विरोध प्रदर्शन को समाप्त कराने आधी रात में खुद आए एसएसपी
एसएसपी पीयूष पांडेय ने उन तीन पुलिस वालों को निलंबित किया जिनके सामने हिमांशु और प्रत्युष को मारा गया था चाकू
हिमांशु की मौत से गुस्साए लोगों ने बिष्टुपुर थाना में जताया विरोध, फिर छह घंटे रीगल गोलचक्कर पर किया सड़क जाम
सिटी एसपी ललित मीणा वार्ता के लिए आए तो उनकी गाड़ी में भी तोड़फोड़, बिष्टुपुर थाना के वाहन का भी टूटा शीशा
भाजपा नेता नीरज समेत 11 लोगों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी, हमला करने वाले आदित्यपुर के दो युवक गिरफ्तार
अब डबल डाउन में देखने को नहीं मिलेगा बार डांसर का नाच, बवाल के बाद प्रशासन ने बार को किया पूरी तरह से सील
पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा बोले कि झारखंड में विधि व्यवस्था इतनी खराब की पुलिस को अपराधी कुछ भी नहीं समझ रहे
कुणाल षाड़ंगी ने डीजीपी से बात की, दोषी पुलिस वालों पर कार्रवाई की बात कही, मनोरंजन के नाम पर बार में डांस पर आपत्ति
फतेह लाइव, रिपोर्टर.
करणी सेना के सरायकेला खरसावां के युवा जिलाध्यक्ष हिमांशु सिंह की सोमवार को टीएमएच में इलाज के दौरान मृत्यु हो गई. शनिवार की रात बिष्टुपुर के डबल डाउन बार में लड़ाई के बाद नीचे सड़क पर सिटी पेट्रोलिंग गाड़ी में आए पुलिस वालों के सामने हिमांशु और प्रत्युष आनंद पर चापड़ से जानलेवा हमला किया गया था. हिमांशु की हत्या के बाद करणी सेना के सदस्यों के अलावा आम युवा भी भड़क गए. पहले बिष्टुपुर थाना के भीतर विरोध प्रदर्शन हुआ. इसके बाद रात 8 बजे सैकड़ों लोगों ने रीगल गोलचक्कर को जाम कर दिया. हालात इतनी तेजी से बिगड़ते चले गए कि पूरा वाकया डीजीपी तदाशा मिश्रा के संज्ञान में आ गया.
इसके बाद एसएसपी पीयूष पांडेय ने उन तीन पुलिस वालों को निलंबित कर दिया जिनकी मौजूदगी में हिमांशु और प्रत्युष पर जानलेवा हमला किया गया था. निलंबित होने वालों में सहायक अवर निरीक्षक (एएसआइ) रतन कुमार दास और राजेश कुमार रंजन तथा आरक्षी मनोज कुमार शामिल हैं. उनके खिलाफ विभागीय जांच की जाएगी. जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी. इसी बीच रीगल गोलचक्कर पर लोगों ने सड़क पर टायर जला दिए. पुलिस वालों की इतनी लानत मलानत की गई कि पूछिये मत. सिटी एसपी ललित मीणा समझाने आए तो बात और बिगड़ गई. यहां तक कि किसी प्रदर्शनकारी ने मुक्का मार कर उनकी गाड़ी का शीशा तोड़ दिया. बिष्टुपुर थाना के बोलेरो गाड़ी का भी गुस्साए प्रदर्शनकारियों ने शीशा तोड़ दिया.
