पत्नी को सरकारी नौकरी की अनुशंसा और फास्ट ट्रैक ट्रायल का लिखित भरोसा, मुख्य आरोपी पर दो लाख का इनाम

एडीजी ने कहा—हर हाल में जल्द गिरफ्तार हों सभी आरोपी, दोनों जिले की पुलिस को किया गया रेस 

फतेह लाइव, रिपोर्टर.

जमशेदपुर में बिष्टुपुर स्थित डबल डाउन बार के बाहर हुए चर्चित हिमांशु सिंह हत्याकांड ने पूरे कोल्हान की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. बार के मालिक सह भाजपा नेता नीरज सिंह इस बार बुरे फंस गए हैं. हत्या के बाद उठे जनआक्रोश, राजनीतिक दबाव और लगातार हो रहे विरोध के बीच प्रशासन को कई अहम फैसले लेने पड़े. एक ओर पुलिस ने फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छह विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित कर पूरे क्षेत्र में छापेमारी तेज कर दी है, वहीं दूसरी ओर पीड़ित परिवार को लिखित आश्वासन देने के बाद ही अंतिम संस्कार का रास्ता साफ हो सका. अब पूरे मामले की निगाह फरार आरोपियों की गिरफ्तारी और तीन जुलाई को प्रस्तावित जमशेदपुर बंद पर टिकी हुई है.

घटना के बाद पुलिस महकमे में बड़ा प्रशासनिक बदलाव भी देखने को मिला. नए वरीय पुलिस अधीक्षक डॉ. एहतेशाम वकारिब ने पदभार संभालने से पहले ही वरिष्ठ अधिकारियों के साथ लंबी समीक्षा बैठक में हिस्सा लिया. एडीजी की अध्यक्षता में हुई करीब दो घंटे की बैठक में हत्या की पूरी घटना की बिंदुवार समीक्षा की गई. अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया गया कि जांच केवल साक्ष्यों के आधार पर आगे बढ़े, ताकि न्यायालय में आरोपियों को कठोर सजा दिलाई जा सके. फरार अपराधियों के खिलाफ वारंट जारी कराने और लगातार छापेमारी करने का भी निर्देश दिया गया.

पुलिस ने मामले में अब तक तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि मुख्य आरोपी विश्वनाथ मंडल उर्फ बोदरा सहित अन्य आरोपियों की तलाश जारी है. मुख्य आरोपी पर दो लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया है. पुलिस की छह एसआईटी पूर्वी सिंहभूम और आसपास के जिलों में लगातार दबिश दे रही हैं.

लिखित आश्वासन के बाद खत्म हुआ गतिरोध

हत्या के बाद सबसे बड़ा विवाद शव के अंतिम संस्कार को लेकर सामने आया. परिजन सरकारी नौकरी, दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई और त्वरित न्याय की मांग पर अड़े रहे. कई दौर की बातचीत के बाद प्रशासन ने मृतक की पत्नी ऋचा सिंह को उनकी शैक्षणिक योग्यता के अनुरूप सरकारी नौकरी के लिए राज्य सरकार को अनुशंसा भेजने, दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई तथा मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराने का लिखित आश्वासन दिया. इसके बाद परिजन शव लेने के लिए तैयार हुए और देर शाम अंतिम संस्कार संपन्न हुआ.

डबल डाउन बार संचालक के घर लगातार छापेमारी

जांच के दौरान पुलिस ने डबल डाउन बार के संचालक एवं भाजपा नेता नीरज सिंह के आवास पर लगातार दूसरे दिन भी छापेमारी की. तलाशी के दौरान मोबाइल के डिब्बे, कुछ दस्तावेज और अन्य सामग्री जब्त की गई. घर के बाहर खड़ी दो गाड़ियों को भी पुलिस अपने साथ ले गई. हालांकि पुलिस ने जब्ती को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक नहीं की है.

घायल प्रत्यूष की हालत अब भी गंभीर

हमले में गंभीर रूप से घायल प्रत्यूष सिंह का इलाज कोलकाता के अपोलो अस्पताल में चल रहा है।.चिकित्सकों के अनुसार उसके शरीर पर चापड़ के लगभग दो दर्जन गहरे घाव मिले हैं. उसकी स्थिति अभी भी गंभीर बनी हुई है और अगले 80 घंटे बेहद महत्वपूर्ण बताए गए हैं.

पूरे शहर में सुरक्षा का अभेद घेरा

हत्या के बाद कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस और प्रशासन ने अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था लागू की. टीएमएच, पोस्टमार्टम हाउस, बिष्टुपुर, मानगो, आदित्यपुर, खरकाई पुल और अंतिम यात्रा के पूरे मार्ग पर अतिरिक्त पुलिस बल, जैप जवान और दंडाधिकारी तैनात किए गए. कोल्हान डीआईजी अनुरंजन किस्पोट्टा स्वयं पूरे घटनाक्रम की निगरानी करते रहे, जबकि दोनों जिलों के उपायुक्त और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी लगातार सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेते रहे.

बंद को लेकर प्रशासन सतर्क

भाजपा समर्थित तीन जुलाई के प्रस्तावित जमशेदपुर बंद और विभिन्न संगठनों के विरोध कार्यक्रमों को देखते हुए पूरे शहर में हाई अलर्ट घोषित किया गया है. संवेदनशील क्षेत्रों में गश्त बढ़ा दी गई है और अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है  प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की किसी भी कोशिश से सख्ती से निपटा जाएगा.

अब आगे क्या?

अब पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल फरार आरोपियों की गिरफ्तारी का है. पुलिस की आधा एसआईटी लगातार छापेमारी कर रही हैं. जांच आगे बढ़ने के साथ चार्जशीट दाखिल होगी और प्रशासन की ओर से किए गए वादों के अनुसार फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई की प्रक्रिया शुरू कराने की कोशिश होगी. वहीं, 3 जुलाई के बंद के दौरान प्रशासन की सबसे बड़ी चुनौती शांति व्यवस्था बनाए रखना और किसी भी अप्रिय घटना को रोकना होगी. पूरे शहर की नजर अब पुलिस की कार्रवाई और इस हाई-प्रोफाइल हत्याकांड में न्याय मिलने की दिशा पर टिकी हुई है.

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