से बिछड़कर वह पागल हो गया है. हार्मोनल अवस्था में टेस्टोटैरोन का स्तर बढ़ने पर भी नर हाथी मस्त हो जाता है. ऐसी हालत में भी हिंसक होकर हमला करता है.





























































