फतेह लाइव, रिपोर्टर. 

जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय ने कहा कि मानगो पेयजल परियोजना बदइंतज़ामी का शिकार होकर दम तोड़ने की दिशा में अग्रसर है। इसके मरम्मत और देखभाल की व्यवस्था शीघ्र नहीं हुई तो ₹125 करोड़ से अधिक की लागत से क्रियान्वित यह महत्वाकांक्षी परियोजना बैठ जाएगी।

यहां जारी एक बयान में सरयू राय ने कहा कि जमशेदपुर पश्चिम से पुनः विधायक निर्वाचित होने के उपरांत क़रीब डेढ़ वर्ष पहले उन्होंने इस परियोजना की गहन समीक्षा की। मानगो नगर निगम, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के अभियंताओं एवं सचिव, परियोजना का संचालन कर रही एजेंसी की कई बैठकें हुई। विभागीय सचिव ने विभाग के यांत्रिक एवं असैनिक अधीक्षण अभियंताओं की जांच समिति गठित किया। इंटेकवेल, वाटर ट्रीटमेंट प्लांट एवं टंकियों के लिए नए मोटर पंपों की खरीद हुई। पृथ्वी पार्क की बंद पडी पानी टंकी को चालू किया गया।

बालीगुमा पानी टंकी को चालू करने में एनएच 33 पर बन रहे ऊपरी पुल के संदर्भ में एनओसी प्राप्त किया गया। ट्रीटमेंट प्लांट से हो रही पेयजल वितरण व्यवस्था में सुधार करने का निर्णय हुआ। मोहल्लों में बिछाए गए पाईपलाईन की विसंगतियों को ठीक करने का निर्णय हुआ। इसी बीच मानगो पेयजल परियोजना का हस्तांतरण पेयजल एवं स्वच्छता विभाग से मानगो नगर निगम को करने का काम शुरू हुआ और उपर्युक्त कार्य शिथिल हो गए। फिर नगर निगम का चुनाव होने लगा।

राय के अनुसार, समीक्षा के दौरान यह तथ्य उभरकर सामने आया कि इंटकवेल में क़रीब 10 फ़ीट ऊँचा बालू और मिट्टी भर गया है जिससे इसकी जल खींचने की क्षमता कम हो गई है। इंटकवेल से बालू और मिट्टी हटाने का काम शुरू हुआ, परंतु अभी भी क़रीब 5 से 6 फ़ीट तक बालू और मिट्टी वहाँ भरा रह गया है।

सरयू राय के अनुसार, कल (29 अप्रैल को) उन्होंने पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के कार्यपालक अभियंता और मानगो नगर निगम के उप नगर आयुक्त से इस संबंध में वार्ता की और उन्हें बताया कि नदी से इंटकवेल तक पानी ले जाने वाले पाइपों में भी बालू और मिट्टी भर गया है। उसकी सफ़ाई नहीं हुई तो किसी भी दिन परियोजना का परिचालन बंद हो सकता है और परियोजना बैठ जा सकती है। उन्होंने जांचोपरांत इसकी सफ़ाई कराने का आश्वासन दिया तो राय ने उन्हें बताया कि यह सफ़ाई सामान्य उपायों से नहीं हो सकती। इसके लिए इंडस्ट्रियल पाइप क्लीनिंग की क्षमता एवं अनुभव रखने वाली एजेंसी की सहायता लेनी होगी।

राय के अनुसार, उन्होंने उन्हें यह भी बताया कि राय की सलाह पर कुछ माह पहले मानगो नगर निगम ने एक सक्षम इंडस्ट्रियल पाईप क्लीनर से संपर्क कर इस काम का परिमाण एवं प्राक्कलन भी तैयार किया है पर आगे की कार्रवाई नहीं हो पाई। यदि नदी से इंटकवेल तक पानी पहुँचाने वाले पाइपों में भर गए बालू और मिट्टी की सफ़ाई शीघ्र नहीं हुई तो किसी भी दिन परियोजना बंद होने की नौबत आ सकती है। इस मद में उपेक्षा घातक सिद्ध होगी।

बयान में सरयू राय ने 29 अप्रैल के समाचार पत्रों में छपी एक खबर का हवाला दिया कि पूर्वी सिंहभूम के उपायुक्त ने चांडिल डैम से स्वर्णरेखा नदी में पानी छोड़ने के लिए कहा है ताकि नदी का प्रदूषण कम हो सके और मानगो पेयजल परियोजना के इंटकवेल के सामने नदी में पानी का जलस्तर उपर उठ सके। इस बारे में सरयू राय ने तत्काल पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के कार्यपालक अभियंता, स्वर्णरेखा के मुख्य अभियंता और मानगो नगर निगम के उप नगर प्रशासक से इस बारे में बात की और उन्हें बताया कि ऐसी जुगाड़ तकनीक से मानगो पेयजल परियोजना को नहीं चलाया जा सकता।

इस बारे में पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के कार्यपालक अभियंता का विचार तकनीक पर नहीं बल्कि जुगाड पर केंद्रित लगा जो कि दुर्भाग्यपूर्ण है। राय के अनुसार, गत डेढ़ वर्ष की कोशिश के दौरान कुल मिलाकर वह इस निष्कर्ष पर पहुंचे हैं कि मानगो पेयजल परियोजना के संबंध में ‘एक अंधा ही दूसरे अंधे को राह दिखा रहा है’ वाली कहावत चरितार्थ हो रही है।

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