आखिरकार आधी रात को एसएसपी पीयूष पांडेय बिष्टुपुर थाना आए. मृतक के परिजनों से बात की. वायदा किया कि 48 घंटे के भीतर सभी आरोपियों को दबोच लिया जाएगा. मांग उठी कि मृतक की पत्नी को सरकारी नौकरी और एक करोड़ रुपये मुआवजा दिया जाय. एसएसपी बोले कि वे इस बाबत शासन से बात करेंगे. उनकी कोशिश होगी कि इंसाफ हो. इससे पहले डबल डाउन बार के मालिक भाजपा नेता नीरज सिंह, उनके पार्टनर विजय कुमार के अलावा हिमांशु और प्रत्युष पर हमला करने वाले सरायकेला में गम्हरिया के धतकीडीह गांव के रहने वाले सोनू राम सरदार उर्फ सोनू मंडल, विश्वनाथ मंडल, राहुल, राज लोहार, अमित लोहार, अर्जुन लोहार, गणेश लोहार, गणेश लोहार, जमशेदपुर प्रखंड के घाघीडीह इलाके के रहने वाले लखन मार्डी के खिलाफ नामजद केस दर्ज किया गया है. पुलिस ने सोनू राम सरदार और राज लोहार को गिरफ्तार भी किया है. घटना में प्रयुक्त चापड़ भी बरामद किया गया है.
प्रशासन ने देर रात में नियम विरुद्ध संचालन के कारण डबल डाउन बार को पूरी तरह सील कर दिया है. इधर पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने हिमांशु की मौत पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि झारखंड की विधि व्यवस्था इतनी खराब हो चुकी है कि अपराधियों के मन में पुलिस का तनिक भी भय नहीं है. इस घटना में भी यही हुआ है. सत्तारूढ़ दल झामुमो प्रवक्ता कुणाल षाड़ंगी ने डीजीपी तदाशा मिश्रा और एसएसपी पीयूष पांडेय से दूरभाष पर बात की. दोषी पुलिस पर त्वरित कार्रवाई की जरूरत बताई, तो मनोरंजन के नाम पर बार डांसर को नचाने पर आपत्ति भी जताई. खैर, पूरे घटनाक्रम के बीच केस दर्ज होने के बाद नीरज सिंह अंडरग्राउड हो गए हैं. ये वही नीरज सिंह है जिनकी पत्नी ने कुछ महीने पहले मानगो नगर निगम के मेयर का चुनाव लड़ा था. कपाली में भी उनका इसी तरह होटल चलने की अपुष्ट खबर है.
टीएमएच से जैसे ही हिमांशु की मौत की सूचना आई, अचानक शहर का माहौल गर्म हो गया. परिजनों के अलावा करणी सेना के समर्थक टीएमएच पहुंच गए. अस्पताल परिसर में देर शाम तक भारी भीड़ जुटी रही. लोग बेहद गुस्साए हुए थे. करणी सेना के लोगों ने कुछ देर बाद रीगल गोलचक्कर पर सड़क जाम कर दिया. हत्या के आरोपियों की अविलंब गिरफ्तारी और कठोर कानूनी कार्रवाई के अलावा पुलिस की भूमिका की निष्पक्ष जांच की मांग की जाने लगी. प्रदर्शन के दौरान पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई. कुछ प्रदर्शनकारी बिष्टुपुर थाना के अंदर प्रवेश भी कर गए थे.
सिटी एसपी समझाने आए तो उन्हें भी प्रदर्शनकारियों ने घेर लिया. प्रदर्शनकारियों के गुस्सा को भांपने के बाद सिटी एसपी अपनी गाड़ी में बैठ कर निकल गए. दो और पुलिस वाहन पर पत्थर चलाये गए जिससे उनके शीशे टूट गए. इस दौरान आदित्यपुर गोलंबर तक गाड़ियों की लाइन लग गई. एसएसपी के आने के बाद रात एक बजे सड़क जाम समाप्त हुआ. इस बीच कई पार्टियों के नेता भी सक्रिय हो गए. स्टेशन इलाके और जुगसलाई, बर्मामाइंस में रात के अंधेरे में चलने वाले अनैतिक कार्य को रोकने की भी मांग उठाई गई. आखिर इन तीन थाना को छोड़ दें, तो मीडिया में आने के बाद भी वरीय अधिकारियों की चुप्पी खुद उनकी शहर में बिगड़ रही कार्यशैली पर सवाल खड़ा करने वाली है?

