फतेह लाइव, रिपोर्टर.
दक्षिण पूर्व रेल जीएम अनिल मिश्रा से निवेदन के साथ टाटानगर पार्सल में पार्किंग एजेंसी को लेकर कुछ बिंदुओं पर ध्यान आकृष्ट कराया गया है. यह शिकायत यात्रियों की सुविधा और रेलवे की छवि को प्रभावित कर रही है. RTI का दरवाजा भी खट खटाया गया है.
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इन बिंदुओं पर हुई शिकायत
1. रेलवे द्वारा टाटानगर पार्सल में पार्किंग की व्यस्था निजी एजेंसी को दी गयी है. यहां संचालक अनाधिकृत रूप से बाहरी वाहनों की पार्किंग कराकर अवैध वसूली कर रहा है.
2. शाम होते ही पार्सल पार्किंग में संचालक के संरक्षण में कुछ आसमाजिक तत्वों का जमावड़ा हो जाता है, जहां गांजा और शराबखोरी देर रात तक चलती है. पार्किंग कर्मी और संचालक तक यहां नशे में धुत्त देखे जा सकते हैं.
3. टाटानगर रेलवे पार्सल में आरपीएफ की तैनाती है लेकिन यहां ऑन डयूटी कर्मचारी भी पार्किंग एजेंसी के संचालक से मिलकर अवैध कमाई करने में लगा है.
4. पार्सल गेट से होकर आम यात्रियों का आवागमन रुपये लेकर कराया जाता है. ट्रेन से उतरने वाले यात्री इस रास्ते से बिना किसी जांच के बाहर निकल जाते हैं. बाहर से भी यात्री स्टेशन में प्रवेश के लिए इस रास्ते का इस्तेमाल धड़ल्ले से करते हैं, जिससे होकर असामाजिक तत्व भी स्टेशन में आसानी से बिना जांच के प्रवेश कर सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा उत्पन्न कर सकते हैं.
5. पार्किंग परिसर में अनाधिकृत रूप से निजी और कॉमर्शियल वाहन (पैसेंजर ऑटो) को प्रवेश पैसे लेकर दिया जाता है जो ट्रेन से उतरने वाले यात्रियों को मेन गेट की जगह अवैध रूप से स्टेशन से बाहर जाने का रास्ता उपलब्ध करा देते हैं.
6. आम यात्रियों के पार्सल गेट से आवागमन कराने के लिए पार्किंग ठेकेदार द्वारा अवैध वसूली करके मेन रोड पर पैसेंजर ऑटो की पार्किंग करा दी जाती है. इस कारण ट्रेन के आने के समय मुख्य सड़क पर जाम की स्थिति बन जाती है.
7. पार्सल पार्किंग ठेकेदार ने सुरक्षा के नाम पर परिसर में सीसीटीवी कैमरा लगा रखा है लेकिन उसका इस्तेमाल वह ब्लैकमेलिंग के लिए करता है. इस तरह उसके द्वारा अवैध उगाही की जाती है.
8. पार्सल पार्किंग संचालक द्वारा यहां स्टॉल लगाकर उन सामानों की बिक्री की जाती थी, जो स्वीकृत नहीं थे. अब उस स्थान पर पार्सल के माध्यम से अवैध रूप से भेजे जाने वाले स्क्रैप और दूसरे सामानों का स्टॉक किया जाता है.
शिकायतकर्ता ने अनुरोध किया है कि शिकायत की गंभीरता से जांच कराकर यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करायी जाये. इसके लिए मैं आपका सदा आभारी रहूंगा. इसकी कॉपी रेल मंत्री, रेल राज्य मंत्री, डीआरएम, कमाडेंट, रेल एसपी जमशेदपुर, विजिलेन्स को भी भेजी गई है. शिकायतकर्ता का नाम गुप्त रखा गया है, तांकि जांच प्रभावित न हो.





























































