नशामुक्त आनंद कारज और दस्तारधारी बनने का दिया संदेश, आसनसोल भी जायेंगे
फतेह लाइव, रिपोर्टर.
सिख पंथ के 327वें खालसा स्थापना दिवस एवं वैसाखी के पावन अवसर पर झारखंड जमशेदपुर के सिख युवा धर्म प्रचारक एवं विचारक भाई हरविंदर सिंह जमशेदपुरी शहर के विभिन्न गुरुद्वारा साहिबों में विशेष गुरमत समागम के माध्यम से नौजवान पीढ़ी को जागरूक करेंगे। इन समागमों का मुख्य उद्देश्य युवाओं को सिख मर्यादा, नशामुक्त जीवन और सच्चे सिख स्वरूप अपनाने के लिए प्रेरित करना है।
अपने संदेश में भाई हरविंदर सिंह जमशेदपुरी ने जोर देते हुए कहा कि अगर गुरु गोबिंद सिंह जी के सच्चे सिख बनना है तो नौजवान पीढ़ी को अपना मन और तन पूर्ण रूप से समर्पित करना होगा। उन्होंने आगे कहा कि आज के दौर में युवाओं को गुरमत मार्ग पर चलने के लिए आत्मिक दृढ़ता और अनुशासन की सख्त आवश्यकता है।
हरविंदर जमशेदपुरी ने विशेष रूप से आनंद कारज (विवाह संस्कार) पर प्रकाश डालते हुए कहा कि गुरु साहिब को साक्षी मानकर अपना आनंद कारज नशा रहित करें, तभी वैवाहिक जीवन सफल और पवित्र बनेगा। साथ ही उन्होंने युवाओं से “साबत सूरत दस्तारधारी बनने का संकल्प लेने” का आह्वान किया।
वैसाखी के दिन शहर के तीन प्रमुख गुरुद्वारा साहिबों में उनके प्रवचन निर्धारित किए गए हैं। प्रातः 9:45 से 10:45 बजे तक गुरुद्वारा साहिब शहीद बाबा दीप सिंह जी, सीतारामडेरा में, 11:00 से 12:00 बजे तक गुरुद्वारा साहिब संत कुटिया मानगो में तथा दोपहर 12:30 से 1:30 बजे तक गुरुद्वारा साहिब नानक सर टेल्को में वे गुरमत विचारों से संगत को संबोधित करेंगे।
इसके उपरांत अगले दिन वे पश्चिम बंगाल के जमुरिया (आसनसोल) में संगत को गुरमत विचारों से निहाल करेंगे। इन सभी गुरमत समागमों को विशेष रूप से आज की नई पीढ़ी को समर्पित किया गया है, ताकि वे सिख धर्म की मूल शिक्षाओं से जुड़कर एक अनुशासित, नशामुक्त और आध्यात्मिक जीवन की ओर अग्रसर हो सकें।



