फतेह लाइव, रिपोर्टर.
पूर्वी सिंहभूम जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष परविंदर सिंह ने देश भर के पेट्रोल पंपों पर ईंधन की भारी किल्लत और हाहाकार के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा जनता से पेट्रोल-डीजल का इस्तेमाल कम करने की अपील पर कड़ा ऐतराज जताया है। उन्होंने इसे केंद्र सरकार की प्रशासनिक विफलता और संवेदनहीनता का चरम रूप बताया है।
परविंदर सिंह ने कहा कि, “एक तरफ देश भर के पेट्रोल पंपों पर ईंधन नहीं मिलने से त्राहि-त्राहि मची है, लंबी कतारें लगी हैं, और आम नागरिक, किसान, छात्र व कामकाजी वर्ग परेशान हैं। दूसरी तरफ देश के प्रधानमंत्री इस संकट का समाधान निकालने के बजाय जनता को पेट्रोल-डीजल का कम इस्तेमाल करने का उपदेश दे रहे हैं। यह सीधे तौर पर सरकार की नाकामी को छिपाने का प्रयास और पीड़ित जनता के जख्मों पर नमक छिड़कने जैसा है।”
कांग्रेस जिला अध्यक्ष ने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि, “जनता ने बीजेपी को देश चलाने और बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित करने के लिए चुना था, न कि संकट के समय हाथ खड़े कर उपदेश सुनने के लिए। ट्रांसपोर्ट व्यवस्था ठप होने की कगार पर है, जिससे आवश्यक वस्तुओं की कीमतें आसमान छूने लगी हैं। प्रधानमंत्री की यह अपील दर्शाती है कि केंद्र सरकार देश की ऊर्जा सुरक्षा और आपूर्ति तंत्र को संभालने में पूरी तरह से दिवालिया हो चुकी है।”
परविंदर सिंह ने केंद्र सरकार से किये सीधे सवाल
जब देश में ईंधन की कमी थी, तो सरकार ने समय रहते रणनीतिक कदम क्यों नहीं उठाए?
क्या प्रधानमंत्री की यह अपील इस बात का आधिकारिक स्वीकारनामा है कि सरकार भविष्य में भी ईंधन की पर्याप्त आपूर्ति करने में असमर्थ है? क्या आम जनता अपनी आजीविका, खेती और आपातकालीन यात्राएं भी बंद कर दे?
पूर्वी सिंहभूम जिला कांग्रेस कमेटी मांग करती है कि प्रधानमंत्री अपनी इस जनविरोधी और गैर-जिम्मेदाराना अपील को तुरंत वापस ले। केंद्र सरकार देश के सभी पेट्रोल पंपों पर चौबीसों घंटे ईंधन की निर्बाध आपूर्ति बहाल करने के लिए आपातकालीन कदम उठाए। यदि इस अव्यवस्था को तुरंत ठीक नहीं किया गया, तो कांग्रेस पार्टी जनता के अधिकारों के लिए उग्र आंदोलन को बाध्य होगी।



