फतेह लाइव, रिपोर्टर.
पश्चिमी सिंहभूम जिले के सारंडा जंगल में 24 जनवरी को नक्सलियों द्वारा लगाए गए आईईडी ब्लास्ट में गंभीर रूप से घायल जंगली हाथी को आनंदपुर प्रखंड के रुंघी और ओडिशा के बिसरा थाना क्षेत्र के पानी स्थर जंगल में ट्रैक किया गया। इसके बाद वनतारा की टीम ने उसका इलाज शुरू कर दिया है। बता दें कि यह हादसा सारंडा के दीघा और सागड़ी इलाके के आसास जंगल में हुआ था। इस ब्लास्ट में एक हाथी का पीछे का बायां पैर में घाव हो गया।
वन विभाग ड्रोन की मदद से घायल हाथी का लोकेशन ट्रैक कर उसकी निगरानी कर रहा है। वन विभाग के अधिका रियों ने बताया कि घायल हाथी को 20 दिनों पहले ही मकरांडा और फुलवारी जंगल के आसास देखा गया था। बिसरा के पानी स्थर जंगल में सारंडा, पोड़ाहाट और ओडिशा वन विभाग और वनतारा की टीम पिछले 10 दिनों से ड्रोन के सहारे घायल हाथी का लोकेशन ट्रैक कर उसका इलाज कर रही है। नर हाथी करीब 25 साल का है। उसे तलाशने में छह टीमें लगी थीं, जिसमें ओडिशा के वेटनरी डॉक्टर भी शामिल हैं।


