अब जेम्को में ऐसे माता पिता के अनाथ हुए बच्चों को पहुंचाई मदद, लोग कर रहे सराहना
फतेह लाइव, रिपोर्टर.
जमशेदपुर के जेम्को स्थित महानंद बस्ती निवासी स्वर्गीय शंभू मेहता का निधन 5 दिसंबर को हो गया था. उनके असमय निधन से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा. स्व. शंभू मेहता अपने पीछे दो मासूम बच्चे एक 8 वर्षीय बेटी और एक 14 वर्षीय पुत्र को छोड़ गए हैं. बच्चों की माता पहले ही उन्हें छोड़कर जा चुकी हैं, जिससे इन नन्हे जीवनों पर जिम्मेदारियों का बोझ और भी भारी हो गया है. परिवार में अब केवल दादी और भुआ ही उनका सहारा हैं.
दुख और अभाव की इस कठिन घड़ी में समाजसेवी रवि जयसवाल मानवता की मिसाल बनकर आगे आए. उन्होंने परिवार को राशन एवं सब्ज़ी की सहायता प्रदान की. यह सहयोग केवल जरूरत की सामग्री तक सीमित नहीं था, बल्कि टूटते हौसलों को थामने, उदास चेहरों पर थोड़ी सी मुस्कान लौटाने और भविष्य के प्रति उम्मीद जगाने का एक सच्चा प्रयास था.
समाजसेवी रवि जयसवाल का यह संवेदनशील कदम यह संदेश देता है कि संकट की घड़ी में समाज यदि साथ खड़ा हो जाए, तो पीड़ा कुछ हल्की हो जाती है. उनके इस मानवीय प्रयास से परिवार को संबल मिला है और समाज में करुणा व सहयोग की भावना और मजबूत हुई है.
बता दें कि रवि जयसवाल झारखंड में समाजसेवा केव लिए चर्चित चेहरे हैं. वे ऐसे अद्भुत व्यक्ति हैं जो समाज के बीच अदृश्य लोगों की मदद करने पहुंच जाते हैं. लोग उनके कार्यों की खूब सराहना कर रहे हैं. अब तक कितने लोगों को वह राहत प्रदान कर चुके हैं यह उन्हें भी नहीं मालूम. बस ऐसा करने से उनके चेहरे की मुस्कान और बढ़ती हुई दिखती है.
