उत्तर प्रदेश संघ की वार्षिक आमसभा में डीपी शुक्ला बोले, नीयत सही थी, कुछ गलत हुआ तो माफ करें
फतेह लाइव, रिपोर्टर.
जमशेदपुर में उत्तर प्रदेश संघ की वार्षिक आमसभा रविवार को मोतीलाल नेहरू पब्लिक स्कूल प्रांगण में हुई। इसकी अध्यक्षता संघ अध्यक्ष अखिलेश कुमार दुबे ने की। आमसभा में छह साल पहले चांडिल के गौरी गांव में 4.51 एकड़ सीएनटी एक्ट से प्रभावित जमीन सवा 8 करोड़ में खरीदने का मसला सार्वजनिक हो गया। बताया गया कि उत्तर प्रदेश संघ ने इसकी जांच कराई जिसमें तत्कालीन अध्यक्ष विजय सिंह राणा, सचिव डॉक्टर डीपी शुक्ला और कोषाध्यक्ष देवेश अवस्थी की भूमिका को गलत पाया गया है।
हो हंगामा के बीच डॉक्टर डीपी शुक्ला बोले कि जांच समिति ने उनकी बात कायदे से नहीं सुनी है। उन्हें मौका दिया जाय। सर्वसम्मति से एक और जांच समिति बनाई गई जो एक माह के भीतर विजय सिंह राणा, डॉक्टर डीपी शुक्ला समेत जमीन खरीद मामले से जुड़े और लोगों का पक्ष सुनेगी। इसके बाद उन लोगों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की अनुशंसा करेगी। आमसभा में संघ के 200 में से 110 आजीवन सदस्यों ने भाग लिया। इससे पहले सचिव डॉक्टर डीपी शुक्ला ने वार्षिक लेखा प्रस्तुत किया जो सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया।
राणा ने तर्क दिया कि कोरोना के कारण भूमि लेने से पहले नहीं कराई आमसभा
चांडिल के गौरी गांव में उद्यमी अतुल टांक और उनकी पत्नी की जमीन तत्कालीन अध्यक्ष विजय सिंह राणा और सचिव डीपी शुक्ला ने ली थी। रोचक तथ्य है कि जमीन की राशि अतुल टोंक के बजाय मेसर्स स्पेक्ट्रम इंडस्ट्रियल प्रोजेक्ट प्राइवेट लिमिटेड को हस्तांतरित किया गया। वार्षिक आमसभा में विजय सिंह राणा ने कहा कि कोरोना काल में जमीन लेना था अन्यथा सरकार को टैक्स देना पड़ जाता। जमीन लेने की अनुमति प्राप्त करने के लिए आमसभा इसलिए नहीं बुलाई गई कि उस वक्त कोरोना था।
इस पर आमसभा में सदस्यों ने आवाज उठाई कि कोरोना काल में स्कूल का संचालन ऑनलाइन हो रहा था तो आमसभा ऑनलाइन क्यों नहीं हो सकती थी। बहरहाल, डॉक्टर डीपी शुक्ला बोले कि उनकी नीयत सही थी। यदि जमीन लेने में कोई गलती हुई हो तो वे सबके सामने माफी मांगते हैं। यद्यपि, उनका कहना था कि जांच समिति ने उनका पक्ष नहीं सुना है। उनकी बात भी सुनी जानी चाहिए। इसके बाद आमसभा की सहमति से एक और समिति का गठन किया गया। जांच समिति में अनुराग अग्निहोत्री चेयरमैन, जेबी सिंह, प्रताप भानु सिंह, एचसी तिवारी, अश्विनी रघुवंशी, कमलेंदु शुक्ला और श्रीमती एंजेल उपाध्याय सदस्य बनाए गए।
आमसभा में घोषणा हुई कि मृत या बीमार सदस्यों की जगह स्वजन को दी जाएगी सदस्यता
संघ अध्यक्ष अखिलेश दुबे ने घोषणा की कि मृत या अत्यंत बीमार सदस्यों की जगह उनके स्वजन को संस्था की सदस्यता दी जाएगी, जैसा कि पहले भी किया गया है। आमसभा में एमएनपीएस में विद्यार्थियों की संख्या घटने का सवाल भी उठा। बताया गया कि नई शिक्षा नीति के कारण अब सभी स्कूलों में नर्सरी अनिवार्य हो गया है।
मानगो के बच्चों का दाखिला तुलनात्मक तौर पर कुछ घटा है। जल्द नामांकन बढ़ेगा। सोसाइटी एक्ट में निबंधित उत्तर प्रदेश संघ के वजूद में होते हुए भी उत्तर प्रदेश संघ ट्रस्ट के गठन और उसके औचित्य पर भी सवाल उठाया गया। तय हुआ कि ट्रस्ट को और पारदर्शी बनाया जाएगा और उसका संचालन उत्तर प्रदेश संघ के सदस्यों की सहभागिता से ही किया जाएगा। धन्यवाद ज्ञापन एसएस मिश्रा ने किया।

