Jamshedpur : भारत का रेल मंत्री कौन, अगर फीता खुद काटते हैं, तो रेल दुर्घटना के समय कहां छुप जाते है, उसकी जिम्मेवारी कौन लेगा, एक झंडा दिखाने के लिए कई करोड़ों रुपये खर्च करना जनता के पैसे की बर्बादी है : संजीव

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फतेह लाइव, रिपोर्टर.

आने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर जिस तरह से मोदीजी और पूरी भाजपा हताश होकर हेमंत सरकार के सामने अपना विवेक खो बैठी है. इससे साफ पता चलता है कि आने वाले चुनाव में एक बार फिर राज्य की जनता हेमंत सोरेन को मुख्यमंत्री बनाने की तैयारी में है. आज युवा कॉंग्रेस के प्रदेश महासचिव संजीव सिंह ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर भाजपा के बड़े नेताओं से सीधा सवाल पूछा है कि क्या अब इस देश में रेल मंत्री का पद समाप्त हो गया है. जहां भी नए रेल का उद्घाटन होता है मोदीजी अपने सभी कामों को छोड़कर झंडा दिखाने आ जा रहे हैं.

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उन्हें जरा भी इस बात का फिक्र नहीं है कि हमारा देश किस तरह से लगातार हर क्षेत्र में पीछे की ओर जा रहा है. पर उन्हें केवल अपने चेहरे को टीवी पर दिखाने का शौक है. झंडा दिखाने जिस तरह से खुद जाते हैं ट्रेन दुर्घटना में भी उन्हें अवश्य जिम्मेवारी लेकर दुर्घटनास्थल पर जाना चाहिए. हाल ही में इतने रेल हादसे हुए पर कहीं भी मोदीजी नजर नहीं आए.

आज जिस तरह से प्रधानमंत्री के कार्यक्रम को लेकर टाटा नगर स्टेशन से बिष्टुपुर तक सड़क किनारे बसे छोटे दुकानदारों को हटाया गया और उनकी रोजी रोटी को नुकसान पहुंचाया गया यह दर्शाता है कि मोदीजी को गरीबो से कोई हमदर्दी नहीं है, वह गरीबो की असली सच्चाई को देखना ही नहीं चाहते हैं. उन्हें बस हाई प्रोफाइल जीवन शैली के लोग उन्हें पसंद है. भाजपा की यही सोच है कि गरीबी नहीं गरीबो को हटाओ.

युवा कॉंग्रेस मांग करती है कि मोदीजी आप जरा अपने बाकी के मंत्रियों को भी यह अवसर प्रदान करे कि जिससे वो अपने आप को मंत्री साबित कर सके ना कि पिछलग्गू बने रहे. मोदी जी का जमशेदपुर आगमन बस एक चुनावी यात्रा है इससे ज्यादा कुछ नहीं.

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