फतेह लाइव, रिपोर्टर.  

जमशेदपुर में सेंट्रल गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान सरदार भगवान सिंह और महासचिव गुरचरण सिंह बिल्ला ने साइबर क्राइम केस संख्या 13/2025 में सोमवार को प्रतिनिधित्व दाखिल किया। वहीं बीएनएसएस की धारा 223 का जवाब देने के लिए सर्टिफाइड कॉपी मिलने तक अदालत से समय देने का आग्रह किया। जिसे विशेष न्यायाधीश ने स्वीकार कर लिया और सुनवाई की तारीख 19 मई मुकर्रर कर दी। प्रतिवादी पक्ष सेअधिवक्ता पंकज सिन्हा एवं अधिवक्ता उर्वशी सिन्हा ने वकालतनामा दाखिल किया है। इधर सीजीपीसी के प्रधान और महासचिव के अधिवक्ता पंकज सिन्हा ने पुष्टि करते हुए कहा कि कॉपी मिलने पर ही कोर्ट में जवाब दाखिल कर देंगे। यह मामला यौन संबंध बनाने और अंतरंग संबंध का वीडियो बनाने और वायरल करने का है।

पीड़िता ने न्यायालय को बताया कि सेंट्रल गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान गुरमुख सिंह मुखे ने उसका शोषण किया। वह गुरचरण सिंह बिल्ला और भगवान सिंह से मिली। उन्होंने भी शारीरिक शोषण किया और वीडियो बना लिया। इन दोनों आरोपियों के कहने पर उसने गुरमुख सिंह मुखे के साथ संबंध बनाया और उसका वीडियो इन दोनों को दे दिया। इन्होंने मुखे वाले वीडियो को वायरल कर दिया लेकिन वायदे के मुताबिक अपना वीडियो उसे नहीं दिया। उसकी बदनामी हुई है और ऐसे में वह न्यायालय की शरण में आई है।

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