फतेह लाइव, रिपोर्टर. 

उत्तराखंड के राजपुर रोड स्थित सिल्वर सिटी के पास 13 फरवरी को हुए झारखंड के कुख्यात विक्रम शर्मा हत्याकांड में पुलिस और एसटीएफ ने एक लाख रुपये के इनामी एक बदमाश को गिरफ्तार कर लिया है. सहारनपुर से गिरफ्तार हुआ आरोपी यशराज ने शूटरों को फंडिंग की थी. वारदात के बाद से ही आरोपी पश्चिम बंगाल भाग गया था.

दून पुलिस की गिरफ्त में यशराज

वकीलों से सलाह-मशविरा करने के लिए गुपचुप तरीके से सहारनपुर पहुंचा था. एसपी सिटी प्रमोद कुमार ने बताया कि बीते 13 फरवरी को जिम से बाहर निकलते वक्त विक्रम शर्मा की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. इस मामले में डालनवाला थाने में हत्या का केस दर्ज किया गया था  पुलिस पहले ही अक्षत ठाकुर और यशराज के पिता राजकुमार को जेल भेज चुकी है.

इसके बाद फरार छह आरोपियों पर एक-एक लाख रुपये का ईनाम घोषित किया था. मुखबिर की सटीक सूचना पर मंगलवार शाम को दून पुलिस और एसटीएफ ने सहारनपुर के रेलवे रोड स्थित होटल सूर्य लोक के सामने से 23 वर्षीय यशराज सिंह निवासी बागबेड़ा, जमशेदपुर, झारखंड को गिरफ्तार किया. उन्होंने बताया कि एक-एक लाख रुपये इनामी फरार अन्य पांचों आरोपियों की तलाश की जा रही है.

इन पर दून पुलिस ने रखा था इनाम

फ्लाइट से लेकर होटल तक की कराई थी फंडिंग

एसपी सिटी ने प्रमोद कुमार ने बताया कि यशराज टाटानगर रेलवे स्टेशन पर नमकीन और बिस्किट सप्लाई का काम करता था. उसने विशाल सिंह के कहने पर आकाश प्रसाद, अंकित वर्मा, जितेंद्र साहू और मोहित उर्फ अक्षय ठाकुर के साथ मिलकर विक्रम को ठिकाने लगाने की साजिश में शामिल हुआ. यशराज ने ही 12 फरवरी को शूटर आकाश प्रसाद को रांची से दिल्ली आने के लिए फ्लाइट की टिकट के 15 हजार और रास्ते के खर्च के लिए 10 हजार रुपये यूपीआई से भेजे थे. हरिद्वार में शूटरों के होटल और खाने का खर्च भी यशराज ने ही उठाया था. स्कूटर व बाइक के किराये का भुगतान उसके पिता राजकुमार सिंह ने किया था. 

दिल्ली-नोएडा में भी किया था मारने का प्रयास

आरोपियों ने दिसंबर 2025 में भी विक्रम शर्मा को नोएडा और दिल्ली में मारने का प्रयास किया था. भीड़-भाड़ होने के कारण वे सफल नहीं हो सके. इसके बाद अंकित वर्मा को देहरादून भेजकर विक्रम की रेकी कराई गई और जिम आते-जाते वक्त हत्या की योजना तय हुई. घटना वाले दिन यशराज की मां की तबीयत खराब होने के कारण वह देहरादून नहीं आ सका, लेकिन उसने अपने साथियों को अपनी स्कॉर्पियो की चाबी दे दी थी.

ड्राइवर आशुतोष के जरिये की शूटरों की मदद, नहीं थी कोई सीधी दुश्मनी

एसपी सिटी ने बताया कि विक्रम हत्याकांड में शामिल आशुतोष गिरफ्तार हुए यशराज का ड्राइवर रहा है. यशराज अपने इसी ड्राइवर के जरिये शूटरों की लगातार मदद कर रहा था. दिलचस्प बात यह है कि यशराज या उसके साथियों की विक्रम शर्मा से सीधे तौर पर किसी भी तरह की दुश्मनी होने की बात अब तक सामने नहीं आई है. उसने केवल विशाल के कहने पर इस पूरी वारदात को फंड किया था.

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