फतेह लाइव, रिपोर्टर.
गोरखपुर में हिंदी साहित्य के सशक्त हस्ताक्षर आचार्य रामचंद्र तिवारी के सुपुत्र पूर्व प्रोफेसर गोरखपुर विश्वविद्यालय प्रोफेसर धर्मव्रत तिवारी और डॉक्टर प्रेम व्रत तिवारी ने सोमवार को गोरखपुर जर्नलिस्ट एसोसिएशन स्थित स्वर्गीय फूलनारायणधर द्विवेदी स्मृति पुस्तकालय में आचार्य रामचंद्र तिवारी द्वारा लिखी गई 20 पुस्तक प्रदान किया.
इस अवसर पर प्रोफेसर धर्म व्रत तिवारी ने कहां की साहित्य का अधिकाधिक प्रचार हो,तभी उसकी सार्थकता होती है. गोरखपुर जर्नलिस्ट एसोसिएशन में पत्रकारों के साथ तमाम प्रबुद्ध नागरिक और बुद्धिजीवी आते हैं.यहां इन पुस्तकों की वास्तविक कदर होगी. इन पुस्तकों में आचार्य द्वारा रचित हिंदी का गद्य साहित्य के 16 वें नवीन संस्करण की प्रति भी प्रदान की गई, जो हिंदी साहित्य का एक अमूल्य धरोहर है.
आभार व्यक्त करते हुए संगठन के अध्यक्ष रत्नाकर सिंह ने कहा की आचार्य प्रवर के साहित्य सृजन ने हिंदी साहित्य को एक विस्तृत आकाश प्रदान किया है. आज उनकी रचित पुस्तकों से संगठन का पुस्तकालय अत्यंत समृद्ध हुआ. इस दौरान संगठन के महामंत्री अरुण कुमार सिंह, वरिष्ठ उपाध्यक्ष श्री मनोज श्रीवास्तव गणेश, नीरज सिंह और दबीर आलम ने प्रोफेसर धर्मव्रत तिवारी का आभार व्यक्त किया.
