फतेह लाइव, रिपोर्टर. 

शिरोमणि शहीद बाबा जीवन सिंह एवं भलाई ट्रस्ट के चेयरमैन इतिहासकार जसवंत सिंह, जिन्होंने बाबा जीवन सिंह के इतिहास को जन-जन तक पहुंचाने का काम किया. उनका देहांत 20 अप्रैल को चंडीगढ़ के अस्पताल में बीमारी के उपरांत हो गया था. उनकी पकड़ पूरे देश के सिख संगत में थी. झारखंड में भी उन्होंने सिखों में हजारों की संख्या में सिख इतिहास के पुस्तक बांटी थी.

उनकी अंतिम अरदास में  रंगरेटा महासभा के प्रधान भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के जिला अध्यक्ष मंजीत सिंह गिल पहुंचे. श्रद्धांजलि संबोधन में कहा कि जसवंत सिंह सिंह जैसा कौम का हीरा ना अभी तक पैदा हुआ और ना होगा, क्योंकि जिस तरह सोई हुई कौम को जसवंत सिंह ने अपने कलम और अपनी मेहनत के बदौलत जगाया है. पूरी कौम उनकी ऋणी रहेगी.

अब हम सब का यही कर्तव्य है कि उनके किए हुए अधूरे काम को पूरा करने की जिम्मेदारी निभानी चाहिए. अंतिम अरदास में पूरे देश से हर एक राज्य से उनके चाहने वाले पहुंचे थे और पूरे पंजाब की अलग-अलग जत्थे बंदियों के प्रमुख भी उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए पहुंचे थे.

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