फतेह लाइव, रिपोर्टर.
जमशेदपुर में डी.बी.एम.एस.कॉलेज ऑफ़ एजुकेशन के ईको क्लब के द्वारा पृथ्वी दिवस के अवसर पर पर्यावरण संरक्षण और स्थिरता का प्रति जागरूकता फ़ैलाने के लिए विभिन्न प्रकार के कार्यक्रम आयोजित किये गए. इस कार्यक्रम में शहर के 7 महाविद्यालयों ने भाग लिया. कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण नाटक एवं वाद-विवाद प्रतियोगिता थी. कार्यक्रम की निर्णायक भूमिका में अन्नी अमृता एवं पूनम महानंद थी.
निर्णायक अन्नी अमृता ने कहा कि हमें जमशेदपुर शहर के आस पास के गांव जाकर देखना चाहिए कि बिना म्युनिसिपालिटी के, बिना मेयर के कितनी सफाई से लोग मिट्टी के घरों में भी रहते हैं. पूनम महानंद ने भी निर्णायक की महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और छात्रों को पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रेरित किया.
औद्योगिक शहर जमशेदपुर के लिए बहुत बड़ी चुनौती है पर्यावरण और प्रकृति को बचाकर रखना. कॉलेज की प्राचार्या डॉ.जूही समर्पिता ने कहा कि इस दिवस का विशेष महत्व है, क्यूँकि कहीं न कहीं अपनी धरती को बचाना है. अगर हम अपनी धरती को न बचा पाएं तो हमारा अस्तित्व एवं हमारी आने वाली पीढ़ियों का अस्तित्व नहीं बचेगा. कॉलेज की उप-प्राचार्या डॉ. मोनिका उप्पल ने विश्व पृथ्वी दिवस के महत्व को बताते हुए कहा कि प्रकृति के पांच तत्व यथा धरती, जल , अग्नि, वायु एवं आकाश हम सभी को कुछ न कुछ देती है. अतः हमारा कर्तव्य बनता है कि हम हमारे प्रकृति के संरक्षण के लिए हर संभव प्रयास करें.
नाटक प्रतियोगिता में प्रथम स्थान अंजलि कुमारी, अर्तिका ज्योति, तनिष्का यादव, गुड़िया कुमारी, नवनीत कौर, ईशा कुमारी, द्वितीय पुरस्कार अदिति कुमारी, आकांक्षा दास, मुस्कान छाबरा, निशा भट्टाचार्जी, सुप्रीति दास और तृतीय पुरस्कार नेहा मित्तल, निकिता तिर्की , अंजलि मंडल, तनुश्री दास, मौमिता चक्रबर्ती सेन, प्रियंका पोद्दार को दिया गया.
वाद -विवाद प्रतियोगिता में प्रथम टीम पुरस्कार रंभा कॉलेज ऑफ़ एजुकेशन, द्वितीय टीम पुरस्कार डी.बी.एम.एस.कॉलेज ऑफ़ एजुकेशन को मिला. प्रथम वक्ता रंभा कॉलेज के नित्या झा और द्वितीय वक्ता ग्रेजुएट कॉलेज के प्रियंका तिवारी को मिला. पूरा कार्यक्रम कॉलेज की शिक्षिका सुश्री मौसमी दत्ता के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ. इस अवसर पर कॉलेज की सचिव श्रीप्रिया धर्मराजन, सह-सचिव सुधा दिलीप एवं कॉलेज की सभी शिक्षिकाएं, कर्मचारी उपस्थित थे.

