नेपाल, बांग्लादेश, श्रीलंका, मलेशिया, थाईलैंड और ऑस्ट्रेलिया के ज्योतिषियों का होगा जुटान, आध्यात्मिक ज्योतिषि की पुस्तक का भी होगा विमोचन
फतेह लाइव, रिपोर्टर.
जमशेदपुर स्थित ज्योतिष शिक्षण संस्थान की विशेषता यह है कि यहाँ ज्योतिष, हस्तरेखा और वास्तु के विषय में छात्रों को जो भी पढ़ाया जाता है. वह सब विज्ञान पर आधारित सूत्रों को अनुसरण करते हुए पाठ्यक्रम में शामिल किया गया है, जो भारतवर्ष में किसी भी संस्था या विश्वविद्यालय में नहीं पढ़ाया जाता है. यह अपने आप में एक अनूठा उदाहरण है. विशेषतः वास्तुशास्त्र का पाठ्यक्रम ज्योतिष और विज्ञान आधारित होने के कारण पूरे भारतवर्ष में इसे एक अलग दर्जा प्राप्त है. इसकी जानकारी बुधवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में आयोजकों की ओर से दी गई.
उन्होंने बताया कि झारखंड राज्य के एकमात्र ज्योतिष शिक्षण संस्थान सेंटर ऑफ एस्ट्रोलॉजिकल स्टडी एंड रिसर्च फॉर पब्लिक वेलफेयर, जमशेदपुर की ओर से आगामी 30 जनवरी से 1 फरवरी तक साकची स्थित होटल केनेलाइट में 32वां एशियाई ज्योतिष सम्मेलन का आयोजन किया गया है. इस सम्मेलन में भारत के भिन्न-भिन्न प्रदेशों से विद्वान ज्योतिषियों के अलावा नेपाल, बांग्लादेश, श्रीलंका, मलेशिया, थाईलैंड और ऑस्ट्रेलिया के ज्योतिषियों की उपस्थिति के कारण सम्मेलन का शोभा वर्धन होगा.
यह सम्मेलन में संस्था की पाठ्यक्रम विषय के अन्तर्गत ज्योतिषियों को अपने पेशा में सफलता प्राप्त करने के लिए आध्यात्मिक ज्योतिष की एक पुस्तक का विमोचन किया जायेगा. ज्ञात हो कि इसके पहले भी ग्रह नक्षत्र संचारिका और हस्तरेखा संजीवनी नाम की पुस्तक इसी संस्था से प्रकाशित की गई है. यह तीनों पुस्तक वर्तमान काल के वैज्ञानिक चिन्तन समग्र ज्योतिषियों के लिये काफी लाभदायक रहेगा।
इस सम्मेलन में प्रथम दिवसीय उदघाटन समारोह का मुख्य अतिथि बिहार राज्य के पूर्व मंत्री डॉ. आलोक रंजन होंगे. द्वितीय दिवसीय सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में झारखंड विधान सभा पोटका के विधायक संजीव सरदार मुख्य अतिथि का आसन अलंकृत करेंगे. वहीं तृतीय दिवसीय समापन समारोह के मुख्य अतिथि बिहार राज्य के पूर्व मंत्री डॉ. आलोक रंजन के कर कमलों से किया जायेगा. इस संवाददाता सम्मेलन में प्रो. एस के शास्री, नरेन्द्र कुमार, डॉ तपन राय, राजेश भारती और नारद मनी न्यूपाणी नेपाल मौजूद थे.
