फतेह लाइव, रिपोर्टर.
जमशेदपु कोर्ट ने धोखाधड़ी एवं मारपीट के एक मामले में प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी अजय कुमार गुड़िया की अदालत में सोनारी में रहने वाले निषाद परिवार के 10 सदस्यों के खिलाफ संज्ञान लिया गया.
सोनारी बी ब्लॉक के मनोज द्वारा दर्ज शिकायतवाद में कदमा अशोक पथ की लकी कुमारी, उसकी मां धीरज देवी, रिश्तेदार राजू निषाद, पूजा देवी, राजवती देवी, सोनारी निवासी दानिश निषाद, फूल कुमारी, दीपक कुमार सिंह, प्रदीप कुमार सिंह और उसकी पत्नी फूलमत देवी के खिलाफ भादवि की धारा 417, 323, 506/34 के तहत संज्ञान लिया गया.

मनोज के अनुसार 22 जनवरी 23 को हिंदू रीति रिवाज के साथ लकी कुमारी के साथ विवाह हुआ, लकी के परिवार वालों ने एक आधार कार्ड दिया था जिसके अनुसार वह बालिग़ थी. कोर्ट मैरिज का आवेदन देना था तो लकी कुमारी ने दूसरा आधार कार्ड एवं जैक बोर्ड का सर्टिफिकेट दिया. इसके अनुसार वह नाबालिग़ निकली, लेकिन दोनों आधार कार्ड का नंबर एक ही था. मनोज ने अपने स्तर से छानबीन की तो पता लगा कि लकी कुमारी का उसके साथ विवाह करने के लिए परिवार वालों ने जाली दस्तावेज तैयार किया था.
मनोज के आपत्ति जताने पर ससुराल वाले आए और लकी कुमारी को ले गए. चार लाख रुपए के जेवर, मोबाइल अपने साथ ले गई. उसके बाद लकी कुमारी ने इंस्टाग्राम में उसकी फोटो डाली और लगातार गंदे शब्दों का इस्तेमाल करती रही. जब उसने ऐसा करने से मना किया तो अभियुक्त उसके घर आए और उसके साथ मारपीट की. अब ससुराल वाले उसे पर दबाव बना रहे हैं कि वह अपने साथ लकी कुमारी को रखे अन्यथा गंभीर परिणाम होंगे.
सोनारी पुलिस द्वारा कार्रवाई नहीं होने पर अदालत की शरण ली. अदालत में पुलिस को प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश किया तो पुलिस ने यह टिप्पणी करते हुए मामला बंद कर दिया कि अभियुक्तों के खिलाफ कोई साक्ष्य नहीं है. इस मामले की सुनवाई अदालत में दोबारा हुई. अधिवक्ता सुधीर कुमार पप्पू एवं बबिता जैन ने पैरवी की और साक्ष्य मिलने पर संज्ञान ले लिया गया एवं उपस्थिति हेतु 20 जनवरी 2026 रखी गई है.


