मुंबई एवं हैदराबाद से झारखंड की तुलना करना भी हास्यप्रद, हाईकोर्ट जाएंगे 

फतेह लाइव, रिपोर्टर.

झारखंड सरकार द्वारा नगर निकायो में 20% होल्डिंग टैक्स बढ़ाए जाने के फैसले का विरोध करते हुए जुगसलाई रेंट पेयर्स एसोसिएसन के अध्यक्ष सरदार शैलेंद्र सिंह ने कहा की इस प्रकरण में झारखंड के जन प्रतिनिधियों का चुप रहना समझ से परे है. लगता है कि जनप्रतिनिधियों ने झारखंड सरकार द्वारा जारी अधिसूचना का अवलोकन नहीं किया है.

सरदार शैलेंद्र सिंह ने स्पष्ट करते हुए कहा कि सरकार द्वारा जारी अधिसूचना के मुताबिक हर दो वर्षों में जमीनों की वैल्यूवेएशन के आधार पर नए सर्किल रेट और सड़क की चौड़ाई पर आधारित 20% टैक्स बढ़ा दिया जाएगा. उदाहरण के तौर पर वर्तमान में जो व्यक्ति 1000 रुपए टैक्स दे रहा है उसे 1200 रुपए देने होंगे और फिर 1 अप्रैल 2028 को  14 20 रुपए देने होंगे. इसी अधिसूचना के आधार पर होल्डिंग टैक्स हर 2 वर्षों में 20% होल्डिंग बढ़ता रहेगा.

उन्होंने कहा सरकारी अधिकारियों की एक टीम मुंबई एवं हैदराबाद गई थी. उनके द्वारा सौंपी गई रिपोर्ट के आधार पर झारखंड सरकार द्वारा अधिसूचना जारी की गई है. मुंबई, हैदराबाद जहां मेट्रो चलती है. उसकी तुलना झारखंड जैसे गरीब राज्य से करने का कोई औचित्य ही नहीं है.

उन्होंने कहा कि जब दो वर्ष पूर्व जुगसलाई के नागरिकों ने इस तीन गुना होल्डिंग टैक्स बढ़ाए जाने का विरोध किया तो उसे दोगुना करके आंशिक सुधार किया गया था. उन्होंने स्पष्ट किया कि इस होल्डिंग टैक्स का विरोध जुगसलाई के नागरिक करते हैं और उच्च न्यायालय में रिट याचिका दायर करेंगे. सिंह ने कहा कि झारखंड सरकार की इस अधिसूचना की छाया प्रति सभी जनप्रतिनिधियों से मिलकर उन्हें सौंपेंगे और सहयोग करने का अनुरोध करेंगे, ताकि उनको सही जानकारी प्राप्त हो सके.

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