फतेह लाइव, रिपोर्टर .
टाटानगर रेलवे स्टेशन में इन दिनों 60 दिनों की पार्किंग कोटेशन के आधार पर ठेकेदार संदीप शर्मा का नाम गूंज रहा है. इससे पहले राजीव राम की गुंडई जग जाहिर है. उससे पहले भी बहुत ठेकेदार आये और गए. लेकिन यहां स्थानीय वाणिज्य विभाग की अवैध वसूली की बात करते हैं. उधर, बर्मामाइंस सेकेंड एंट्री गेट पर बोगी में बने रेस्टोरेंट के अलावा अधिकारियों की नाक के नीचे ठेले चल रहे हैं. इधर, मेन पार्किंग के आउट गेट पर भी खुलेआम दुकान चलाई जा रही है. इन गेट का नजारा तो किसी से छुपा नहीं है, जो स्टेशन के बाहर सौंदर्यीकरण को बिगाड़ता है. रेलवे बोर्ड का निर्देश है कि स्टेशन के बाहर अतिक्रमण नहीं होना है, लेकिन टाटानगर में इस आदेश की कोई परवाह नहीं करता.
आउट गेट में यह दस्तूर बना हुआ है. इससे रेलवे ठेकेदार तो अवैध मालामाल होते हैं, लेकिन वाणिज्य विभाग भी. इसको झुठलाना गलत नहीं होगा. डीआरएम से ऊपर यहां ठेकेदार बने हुए हैं. स्टेशन पर दाग लगा रहे हैं. सूत्र बताते हैं कि पूरे ठेले से हर रोज अवैध कमाई होती है, जिसका हिस्सा ऊपर तक जाता है.
वरीय अधिकारियो के आने पर सब पर पर्दा स्थानीय अफसर डालते हैं. उन्हें भी स्थानीय अफसर अंधकार में डालते हैं. दो दशक पहले यहां जीएम आते थे, औचक निरीक्षण करते थे, अब यहां वह व्यवस्था नहीं. आपको बता दें कि राजीव राम ठेकेदार के समय आउट गेट के अवैध दुकान के संचालक को गाली गलौज करते हुए ऑडियो भी वायरल हुई थी. अभी भी आउट गेट में खुलेआम नियमों को ताक पर रखकर दुकान चलाई जा रही है, जिस पर इंजीनियरिंग विभाग तक मौन है.




