• सिंहभूम चैंबर ऑफ कॉमर्स के प्रतिनिधियों के साथ आईबीएम के एआई विशेषज्ञ ने किया संवाद

फतेह लाइव, रिपोर्टर

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के उपयोग से उद्योग और कारोबार में सुधार की संभावनाओं पर चर्चा करने के लिए शनिवार को सिंहभूम चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के सभागार में एक परिचर्चा का आयोजन किया गया. इस कार्यक्रम की अध्यक्षता चैंबर महासचिव मानव केडिया ने की, जिसमें आईबीएम के एआई विशेषज्ञ आदित्य परिहार ने उद्योगों में एआई के प्रयोग के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की. उन्होंने बताया कि एआई का उपयोग करने से उद्योगों के संचालन और कारोबार का विकास न केवल आसान होगा, बल्कि यह कार्यकुशलता को भी बेहतर बनाएगा. उन्होंने यह भी बताया कि एआई का इस्तेमाल हर कार्यक्षेत्र में, जैसे उत्पादन, खरीद, कानूनी प्रक्रियाओं, मानव संसाधन, और वित्तीय प्रबंधन में किया जा सकता है.

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एआई से उद्योगों की कार्यकुशलता में आएगा सुधार

आदित्य परिहार ने स्पष्ट किया कि एआई के द्वारा उत्पादन प्रक्रियाओं की निगरानी और मशीनों की कार्यक्षमता का आकलन किया जा सकता है. उदाहरण के तौर पर, अगर कोई कारखाना उत्पादन प्रक्रिया में है, तो एआई मशीनों की कार्यक्षमता की निगरानी कर सकता है और ऑपरेशनल डेटा का विश्लेषण कर सकता है. इसके अलावा, एआई द्वारा इनवॉइस निष्पादन से लेकर, वेंडरों को संदेश भेजने जैसी कार्यप्रणालियां भी आसान हो सकती हैं, जिससे मानवीय हस्तक्षेप की आवश्यकता नहीं पड़ेगी. टाटा स्टील और टाटा मोटर्स जैसे बड़े उद्योगों में जहां हजारों वेंडर जुड़े होते हैं, एआई उनका प्रबंधन और समन्वय बेहद सरल बना सकता है. इसके साथ ही, कानूनी मामलों में भी एआई कार्य को सुलझाने में मददगार साबित हो सकता है.

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व्यवसाय में प्रतिस्पर्धा और नवीनता लाने में एआई होगा सहायक

आदित्य परिहार ने आगे बताया कि एआई की मदद से संगठन की कार्यशैली को बेहतर और सुव्यवस्थित किया जा सकता है. उदाहरण के तौर पर, नियुक्ति प्रक्रिया, कर्मचारियों को नीति संबंधी जानकारी प्रदान करने, वेतन सहित अन्य कार्यों में एआई की भूमिका अहम हो सकती है. इसके अलावा, वित्तीय प्रबंधन में भी एआई की मदद से निर्णय लेना और गलती की संभावना को समाप्त करना संभव हो सकता है. वेतन और अन्य व्यक्तिगत जानकारी को भी एआई के द्वारा आसानी से प्रोसेस किया जा सकता है, जिससे यह मानवीय त्रुटियों से मुक्त रहता है. इस दौरान चैंबर के अन्य पदाधिकारी पुनीत कांवटिया, विनोद शर्मा, राजीव अग्रवाल, श्रद्धा अग्रवाल, कौशिक मोदी, और सॉफ्टवेयर इंजीनियर सत्यम सिंह ने भी अपने विचार साझा किए.

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