कहा फौलादी हौसलों के आगे हारी चट्टान, आर्थिक पैकेज के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार की व्यवस्था करे झारखंड सरकार


फतेह लाइव, रिपोर्टर।
उत्तराखंड के उत्तरकाशी सिलक्यारा टनल में 17 दिनों तक फंसे रहने के बाद उत्तराखंड सरकार एवं केंद्र सरकार के भागीरथ प्रयास से सुरक्षित एवं सकुशल वापस डुमरिया अपने घर पहुंचने के बाद डुमरिया में उत्सव जैसा माहौल है। रविवार को पूर्वी सिंहभूम जिले के सभी छ: मजदूरों के सकुशल घर वापसी पर झारखंड भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता सह पूर्व विधायक कुणाल षाडंगी ने मजदूरों के घर जाकर उनका कुशल क्षेम जाना। इस दौरान कुणाल षाड़ंगी ने उनसे काफी बातें की और सभी का स्वागत एवं उपहार भेंट कर सम्मानित किया। इस दौरान मजदूरों ने टनल में बिताये अपने 17 दिनों का अनुभव साझा करते हुए बताया कि दीपावली के दिन सभी 41 मजदूर मिलकर दीपावली मनाने की तैयारी कर रहे थे। कुछ लोगों की ड्यूटी चेंज हो गयी थी। जैसे ही वे आगे निकलने को बढ़े तभी टनल धंस गया और सुरंग पूरी तरह बंद हो गया। इस दौरान हमने हिम्मत कभी नहीं हारी। सभी साथी एक दूसरे का हौंसला बढ़ाते रहे। हमें यकीन था कि हम बाहर जरूर आएंगे। मजदूरों ने बताया कि उत्तराखंड सरकार, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और केंद्र सरकार की मदद के बाद उन्हें काफी राहत मिली।
वहीं, पूर्व विधायक कुणाल षाड़ंगी ने श्रमिकों के घर वापसी पर प्रसन्नता जताते हुए कहा कि लंबे समय तक श्रमिक भाइयों को भय एवं दहशत की जिंदगी गुजारनी पड़ी, लेकिन उनका सुरक्षित बाहर घर आना एक सुखद अनुभूति है, जिसे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर धामी, राहत एवं बचाव कार्य में लगे रेस्क्यू टीम के सदस्यों के प्रति आभार प्रकट करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के कुशल मार्गदर्शन में यह बचाव एवं राहत कार्य सफल हुआ और सभी श्रमिक भाई सुरक्षित बाहर निकाले जा सके। इसके साथ ही, कुणाल षाड़ंगी ने झारखंड सरकार से सभी श्रमिकों को आर्थिक पैकेज देने की मांग की। उन्होंने मांग करते हुए कहा कि झारखंड सरकार सभी श्रमिकों को स्वावलंबी एवं स्वरोजगार से जोड़ने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार देने की व्यवस्था करे ना कि सिर्फ आम तौर पर चल रहे कल्याणकारी योजनाओं के भरोसे घोषणा कर अपना पल्ला झाड़ने का काम करें।
विदित हो कि डुमरिया के टिंकू सरदार, मानिकपुर के रंजीत लोहार, रविन्द्र नायक, गुणाधर नायक, बांकीशोल के समीर नायक एवं कुंडालुका बाहादा टोला के भुक्तू मुर्मू मजदूरी करने गए उत्तराखण्ड के एक टनल में बूरी तरह फंस गए थे। 17 दिनों तक जिंदगी और मौत से जूझने के बाद, केंद्र सरकार के अथक प्रयास से सकुशल निकाले गए थे।
इस दौरान भाजपा प्रदेश प्रवक्ता कुणाल षाडंगी के संग मंडल अध्यक्ष बेहुला नायक, सांसद प्रतिनिधि बसंत मदिना, जिला उपाध्यक्ष हिमांशु मिश्र, पूर्व मंडल अध्यक्ष दिलीप पंडा, महामंत्री किशोर गिरि एवं सुशील बारिक, संजीत महापात्र, जया नायक, सम्बरन पात्र, राधावल्लभ नायक, काशीनाथ नायक सहित काफी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता मौजूद रहे।