फतेह लाइव, रिपोर्टर.
हाल ही में बाबर खान द्वारा दिए गए उस बयान, जिसमें भगवा के संदर्भ में कठोर एवं अपमानजनक शब्दों का प्रयोग किया गया, को लेकर सनातन उत्सव समिति ने कड़ा एतराज़ दर्ज कराया है। समिति के संस्थापक चिंटू सिंह ने कहा कि भगवा किसी व्यक्ति, दल या चुनावी प्रतीक से जुड़ा विषय नहीं है, बल्कि यह भारत की सनातन सांस्कृतिक परंपरा, त्याग और राष्ट्रबोध का प्रतीक है। ऐसे प्रतीक के प्रति अमर्यादित भाषा का प्रयोग न केवल अनुचित है, बल्कि यह सामाजिक सद्भाव और संवैधानिक मूल्यों के भी विपरीत है।
चिंटू सिंह ने स्पष्ट किया कि लोकतंत्र में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का अधिकार संविधान द्वारा प्रदत्त है, किंतु यह अधिकार किसी भी समुदाय, आस्था या सांस्कृतिक प्रतीक के अपमान की छूट नहीं देता। विशेषकर चुनावी समय में इस प्रकार के बयान आदर्श आचार संहिता की भावना के भी प्रतिकूल माने जा सकते हैं। उन्होंने प्रशासन से अपेक्षा जताई कि विधिसम्मत प्रावधानों के तहत ऐसे बयानों पर आवश्यक संज्ञान लिया जाए, ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति या समूह समाज में अनावश्यक तनाव उत्पन्न करने वाले वक्तव्य देने से बचे।

