फतेह लाइव, रिपोर्टर.
पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर लॉटरी, मटका और हब्बा-डब्बा का वीडियो जमकर वायरल हो रहा है. वीडियो में ऐसे जुए के अड्डे को संचालक बेखौफ होकर चला रहा है और कोई रोकने वाला नहीं है.ऐसे अड्डे रोजाना 50 हजार से लाख रूपए कमा रहे हैं लेकिन इसमें एक हिस्सा पुलिस, पोलिटिशियन और लाईजनरों का भी है.
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दुमका से लेकर जमशेदपुर तक के कुछ वीडियो कल पत्रकारों द्वारा चलाए जा रहे व्हाट्सएप और ट्विटर पर शेयर हुए तो एक ग्रुप में जुड़े एक बड़े पुलिस पदाधिकारी लेफ्ट हो गये. इससे पत्रकार साथियों में चर्चा होने लगी कि क्या अब पत्रकार पर फर्जी मामले दर्ज किए जाएंगे या जुए के अड्डे पर कार्रवाई होगी? कारण कि चाईबासा में खबर चलाई तो उल्टा पत्रकारों पर ही मामला दर्ज कर लिया गया है.
जमशेदपुर में जुगसलाई, बिष्टुपुर, कदमा, सीतारामडेरा, सुन्दरनगर का गोडा़डीह, गालूडीह का उल्दा मैदान, जादूगोड़ा, पोटका और परसुडीह थाना क्षेत्रों में हब्बा-डब्बा (जुआ) और लॉटरी का खेल धड़ल्ले से जारी है. ऐसे सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में खुलेआम हब्बा-डब्बा खेलते काफी संख्या में युवाओं की टोली दिखाई दे रही हैं. इसके बाद खुलेआम आयोजन से समाज के बुद्धिजीवी एवं शिक्षित युवा वर्ग में काफी नाराजगी देखी जा रही है. थाना क्षेत्र के प्रमुख जगह पर खिलाया जाता है. हब्बा-डब्बा और जुआ के खेल जहां आयोजित हो रहे हैं. वहीं से कुछ वीडियो और तस्वीरें गांव के शिक्षित युवकों ने गोपनीय तरीके से मोबाईल में कैद कर वायरल कर दिया. उन्होंने ऐसे जुआ पर पूर्ण रुप से प्रतिबंध लगाने का आग्रह पुलिस-प्रशासन से कई बार पूर्व में भी किया है, ऐसा बताया जा रहा है.
सूत्रों की मानें तो संचालक और पुलिस की मिलीभगत है
सुंदरनगर में हब्बा-डब्बा का मुख्य संचालक विक्की साहू,दारा साहू, बिनोद यादव और पापा गुईया है जो घोड़ाडीह, तालसा, कुकराडीह, ब्यांग्यबिल और कदमडीह में अलग-अलग टीम बनाकर हब्बा-डब्बा (जुआ) संचालित करवा रहे हैं. वहीं सुंदरनगर के निवासी विक्की साहू की बात करें तो विक्की साहू और उनके सहयोगी सुबह-शाम थाना पहुंचकर सांथ-गांठ से खुलेआम मेले की आड़ में मुर्गा पाड़ा और हब्बा डब्बा खेलवा रहे हैं. जहां गांव के भोले-भाले लोग गंवा रहे अपनी गाढ़ी कमाई. गांव के युवकों का कहना है कि पूर्व में भी कई बार अखबारों और न्यूज चैनलों पर समाचार प्रकाशित हुए हैं, लेकिन पुलिस की छापामारी नहीं होती उल्टे पत्रकारों को मैनेज करने को कहा जाता है. जो पत्रकार मैनेज नहीं होते उन पर फर्जी केस दर्ज कर लिया जाता है.
