टेल्को में दुर्गापूजा के दौरान रंजीत हत्याकांड में फरार गणेश सिंह समेत तीन को पुलिस ने भेजा जेल, गणेश सिंह ने खोले राज

फतेह लाइव, रिपोर्टर.

जमशेदपुर के टेल्को में हुए रंजीत सरदार हत्याकांड मामले में फरार चल रहे आरोपी गणेश सिंह समेत तीन को पुलिस ने मंगलवार को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया. गणेश की गिरफ्तारी कल सोमवार देर रात उस वक्त की गई जब वह कोलकाता से सड़क मार्ग से जमशेदपुर आ रहा था. इस दौरान उसके साथ मौजूद रवि जायसवाल और अमन सिंह को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया. पुलिस ने कार से एक हथियार भी बरामद किया है, जिसका लाइसेंस नागालैंड से लिया गया है. दो मैगजीन, 18 जिंदा गोली और 8 मोबाइल भी बरामद किया गया है. रवि जायसवाल पर गोलमुरी नेहरू कॉलोनी निवासी राहुल छाबड़ा पर फायरिंग करवाने का आरोप लगा था.

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हालांकि, इस मामले में जांच के दौरान उसका नाम हटा दिया गया. वहीं अमन पर टाटानगर स्टेशन पार्किंग में नीरज दुबे पर फायरिंग करने समेत अन्य मामले दर्ज है. मंगलवार को मामले का खुलासा करते हुए एसएसपी ने बताया कि गणेश सिंह टेल्को में रंजीत हत्याकांड मामले में फरार चल रहा था. इसके अलावा उसके खिलाफ कई मामले दर्ज है. गुप्त सूचना मिली थी कि गणेश जमशेदपुर आ रहा है. तभी पतरू टोल प्लाजा के पास उसे पुलिस की विशेष टीम ने पकड़ लिया.

गणेश के ब्लैक मनी को व्हाइट करता था रवि
पूछताछ में गणेश ने पुलिस को बताया कि रवि जायसवाल उसके ब्लैक मनी को व्हाइट करता था. इसके अलावा रवि उसे फरारी के दौरान पनाह देने में मदद करता था. फरारी के दौरान वह कोलकाता में रवि जायसवाल के घर ही रुकता था. उसने पुलिस को बताया कि वह साल 2016 में मारपीट मामले में जेल गया था. मामला राजनीति से जुड़ा था इसलिए लोग उसे पहचानने लगे. इसके बाद उसने जेल से आकर कई अवैध धंधों में हाथ डाला. पूछताछ में गणेश ने बताया कि वे लोग कोलकाता में छिपे हुए थे. मंगलवार को रवि जायसवाल की पत्नी का जन्मदिन था, जिसको लेकर वे लोग रवि की कार से सड़क मार्ग से जमशेदपर आ रहे थे. इसी दौरान पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया.

कोयला, स्क्रैप समेत अन्य अवैध कारोबार में आजमाया हाथ
गणेश ने बताया कि जेल से आने के बाद उसने कोयले का कारोबार शुरू किया. इसके अलावा उसने स्क्रैप का कारोबार भी किया, जिसमे कई लोगों की हिस्सेदारी थी. बर्मामाइंस लोडिंग साइड में भी उसका ठेका चलता था, जिसमे कई लोग हिस्सेदार थे. रेलवे स्टेशन पर भी उसके कई ठेके चलते थे. गणेश ने बताया कि कई लड़के उसके लिए काम करते हैं. जमीन के कारोबार में कई लड़के उसकी मदद करते हैं.

गणेश सिंह के खिलाफ दर्ज हैं कई आपराधिक मामले
गणेश सिंह के खिलाफ जिले के कई थानों में आपराधिक मामले दर्ज हैं. इसमें उलीडीह थाना और मानगो में दर्ज मामलों में चार्जशीट दाखिल को जा चुकी है. वहीं टेल्को रंजित हत्याकांड में पुलिस ने गणेश सिंह के घर इश्तहार चिपकाया था. इसके अलावा एमजीएम थाना में रंगदारी मांगने का मामला दर्ज है, जिसके खिलाफ पुलिस जल्द ही चार्जशीट दाखिल करेगी. वहीं जरमुंडी थाना में अमरनाथ की हत्या मामले में भी गणेश सिंह आरोपी है.

कौन है गणेश सिंह
गणेश सिंह ने पुणे की एक यूनिवर्सिटी से एमबीए की पढ़ाई पूरी कि और फिर एक बैंक में नौकरी करने लगा. नौकरी में मन नहीं लगने पर वह साल 2010 में जमशेदपुर वापस आ गया और जहां जमीन के कारोबार से जुड़ गया. पहली बार गणेश सिंह तब सुर्खियों में आया जब साल 2016 में मारपीट का एक मामला दर्ज हुआ. इसके बाद जमीन विवाद को लेकर उसने अमरनाथ सिंह के भाई शक्ति सिंह पर गोली चलाई थी. जवाब में कुछ दिनों बाद ही अमरनाथ सिंह ने भी गणेश के भाई प्रशांत पर गोली चलाई थी. यहीं से दोनों की बीच दुश्मनी शुरु हुई. दोनों गिरोह के बीच कई बार गैंगवार भी हुआ.

अमरनाथ सिंह परमजीत गिरोह से जुड़ा था जबकि गणेश सिंह को गैंगस्टर अखिलेश सिंह का संरक्षण प्राप्त था. इसी बीच अमरनाथ सिंह ने मानगो में जमीन कारोबार का धंधा शुरु किया. लेकिन गणेश सिंह ने अमरनाथ के इस धंधे को बंद करवा दिया. 2017 में पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया. दोनों ने पुलिस के समक्ष समझौता किया कि दोनों अब एक दूसरे पर वार नहीं करेंगे. लेकिन दोनों के बीच दुश्मनी कम नहीं हुई. जेल से निकलने के बाद दोनों फिर से एक दूसरे के जान के दुश्मन बन गए. 2018 में गणेश सिंह गिरोह के राहुल पर मानगो के बैकुंठनगर में फायरिंग की गई थी. अमरनाथ गिरोह के सदस्यों ने राहुल को चार गोली मारी थी. 2021 में पुलिस ने अमरनाथ गिरोह के करीब 15 सदस्यों को भारी मात्रा में हथियार के साथ परसुडीह के गदड़ा से गिरफ्तार किया था. सभी गणेश सिंह की हत्या की योजना बनाते हुए पकड़े गए थे. इसी बीच साल 2022 में रंजित सरदार की हत्या कर दी गई.

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