फतेह लाइव रिपोर्टर.
पत्रकारिता की कर्मभूमि कहे जाने वाले जमशेदपुर में एक और पत्रकार ने दवा व इलाज के अभाव में सरकारी अस्पताल एमजीएम में तड़प-तड़पकर दम तोड़ दिया. सुंदरनगर निवासी विनोद दास लंबे समय से बीमार चल रहे थे. उनका इलाज एमजीएम अस्पताल में चल रहा था. जमशदेपुर व कोल्हान के विभिन्न अखबारों में काम कर चुके विनोद दास के पास अंतिम समय में इलाज के लिए न संसाधन थे, न ही किसी संगठन अथवा पक्ष से उन्हें आपेक्षित सहयोग मिल सका.
यह दु:खद व कड़वी हकीकत बनकर सामने आई है कि शहर में एक पत्रकार दवा व इलाज के अभाव में चल बसा. सोशल मीडिया में एक वरिष्ठ पत्रकार ने इस पर अफसोस जताते हुए अपनी पीड़ा इस तरह जाहिर की है. ”… अफसोस कि शहर का एक और पत्रकार दवा और इलाज के अभाव में दम तोड़ दिया। ईश्वर विनोद दा.. को अपने चरणों में स्थान दें। ओम शांति।” जीवन भर सच व सच की सहज अभिव्यक्ति के लिए जीने वाले किसी पत्रकार के जीवन का दु:खद अंत उन लोगों को सवालों के घेरे में खड़ा कर गया, जो पत्रकारिता व पत्रकारों के नाम पर संगठन का झंडा बुलंद कर रहे हैं.
शहर में विभिन्न पाक्षिक अखबार, वेब चैनल व पोर्टल से जुड़े लोगों में विनोद दास के निधन पर गंभीर चिंता दिखी. चर्चाओं में यह सवाल उठाया गया कि अगर क्या विनोद दास किसी दैनिक अखबार से जुड़े होते तो उनके साथ यह स्थिति हुई होती ? वर्तमान में बड़े मीडिया हाउस से जुड़े कई पत्रकार लगातार टीएमएच व बड़े अस्पताल में रियायत व नि:शुल्क इलाज का लाभ ले रहे हैं. अब इन संगठनों के जुड़े लोग विनोद दास के निधन पर सोशल मीडिया में सक्रिय हो गये हैं. श्रद्धांजलि देने वालों का तांता लग गया है.