गांव से लेकर शहर तक सट्टा ही सट्टा
झारखंड में गांव तो गांव शहरों में भी इसी तरह सट्टा ही सट्टा बाजार सज गए हैं. जमशेदपुर में जुगसलाई के धवल और मिंटू नामक दो युवकों की पार्टनरशिप में अलग-अलग इलाकों में चार लॉटरी के अड्डे चलाए जा रहे हैं. एक महीने पहले जब खबरें और वीडियो ट्विटर पर वायरल हुई तो छापामारी भी हुई, लेकिन फिर सब कुछ मैनेज हो गया. इसी तरह बिष्टुपुर चुना बाबा मजार जैसे धार्मिक स्थल के पास तो 20 साल से लगातार कदमा निवासी इरफान सटोरिया और बिष्टुपुर के राकेश खटिक का अड्डा युवाओं की पाकिट पर लूट मचा रखा है. सेटिंग ऐसी कि रूलिंग पार्टी के नेता के विरोध के बावजूद कोई रोक न पाया और क्या मजाल कि कोई छापामारी कर दे आखिर पुलिस और बड़के नेताजी का संरक्षण जो प्राप्त है. सबको हिस्सा मिलता रहेगा तभी तो ऐसा धंधा 20 साल से पनप रहा है और इरफान जैसे सैकड़ों धंधेबाज झारखंड के विभिन्न जिलों में पुलिस के संरक्षण में ठगी कर खांटी लखपति बन गये हैं.
झारखंड के प्रायः सभी जिलों में जुए अड्डे संचालित
झारखंड के लगभग सभी जिलों में ऐसे धंधों की बाढ़ आई हुई है और आए दिन जब खबरें प्रकाशित होती हैं तो दिखावे मात्र के लिए इक्का-दुक्का छापेमारी हो जाती है. हाल ही में पुलिस ने मुख्यमंत्री की गंभीरता के बाद जिस तरह से नशे के खिलाफ अभियान चलाया वैसे ही इस धंधे पर भी मुख्यालय का चाबुक चलने पर ही कुछ होगा. इस अवैध धंधों के कारण घरेलू हिंसा, चोरी व अन्य अपराध को बढ़ावा मिलता हैं. जुआ संचालन स्थल पर अवैध शराब व अन्य नशापान का कारोबार भी तेजी से फल-फूल रहा है,जिसका शिकार युवा हो रहें है.
खबर चलाई तो पत्रकारों पर ही दर्ज कर लिया केस
चाईबासा में आज भी खुलकर लॉटरी का खेल चल रहा है जिसकी सूचना पिछले दिनों पत्रकारों ने डीआईजी कोल्हान को भी दी है. पत्रकारों ने डीआईजी को बताया कि खबर लिखने पर हमारे ऊपर फर्जी मामला दर्ज कर लिया गया और आज तक अनुसंधान के नाम पर उसे ठंडे बस्ते में डाल दिया गया.इस मामले को लेकर न्यायालय से दो पत्रकारों को जमानत लेनी पड़ी और फिर मीडिया की ही आवाज दबा दी गई.अब पत्रकार कभी डीआईजी, कभी एसपी तो कभी थानों का चक्कर लगा रहे हैं. अब पत्रकारों ने पुलिस की इस घिनौनी करतूत के खिलाफ हाईकोर्ट की शरण लेने का मन बना लिया है.
विधानसभा में उठाया जाएगा मामला
झारखंड में गत तीन वर्षों से चल रहे इस मटका, लॉटरी और हब्बा-डब्बा जैसे जुए के इस बड़े स्कैम पर राज्य के एक विधायक ने अब विधानसभा में भी सवाल पूछने का मन भी बना लिया है. पत्रकारों पर दर्ज झूठे मामले के बाद पत्रकारों की अग्रणी संस्था AISMJWA की पहल पर अब पूरे झारखंड में पत्रकारों में उबाल हो गया है, जिससे बहुत जल्द विरोध प्रदर्शन भी शुरू होने वाला है.इतना ही नहीं इस पर एक विधायक पत्रकार साथियों के समर्थन में जल्द विधानसभा में सवाल दागने वाले हैं.
